ईरान में नेतृत्व का शून्य: ट्रंप का दावा, आधी सरकार एक झटके में ढेर
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ईरान में नेतृत्व का 'शून्य': ट्रंप का दावा, आधी सरकार एक झटके में ढेर

अमेरिका-इजरायल के हमले में ईरान को अपूरणीय क्षति हुई है। सुप्रीम लीडर खामेनेई समेत सेना और सरकार के शीर्ष अधिकारी मारे गए। जानें ईरान के नुकसान की पूरी लिस्ट।


USA-Israel Vs Iran : अमेरिका और इजरायल के संयुक्त ऑपरेशन 'एपिक फ्यूरी' (Operation Epic Fury) ने ईरान को अब तक का सबसे गहरा जख्म दिया है। महज 48 घंटों के भीतर ईरान का पूरा शीर्ष नेतृत्व और सैन्य ढांचा ताश के पत्तों की तरह बिखर गया है। इस हमले में ईरान के सबसे ताकतवर शख्सियत, सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई की मौत हो गई है। खामेनेई की मौत न केवल एक नेता का अंत है, बल्कि यह ईरान की उस विचारधारा पर भी बड़ा प्रहार है जो दशकों से पश्चिम एशिया को प्रभावित कर रही थी। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया है कि इस सर्जिकल स्ट्राइक में ईरान के 48 शीर्ष नेता और कमांडर मारे जा चुके हैं। तेहरान में खामेनेई के सुरक्षित परिसर (Compound) को पूरी तरह जमींदोज कर दिया गया है। इस हमले के बाद ईरान में एक बड़ा नेतृत्व संकट पैदा हो गया है। ईरानी मीडिया ने भी अब आधिकारिक तौर पर खामेनेई और उनके परिवार के सदस्यों की मौत की पुष्टि कर दी है।


कौन-कौन से बड़े चेहरे हुए खत्म?
इस हमले में ईरान की सेना और खुफिया विभाग की पूरी ऊपरी परत साफ हो गई है। मारे गए लोगों में सबसे प्रमुख नाम इस प्रकार हैं:

अयातुल्लाह अली खामेनेई: ईरान के सुप्रीम लीडर।

अब्दुल रहीम मौसवी: ईरान की सेना के चीफ ऑफ स्टाफ।

अजीज नासिरजादेह: ईरान के रक्षा मंत्री।

मोहम्मद पाकपोर: रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) के चीफ कमांडर।

अली शमखानी: सुप्रीम नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल के पूर्व सचिव और खामेनेई के सलाहकार।

मोहम्मद शिराजी: सुप्रीम लीडर के सैन्य कार्यालय के प्रमुख।

इसके अलावा, खामेनेई के परिवार में उनकी बेटी, दामाद और पोते की भी इस हवाई हमले में जान चली गई है। इजरायली खुफिया एजेंसी का दावा है कि ईरान के मिसाइल और ड्रोन प्रोग्राम को नियंत्रित करने वाले प्रमुख वैज्ञानिक भी इस हमले की जद में आए हैं।

ईरान का सैन्य और बुनियादी ढांचा तबाह
सिर्फ इंसानी जानों का ही नुकसान नहीं हुआ है, बल्कि ईरान की सैन्य शक्ति को भी करारी चोट पहुंची है। सैटेलाइट तस्वीरों से पता चलता है कि तेहरान, इस्फहान और कोम (Qom) जैसे शहरों में ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्चिंग पैड्स और एयर डिफेंस सिस्टम को निशाना बनाया गया है। अमेरिकी बी-2 स्टील्थ बॉम्बर्स ने ईरान के भूमिगत परमाणु केंद्रों और कमांड सेंटर्स पर 2,000 पाउंड के बम बरसाए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि ईरान की जवाबी हमला करने की क्षमता अब काफी सीमित हो गई है।

अस्थायी नेतृत्व और भविष्य की अनिश्चितता
खामेनेई की मौत के बाद ईरान में एक अंतरिम नेतृत्व परिषद (Interim Council) बनाई गई है। इसमें राष्ट्रपति मसूद पेज़ेशकियन, न्यायपालिका प्रमुख और अयातुल्लाह अली रजा अराफी शामिल हैं। हालांकि, दशकों तक एक ही व्यक्ति के हाथ में सत्ता रहने के कारण, नया उत्तराधिकारी चुनना ईरान के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है। इस बीच, ट्रंप ने संकेत दिए हैं कि नया नेतृत्व बातचीत के लिए हाथ बढ़ा रहा है, जो ईरान की कमजोरी और भारी नुकसान की ओर इशारा करता है।


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