
ईरान-इज़रायल संघर्ष में भारत का बातचीत पर ज़ोर, सभी पक्षों से संयम बरतने की अपील
विदेश मंत्रालय ने यह भी बताया कि तनावग्रस्त क्षेत्रों में स्थित भारतीय मिशन वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के संपर्क में हैं।
इजरायल, अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य टकराव के बीच भारत ने सभी पक्षों से संयम बरतने और कूटनीतिक संवाद के जरिए समाधान निकालने की अपील की है। विदेश मंत्रालय ने मध्य-पूर्व में तेजी से बिगड़ते हालात पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि क्षेत्रीय शांति और नागरिकों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।
विदेश मंत्रालय के बयान में कहा गया, “भारत ईरान और खाड़ी क्षेत्र में हाल के घटनाक्रमों से बेहद चिंतित है। हम सभी पक्षों से संयम बरतने और तनाव को बढ़ने से रोकने का आग्रह करते हैं। नागरिकों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी जानी चाहिए। तनाव कम करने और मूल मुद्दों के समाधान के लिए संवाद और कूटनीति का रास्ता अपनाया जाना चाहिए। सभी देशों की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान आवश्यक है।”
मंत्रालय ने यह भी बताया कि तनावग्रस्त क्षेत्रों में स्थित भारतीय मिशन वहां रह रहे भारतीय नागरिकों के संपर्क में हैं। दूतावासों ने एडवाइजरी जारी कर भारतीयों से सतर्क रहने, स्थानीय प्रशासन के दिशा-निर्देशों का पालन करने और एम्बेसी के संपर्क में बने रहने को कहा है।
तेहरान में हमले और बढ़ता तनाव
गौरतलब है कि पिछले वर्ष 12 दिनों तक चले संघर्ष के बाद इजरायल और अमेरिका ने एक बार फिर ईरान पर सैन्य कार्रवाई की है। रिपोर्टों के अनुसार, हमले में ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई को निशाना बनाया गया। तेहरान में हुए हमलों में कई लोगों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है।
ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक, एक प्रोजेक्टाइल लड़कियों के एक स्कूल पर गिरा, जिससे इमारत को भारी नुकसान पहुंचा। ईरानी मीडिया ने दावा किया है कि इस हमले में करीब 53 लड़कियों की मौत हुई है। ईरान के विदेश मंत्री ने कहा है कि इस हमले का जवाब दिया जाएगा।
ईरान का पलटवार, इजरायल में अलर्ट
इजरायली हमले के बाद ईरान ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए मध्य-पूर्व में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया। इसके अलावा इजरायल पर दो चरणों में 400 से अधिक मिसाइलें दागे जाने की खबर है। हमलों के बाद इजरायल में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और प्रशासन ने नागरिकों को तुरंत शेल्टर में जाने के निर्देश जारी किए।
इजरायली सेना ने दावा किया है कि उसने ईरान के लगभग 100 सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है।
ट्रंप का बयान
इस बीच, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिका वह मदद लेकर आया है जिसका ईरानवासी वर्षों से इंतजार कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अब यह देखना है कि ईरानी जनता इस अवसर का किस तरह उपयोग करती है। ट्रंप ने स्पष्ट किया कि इस सैन्य कार्रवाई का उद्देश्य ईरान में सत्ता परिवर्तन और उसे परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना है।
मध्य-पूर्व में तेजी से बदलते हालात के बीच वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ गई है और अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब कूटनीतिक समाधान की संभावनाओं पर टिकी हैं।

