
ईरान का होर्मुज़ के पास अमेरिकी F-15 जेट मार गिराने का दावा; अमेरिका ने किया इनकार
ईरान ने दावा किया है कि उसने होर्मुज़ के पास एक अमेरिकी F-15 लड़ाकू विमान को मार गिराया, लेकिन अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस रिपोर्ट को खारिज कर दिया है। वहीं, अलग रिपोर्ट्स में कहा गया है कि एक F-35 ने आपात लैंडिंग की।
होर्मुज़ जलडमरूमध्य के पास ईरानी वायु रक्षा प्रणालियों द्वारा अमेरिकी वायुसेना के F-15 लड़ाकू विमान को रोकने (इंटरसेप्ट करने) के कथित मामले को लेकर दावे और प्रतिदावे सामने आए। जहां ईरानी मीडिया ने दावा किया कि लड़ाकू विमान को होर्मुज़ द्वीप के पास सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से गिराया गया, वहीं अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने इस रिपोर्ट को “झूठा” बताया।
ईरान की तरफ से दावा
तेहरान टाइम्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, यह इंटरसेप्शन ईरान के दक्षिणी तट के ऊपर हुआ और अमेरिकी F-15 को रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण और वर्तमान में अत्यधिक विवादित जलमार्ग के पास मार गिराया गया।
ईरानी सेना के जनसंपर्क कार्यालय के बयान का हवाला देते हुए रिपोर्ट में कहा गया कि इस्लामी गणराज्य की संयुक्त वायु रक्षा कमान ने “होर्मुज़ द्वीप के पास, दक्षिणी तट से दूर एक घुसपैठ करने वाले F-15 लड़ाकू विमान को सफलतापूर्वक ट्रैक किया और उसे सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइल से निशाना बनाया।”
अमेरिका ने किया खारिज
हालांकि, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया पोस्ट में इस रिपोर्ट को खारिज करते हुए कहा कि ईरान ने किसी भी अमेरिकी सैन्य विमान को नहीं गिराया है।
उसने X पर एक पोस्ट में कहा:
गलत: अफवाहें कहती हैं कि ईरानी शासन ने हाल ही में ईरान के ऊपर एक अमेरिकी F-15 को मार गिराया।
सही: ‘ऑपरेशन एपिक फ्यूरी’ के दौरान अमेरिकी बलों ने 8,000 से अधिक कॉम्बैट उड़ानें भरी हैं। ईरान द्वारा कोई भी अमेरिकी लड़ाकू विमान नहीं गिराया गया है।”
‘F-35 की आपात लैंडिंग’
इससे पहले शुक्रवार को खबरें आई थीं कि एक F-35 ने ईरानी हवाई क्षेत्र में मिशन के दौरान क्षतिग्रस्त होने के बाद मध्य-पूर्व में एक अमेरिकी सैन्य अड्डे पर आपात लैंडिंग की।
ईरान की रिवोल्यूशनरी गार्ड (IRGC) ने कहा कि इस विमान को उनकी सेना ने “निशाना बनाकर गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त” किया था।
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, शुरुआती जानकारी के हवाले से बताया गया कि पायलट सुरक्षित बाहर निकल आया और अब अमेरिकी अधिकारी इस अनियोजित लैंडिंग के कारणों की जांच कर रहे हैं।
ईरान का वायु रक्षा सफलता का दावा
अगर इसकी पुष्टि होती है, तो यह मौजूदा संघर्ष में एक दुर्लभ घटना होगी, जिसमें तेहरान यह दावा कर रहा है कि उसने वॉशिंगटन के सबसे उन्नत और महंगे लड़ाकू विमानों में से एक को निशाना बनाया।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी अधिकारियों ने यह भी दावा किया कि उनकी सेनाओं ने 125 से अधिक अमेरिकी-इजरायली ड्रोन को इंटरसेप्ट कर गिराया है, जिसे उन्होंने अपनी वायु रक्षा प्रणालियों के बेहतर समन्वय का प्रमाण बताया है।

