
खाड़ी देशों पर ईरान ने फिर दागी मिसाइलें और ड्रोन, अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियान ने पड़ोसी देशों पर हुए मिसाइल और ड्रोन हमलों के लिए माफी मांगी लेकिन फिर खाड़ी देशों को संदेश भी भेजा कि अगर अमेरिका की मदद नहीं करोगे तो हम हमला नहीं करेंगे।
अमेरिका-इज़राइल द्वारा ईरान पर किए जा रहे हमलों के कारण युद्ध तेजी से फैलता जा रहा है। मिसाइलों की जवाबी कार्रवाई, नौसैनिक हमले और क्षेत्रीय तनाव ने पश्चिम एशिया को पिछले कई दशकों के सबसे गंभीर संकटों में धकेल दिया है। इस बीच, ईरान ने अपने पड़ोसी खाड़ी देशों पर अपने जवाबी हमले तेज़ कर दिए हैं। यूएई को ईरान ने फिर निशाना बनाया।
संयुक्त अरब अमीरात ने शनिवार को मिसाइल और ड्रोन हमलों की नई घटनाओं की पुष्टि की। यूएई के रक्षा मंत्रालय ने कहा, “यूएई की वायु रक्षा प्रणाली ईरान से आने वाली मिसाइल और ड्रोन खतरों का सक्रिय रूप से मुकाबला कर रही है। देश के कई हिस्सों में सुनाई देने वाली आवाजें इन मिसाइलों और ड्रोन को इंटरसेप्ट करने की कार्रवाई का परिणाम हैं।”
यूएई के राष्ट्रपति ने कहा कि मौजूदा संकट के बावजूद देश इस युद्ध के बाद और मजबूत होकर उभरेगा।
ईरान ने सिर्फ यूएई पर ही हमला नहीं किया, बल्कि बहरीन को भी नहीं बख्शा। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बहरीन के जुफैर स्थित अमेरिकी सैन्य अड्डे को निशाना बनाया। ईरान के सरकारी मीडिया के अनुसार यह हमला ईरान के क़ेश्म द्वीप पर स्थित एक डीसैलिनेशन प्लांट पर अमेरिका के हमले के जवाब में किया गया।

