
Strait of Hormuz: ईरान की दुनिया को धमकी, जो जहाज निकलेगा उसे जला देंगे
ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को पूरी तरह बंद कर दिया है। रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने चेतावनी दी है कि वैश्विक तेल मार्ग से गुजरने वाले किसी भी जहाज को खाक कर दिया जाएगा।
USA-Israel Vs Iran: ईरान ने खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर हमले तेज कर दिए हैं. रियाद में अमेरिकी दूतावास पर हमले के बाद दुबई में भी ड्रोन से हमला किया गया है। अब ईरान ने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल आपूर्ति लाइन, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को आधिकारिक तौर पर बंद करने का ऐलान कर दिया है। ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को दोटूक चेतावनी दी कि जो भी जहाज इस रास्ते से गुजरने की कोशिश करेगा, उसे ईरानी सेना जलाकर राख कर देगी। यह धमकी शनिवार को ईरान द्वारा निर्यात मार्ग बंद करने की घोषणा के बाद सबसे स्पष्ट और खतरनाक चेतावनी मानी जा रही है। इस कदम से दुनिया भर के तेल प्रवाह का पांचवां हिस्सा रुकने का खतरा पैदा हो गया है, जिससे वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है।
ईरानी रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की सीधी चेतावनी
ईरानी मीडिया के अनुसार, गार्ड्स कमांडर-इन-चीफ के वरिष्ठ सलाहकार इब्राहिम जबारी ने कड़े शब्दों में संदेश जारी किया है। उन्होंने कहा कि "होर्मुज जलडमरूमध्य अब बंद है।" जबारी ने आगे चेतावनी दी कि यदि कोई भी जहाज इस क्षेत्र को पार करने का साहस दिखाएगा, तो रिवोल्यूशनरी गार्ड्स के नायक और नियमित नौसेना उन जहाजों को आग के हवाले कर देगी। ईरान का यह आक्रामक रुख अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को किए गए हमलों के जवाब में आया है। उन हमलों का उद्देश्य ईरान के नेतृत्व को उखाड़ फेंकना था, जिसके बाद से ही ईरान लगातार जवाबी कार्रवाई की धमकी दे रहा था।
दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई लाइन पर संकट
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल निर्यात मार्ग है। यह मार्ग सऊदी अरब, ईरान, इराक और संयुक्त अरब अमीरात जैसे खाड़ी के सबसे बड़े तेल उत्पादकों को ओमान की खाड़ी और अरब सागर से जोड़ता है। दुनिया की दैनिक तेल खपत का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी संकीर्ण जलमार्ग से होकर गुजरता है। अपने सबसे संकरे बिंदु पर यह मार्ग केवल 33 किलोमीटर चौड़ा है। इसके बंद होने से वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा को गंभीर खतरा पैदा हो गया है। तेल बाजार अब पूरी तरह से तेहरान और उसके पुराने दुश्मनों, अमेरिका और इजरायल के बीच बढ़ते तनाव पर केंद्रित है।
प्रतिशोध की आग में जलता मिडिल ईस्ट
ईरान ने इस बार अपनी पुरानी धमकियों को हकीकत में बदल दिया है। होर्मुज को बंद करने का फैसला अमेरिका और इजरायल के उस सैन्य अभियान का नतीजा है, जिसमें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी जनता से अपने शासकों के खिलाफ खड़े होने का आह्वान किया था। इसके जवाब में, ईरान ने कतर, कुवैत और बहरीन जैसे पड़ोसी देशों पर मिसाइलों की बौछार कर दी है, जहां अमेरिकी सैन्य अड्डे मौजूद हैं। इसके अलावा, तेहरान ने यूएई, सऊदी अरब और ओमान पर भी मिसाइलें दागी हैं। ईरान का स्पष्ट कहना है कि उसके खिलाफ किए गए किसी भी हमले का खामियाजा पूरे क्षेत्र को भुगतना होगा।
वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा भारी असर
होर्मुज जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक शिपिंग उद्योग और अर्थव्यवस्था पर कहर बरप सकता है। वैश्विक शिपिंग पहले से ही यमन के ईरान समर्थित हूतियों द्वारा लाल सागर और अदन की खाड़ी में किए जा रहे हमलों से जूझ रही है। अब मुख्य तेल मार्ग के बंद होने से माल ढुलाई और ईंधन की कीमतें रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच सकती हैं। आर्थिक विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह गतिरोध लंबे समय तक चला, तो दुनिया भर में महंगाई का एक नया दौर शुरू हो जाएगा। निवेशक अब इस बात को लेकर आशंकित हैं कि क्या यह संघर्ष एक पूर्ण युद्ध का रूप ले लेगा, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता फैल सकती है।
दुबई और रियाद के बाद अब समुद्री मोर्चे पर जंग
खाड़ी देशों में अमेरिकी ठिकानों पर ईरान के हमले अब जमीन से बढ़कर समुद्र तक पहुँच गए हैं। दुबई में अमेरिकी और ऑस्ट्रेलियाई सैनिकों को निशाना बनाने के बाद अब समुद्री यातायात को रोकना ईरान की एक बड़ी रणनीति का हिस्सा है। अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप ने पहले ही संकेत दिया है कि वे जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार हैं। ट्रंप ने इसे "हमला करने का आखिरी मौका" कहा था, जिससे साफ है कि आने वाले दिनों में सैन्य तनाव और अधिक बढ़ेगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय फिलहाल मूकदर्शक बना हुआ है, जबकि तेल उत्पादक देश अपनी सुरक्षा प्रणालियों को अलर्ट पर रख रहे हैं।
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