भारत ने फिर शुरू किया ईरान से तेल आयात, मंत्रालय ने खारिज की अफवाहें
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भारत ने फिर शुरू किया ईरान से तेल आयात, मंत्रालय ने खारिज की अफवाहें

2019 के बाद पहली बार भारत पहुंचा ईरानी तेल का कार्गो। मंगलुरु पोर्ट पर 44 हजार टन LPG भी उतरी। मंत्रालय बोला- पेमेंट को लेकर कोई समस्या नहीं, खबरें गलत हैं।


Israel Iran War : मिडिल ईस्ट में जारी भीषण युद्ध और होर्मुज जलडमरूमध्य में मचे व्यवधान के बीच भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक फैसला लिया है। पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने शनिवार को पुष्टि की कि भारतीय रिफाइनरियों ने ईरान से कच्चे तेल की खरीद शुरू कर दी है। मई 2019 के बाद यह पहली बार है जब भारत ने तेहरान से तेल का कार्गो प्राप्त किया है। मंत्रालय ने उन खबरों को भी सिरे से खारिज कर दिया है जिनमें कहा जा रहा था कि भुगतान की समस्याओं के कारण ईरानी तेल की खेप को भारत से चीन डाइवर्ट कर दिया गया है।


मई 2019 के बाद पहली बार ईरानी तेल की एंट्री
अमेरिका द्वारा ईरान पर लगाए गए प्रतिबंधों के बाद भारत ने मई 2019 से ईरानी तेल खरीदना बंद कर दिया था। लेकिन मौजूदा युद्ध के कारण वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला बुरी तरह प्रभावित हुई है।

अमेरिकी ढील: पिछले महीने ही अमेरिका ने आपूर्ति की कमी को दूर करने के लिए ईरानी तेल और रिफाइंड उत्पादों पर से अस्थायी रूप से प्रतिबंध हटा लिए थे।

कोई भुगतान बाधा नहीं: मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि ईरानी कच्चे तेल के आयात के लिए 'पेमेंट' को लेकर कोई बाधा नहीं है। भारत और ईरान के बीच वित्तीय लेनदेन सुचारू रूप से चल रहा है।

अफवाहों का खंडन: सोशल मीडिया पर चल रही उन खबरों को मंत्रालय ने 'तथ्यात्मक रूप से गलत' बताया है जिनमें दावा किया गया था कि वाडिनार (गुजरात) पहुंचने वाला ईरानी कार्गो भुगतान विवाद के चलते चीन भेज दिया गया है।

रसोई गैस (LPG) का भी आयात: मंगलुरु पहुंचा जहाज
कच्चे तेल के साथ-साथ भारत अपनी एलपीजी (LPG) जरूरतों को लेकर भी सतर्क है।

44,000 मीट्रिक टन गैस: भारत ने ईरान से 44,000 मीट्रिक टन लिक्विफाइड पेट्रोलियम गैस (LPG) खरीदी है।

मंगलुरु पोर्ट पर डिस्चार्ज: मंत्रालय ने बताया कि यह गैस एक ऐसे जहाज पर लोड होकर आई है जिस पर पहले प्रतिबंध थे। यह जहाज बुधवार को पश्चिमी तट पर स्थित मंगलुरु बंदरगाह पर पहुंचा और वर्तमान में ईंधन डिस्चार्ज कर रहा है।

भारत की रणनीति: 40 से अधिक देशों से तेल का विकल्प
भारत दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता देश है। ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भारत की नीति अब 'विविधीकरण' पर आधारित है।

पूर्ण लचीलापन: मंत्रालय ने कहा कि भारतीय तेल कंपनियों के पास विभिन्न स्रोतों और भौगोलिक क्षेत्रों से तेल खरीदने की पूरी आजादी है।

आगामी महीनों की तैयारी: सरकार ने आश्वस्त किया है कि आने वाले महीनों के लिए कच्चे तेल की पूरी आवश्यकता सुरक्षित कर ली गई है। भारत वर्तमान में 40 से अधिक देशों से तेल आयात कर रहा है ताकि किसी एक क्षेत्र में तनाव होने पर देश की अर्थव्यवस्था पर असर न पड़े।


(हेडलाइन को छोड़कर, इस स्टोरी को The Federal स्टाफ ने एडिट नहीं किया है और यह एक सिंडिकेटेड फ़ीड से पब्लिश की गई है।)


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