
माफ़ी के बाद ईरान का खाड़ी देशों पर भीषण हमला, दुबई एयरपोर्ट बंद
कुवैत के तेल टैंक और रियाद के डिप्लोमैटिक इलाके पर मिसाइल अटैक। दुबई में मलबे से पाकिस्तानी ड्राइवर की मौत। यूएई राष्ट्रपति बोले- 'हम युद्ध के दौर में हैं।'
Middle East In War : मिडिल ईस्ट में 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' के जवाब में ईरान ने खाड़ी देशों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। शनिवार को ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने माफ़ी मांगते हुए पड़ोसी मुल्कों पर हमला न करने का सशर्त वादा किया था, लेकिन उनके बयान के कुछ ही घंटों बाद तेहरान ने पड़ोसी देशों पर मिसाइलों और ड्रोन्स की झड़ी लगा दी। कुवैत एयरपोर्ट के पास स्थित तेल टैंकों को सीधे तौर पर निशाना बनाया गया है। वहीं, सऊदी अरब ने अपने आसमान में 15 घातक ड्रोन्स को इंटरसेप्ट कर नष्ट करने का दावा किया है। ईरान के इस आक्रामक रुख ने उन दावों की हवा निकाल दी है जिसमें शांति की बात कही जा रही थी। ईरान के न्यायपालिका प्रमुख ने स्पष्ट कर दिया है कि उन सभी ठिकानों पर हमले जारी रहेंगे जो "दुश्मन के कब्जे" में हैं।
दुबई एयरपोर्ट बंद: धमाकों से दहली मायानगरी, एक की मौत
दुनिया के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में शुमार दुबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट को धमाकों की खबरों के बाद अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया। शहर में हुए जोरदार धमाकों के बाद यात्रियों को आनन-फानन में ट्रेन टनल के अंदर ले जाया गया। चश्मदीदों के मुताबिक, एक तेज धमाके के बाद आसमान में धुएं का गुबार देखा गया। दुबई मीडिया ऑफिस ने माना कि इंटरसेप्शन के बाद गिरे मलबे से एक मामूली घटना हुई है। हालांकि, इस मलबे की चपेट में आने से दुबई में एक पाकिस्तानी मूल के ड्राइवर की मौत हो गई है। यूएई के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, 28 फरवरी से अब तक 221 बैलिस्टिक मिसाइलें और 1,300 से अधिक ड्रोन उनके क्षेत्र में डिटेक्ट किए गए हैं। बुर्ज अल अरब और अमेरिकी दूतावास जैसे महत्वपूर्ण ठिकानों पर भी हमले की कोशिश हुई है।
सऊदी और बहरीन में हाई अलर्ट: अमेरिकी सैन्य अड्डों पर खतरा
सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने प्रिंस सुल्तान एयर बेस की ओर बढ़ रही तीन बैलिस्टिक मिसाइलों को मार गिराया है। यह बेस अमेरिकी सैनिकों का ठिकाना है, जिसे ईरान ने निशाना बनाने की कोशिश की। इसके अलावा दक्षिण-पूर्व में स्थित शयबाह तेल क्षेत्र के ऊपर 17 ड्रोन्स को नष्ट किया गया है। राजधानी रियाद का डिप्लोमैटिक इलाका भी इस हमले की जद में आने से बाल-बाल बचा। उधर, बहरीन ने बताया कि "ईरानी आक्रामकता" शुरू होने के बाद से उन्होंने 92 मिसाइलों और 151 ड्रोन्स को इंटरसेप्ट किया है। राजधानी मनामा में हर दिन धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं, जिससे नागरिकों में भारी दहशत का माहौल है।
कतर और लेबनान में भी भारी खून-खराबा
कतर के रक्षा मंत्रालय ने पुष्टि की है कि उन पर 10 बैलिस्टिक और दो क्रूज मिसाइलें दागी गईं। हालांकि, इनमें से अधिकांश को हवा में ही नष्ट कर दिया गया और कोई जनहानि नहीं हुई। दूसरी तरफ, लेबनान की राजधानी बेरूत में एक होटल पर हुए हमले में 4 लोगों की मौत हो गई और 10 घायल हो गए। इजरायली सेना ने दावा किया है कि उन्होंने बेरूत में ईरान के 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' के कमांडरों को निशाना बनाते हुए "सटीक हमला" किया है। लेबनान के 20 से अधिक गांवों पर हुए हमलों में अब तक 8 लोगों की जान जा चुकी है। युद्ध की यह आग अब पूरे क्षेत्र को अपनी आगोश में ले रही है।
यूएई राष्ट्रपति का कड़ा संदेश: "हम युद्ध के दौर में हैं"
यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने एक टेलीविजन संबोधन में देश की जनता को संबोधित किया। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि अमीरात इस समय "युद्ध के दौर" में है। उन्होंने जनता को ढांढस बंधाया कि इस संकट से देश और भी मजबूत होकर उभरेगा। कुवैत की राष्ट्रीय तेल कंपनी ने एहतियात के तौर पर कच्चे तेल के उत्पादन में कटौती कर दी है। कुवैती सेना ने इसे "महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को सीधा निशाना" बनाने की कोशिश करार दिया है। पूरे खाड़ी क्षेत्र में इस समय सुरक्षा व्यवस्था बेहद सख्त कर दी गई है और किसी भी बड़े खतरे से निपटने के लिए एयर डिफेंस सिस्टम को 24 घंटे सक्रिय रखा गया है।
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