ईरान ने ऐसा जवाबी मिसाइल हमला किया,गगनचुंंबी इमारतों वाला दुबई भी दहल गया
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ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे ट्रंप के इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान की सत्ता को पलटना है

ईरान ने ऐसा जवाबी मिसाइल हमला किया,गगनचुंंबी इमारतों वाला दुबई भी दहल गया

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायली और अमेरिकी वायुसेना ने मिलकर तेहरान में खामेनेई को निशाना बनाते हुए बम बरसाए हैं, तो वहीं ईरान ने भी पलटवार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है।


इजरायल और अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हमला बोला जिसके बाद ईरान की राजधानी तेहरान में लगातार धमाकों की आवाजें सुनाई दे रही हैं। इस हमले के जवाब में ईरान की तरफ से भी मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को चुन-चुनकर निशाना बनाया जा रहा है।

इजरायल के हमले के तुरंत बाद ही ईरान ने भी मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी ठिकानों पर जमकर बमबारी शुरू कर दी है। मध्य-पूर्व में मौजूद अमेरिकी बेसों को निशाना बनाते हुए ईरान ने कतर, बहरीन, जॉर्डन, आबू धाबी इराक समेत कुल आठ देशों को निशाना बनाया।

ऊंची अट्टालिकाओं वाला शहर हिल गया

ऊंची इमारतों और सुरक्षा के लिए जाने जाने वाला संयुक्त अरब अमीरात और दुबई शहर भी ईरानी हमलों से दहल उठा। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो ईरानी हमलों में यूएई में एक व्यक्ति की मौत की खबर सामने आई है। हालांकि इजरायल भी पीछे हटने को तैयार नहीं है। अलजजीरा की रिपोर्ट्स के मुताबिक अभी लगभग एक घंटे पहले तेहरान में एक बार फिर से धमाकों की आवाजें सुनाई दी हैं।

स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायली और अमेरिकी वायुसेना ने मिलकर तेहरान में खामेनेई को निशाना बनाते हुए बम बरसाए हैं, तो वहीं ईरान ने भी पलटवार करने में कोई कसर नहीं छोड़ी है। पिछले कई हफ्तों से दोनों पक्ष लगातार एक-दूसरे पर दवाब बनाने की कोशिश में लगे हुए थे। ऐसे में दोनों की तैयारी पूरी है।

साल 2003 के बाद मध्य-पूर्व में अपना सबसे बड़ा सैन्य जमावड़ा लगाने वाले अमेरिका ने ईरान के ऊपर किए गए हमले को ऑपरेशन एपिक फ्यूरी नाम दिया है, तो वहीं इजरायल ने इसे लॉयन्स रोर यानि शेर की दहाड़ नाम दिया है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों में ईरान के कई सैन्य अधिकारी और राजनेता मारे गए हैं।

खामेनेई पर था निशाना

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने वीडियो संदेश में साफ तौर पर इस बात का जिक्र किया है कि ईरान के खिलाफ चलाए जा रहे उनके इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ईरान की सत्ता को पलटना है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक इजरायल और ईरान की तरफ से किए गए इन हमलों का मुख्य निशाना ईरानी सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह खामेनेई थे। इन हमलों के बाद सुप्रीम लीडर को तेहरान से निकालकर सुरक्षित स्थान पर ले जाया गया है।

ट्रंप का ईरानियों को संदेश

सत्ता को उखाड़ फेंको अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने तेहरान पर हुए हमले के बाद वीडियो संदेश के जरिए ईरानियों और पूरी दुनिया के सामने अपना पक्ष रखा। उन्होंने ईरानियों को संबोधित करते हुए कहा कि आज अमेरिका वह मदद लेकर आया है, जिसका इंतजार आप पिछले काफी समय से कर रहे थे। इतना इंतजार करना पड़ा, क्योंकि कोई और अमेरिकी राष्ट्रपति यह नहीं कर सकता था। अब यह आपके हाथ में हैं कि आप अपने नए भविष्य के लिए इस तानाशाही सत्ता को उखाड़ फेंके।

गौरतलब है कि अभी कुछ दिनों पहले ईरान में हुए आंदोलन के दौरान भी ट्रंप ने इसी तरह की बयानबाजी की थी। ट्रंप ने अपने वीडियो संदेश में कहा है कि तेहरान पर किए गए हमले में अमेरिका अपना उद्देश्य पूरा करके रहेगा। उन्होंने कहा कि इस हमले में, इस अभियान में कुछ अमेरिकी जानें भी जा सकती हैं। आपको बता दें, 2003 के इराक हमले के बाद मध्य-पूर्व में अमेरिकी सेना के सबसे बड़े बेड़े ने अपना डेरा डाला हुआ है। ईरान लगातार अमेरिकी बेसों को निशाना बना रहा है।

हूतियों को चेतावनी

अमेरिका और इजरायल के ईरान पर हमला करने के बाद यमन के हूतियों ने भी अपना रुख जाहिर कर दिया है। हूति विद्रोहियों की तरफ से कहा गया है कि वह लाल सागर में मौजूद अमेरिकी और इजरायली जहाजों को फिर से निशाना बनाना शुरू करेंगे। आपको बता दें कि कुछ समय पहले अमेरिका से संधि के बाद उन्होंने जहाजों के आवागमन को सुचारू रूप से चलने देने का वादा किया था।

ईरानी हमले से इजरायल में हड़कंप

गाजा में ट्रंप द्वारा करवाई गई तथाकथित शांति के बाद इजरायलवासियों को एक बार फिर से सायरन सुनना पड़ा। ईरान पर कार्रवाई के बाद इजरायली प्रशासन ने जनता को अलर्ट करने के लिए सायरन बजाकर उन्हें शेल्टर में जाने के लिए कहा। हालांकि, इस प्रयास को ज्यादा देर नहीं हुई और ईरान ने इजरायल को निशाना बनाकर हमला करना शुरू कर दिया। इसके बाद इजरायली प्रशासन ने लोगों को शेल्टर में ले जाने के लिए अलर्ट कर दिया।

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