
होर्मुज स्ट्रेट में टकराव तेज, ईरान की माइंस पर अमेरिकी हमला
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइंस बिछानी कर दी है। अमेरिका ने जवाबी कार्रवाई में 10 ईरानी माइन-लेयर जहाज नष्ट करने का दावा किया है।
अमेरिका और ईरान के बीच जारी टकराव कम होता नहीं दिख रहा है। अमेरिका और इज़राइल जहां ईरान पर लगातार हमले कर रहे हैं, वहीं तेहरान ने भी पीछे हटने से इनकार कर दिया है। ईरान इज़राइल के साथ-साथ मिडिल ईस्ट में मौजूद अमेरिकी ठिकानों को भी निशाना बना रहा है। इसी बीच रिपोर्ट सामने आई है कि ईरान ने दुनिया के सबसे अहम ऊर्जा मार्गों में से एक होर्मुज स्ट्रेट में समुद्री माइंस बिछाना शुरू कर दिया है। इस जलमार्ग से दुनिया के कुल कच्चे तेल का करीब 20 प्रतिशत गुजरता है।
शुरुआती स्तर पर माइंस बिछाने की गतिविधि
अमेरिकी ब्रॉडकास्टर CNN के मुताबिक फिलहाल माइंस बिछाने की प्रक्रिया शुरुआती चरण में है और अभी सीमित संख्या में ही माइंस तैनात की गई हैं। सूत्रों के मुताबिक ईरान के पास बड़ी संख्या में छोटी नावें हैं, जिनमें से 80 से 90 प्रतिशत तक माइंस बिछाने में सक्षम हैं। इनका इस्तेमाल कर इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) समुद्र में सैकड़ों माइंस तैनात कर सकती है।इसी दौरान अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के आसपास माइंस बिछाने की कोशिश कर रहे ईरानी जहाजों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
अमेरिका का दावा: 10 माइन-लेयर जहाज नष्ट
मिडिल ईस्ट में सैन्य अभियान चला रही अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बयान जारी कर कहा कि अमेरिकी सेना ने होर्मुज स्ट्रेट के पास ईरान के 10 माइन बिछाने वाले जहाजों को नष्ट कर दिया है। इससे पहले अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी दी थी कि स्ट्रेट में बिछाई गई समुद्री माइंस तुरंत हटाई जाएं। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति के निर्देश पर अमेरिकी सेंट्रल कमांड उन जहाजों को निशाना बना रही है जो स्ट्रेट में माइंस तैनात कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “हम होर्मुज स्ट्रेट को किसी के भी कब्जे में नहीं जाने देंगे।”
क्यों अहम है होर्मुज स्ट्रेट
होर्मुज स्ट्रेट फारस की खाड़ी को दुनिया के बाकी हिस्सों से जोड़ने वाला एक बेहद संकरा समुद्री मार्ग है, जो वैश्विक तेल और गैस सप्लाई के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। युद्ध से पहले दुनिया के कुल कच्चे तेल का करीब 20 प्रतिशत इसी रास्ते से गुजरता था। इस जलडमरूमध्य के उत्तरी हिस्से पर ईरान का नियंत्रण है और उसने पहले ही चेतावनी दी थी कि तनाव बढ़ने की स्थिति में यहां से गुजरने वाले जहाजों को निशाना बनाया जा सकता है।
रिपोर्ट के मुताबिक मौजूदा हालात के कारण खाड़ी क्षेत्र में करीब 1.5 करोड़ बैरल प्रतिदिन कच्चा तेल और 45 लाख बैरल प्रतिदिन रिफाइंड फ्यूल फंसा हुआ है। इराक और कुवैत जैसे देशों के लिए तेल निर्यात का यह मुख्य मार्ग है।
इस बीच डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित तरीके से होर्मुज स्ट्रेट से निकालने के विकल्पों पर विचार कर रहा है, हालांकि अभी तक अमेरिकी नौसेना ने किसी भी जहाज को एस्कॉर्ट नहीं किया है।

