इजरायल के डिमोना न्यूक्लियर सेंटर पर ईरान का मिसाइल अटैक, भारी तबाही
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इजरायल के डिमोना न्यूक्लियर सेंटर पर ईरान का मिसाइल अटैक, भारी तबाही

ईरान ने इजरायल के परमाणु केंद्र डिमोना और अराद शहर पर दागीं बैलिस्टिक मिसाइलें। हमले में 100 से ज्यादा लोग घायल, रिहायशी इमारतों को भारी नुकसान, IDF ने जांच शुरू की।


USA/Israel Vs Iran : मध्य पूर्व में युद्ध की आग अब सबसे खतरनाक स्तर पर पहुंच गई है। ईरान ने इजरायल के परमाणु केंद्र डिमोना और अराद शहर पर बड़ा मिसाइल हमला किया है। यह कार्रवाई शनिवार को ईरान के नतांज परमाणु संयंत्र पर हुए हमले का बदला बताई जा रही है। इस हमले में अब तक 100 से अधिक लोगों के घायल होने की पुष्टि हुई है। ईरान की बैलिस्टिक मिसाइलों ने रिहायशी इलाकों में भारी तबाही मचाई है। हमले के दौरान इजरायल का एयर डिफेंस सिस्टम पूरी तरह फेल साबित हुआ। मिसाइलों के सीधे प्रहार से इमारतों के परखच्चे उड़ गए और जमीन में गहरे गड्ढे हो गए। इजरायली बचाव दल मौके पर राहत कार्य में जुटे हुए हैं। घायलों में कई की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। पूरी दुनिया इस समय परमाणु युद्ध की आहट से सहमी हुई है।


डिमोना और अराद में भारी नुकसान, एयर डिफेंस हुआ फेल
इजरायली रक्षा बलों (IDF) ने स्वीकार किया कि उनके इंटरसेप्टर खतरों को रोकने में विफल रहे। इसके परिणामस्वरूप सैकड़ों किलोग्राम वजन वाले वारहेड वाली मिसाइलों ने सीधे तौर पर निशाना बनाया। अराद शहर में सबसे ज्यादा तबाही देखने को मिली है। वहां 84 लोग घायल हुए हैं, जिनमें से 10 की हालत गंभीर है। डिमोना में भी 33 लोग मलबे और धमाके की चपेट में आए हैं। पैरामेडिक कर्मेल कोहेन के अनुसार, घटनास्थल पर चारों तरफ भारी तबाही और अफरा-तफरी का माहौल था। सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में आसमान से आग का गोला गिरता हुआ दिखाई दे रहा है।


नतांज हमले का बदला और परमाणु संयंत्रों पर खतरा
ईरान ने इस हमले को 'जैसे को तैसा' वाली कार्रवाई करार दिया है। शनिवार को ईरान के मुख्य संवर्धन स्थल नतांज पर हवाई हमला हुआ था। हालांकि ईरानी मीडिया का दावा है कि नतांज में कोई विकिरण रिसाव नहीं हुआ है। लेकिन इजरायल के डिमोना न्यूक्लियर रिसर्च सेंटर को निशाना बनाना एक बड़ा संकेत है। यह केंद्र इजरायल के परमाणु कार्यक्रम का सबसे संवेदनशील हिस्सा माना जाता है। जून 2025 के युद्ध में भी इस क्षेत्र में भारी तनाव देखा गया था। अब सीधे मिसाइल प्रहार ने सुरक्षा विशेषज्ञों की चिंताएं बढ़ा दी हैं।


इजरायली सेना की प्रतिक्रिया और आगामी जांच
IDF प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल एफी डेफ्रीन ने इस हमले पर गहरा दुख व्यक्त किया है। उन्होंने अराद और डिमोना के निवासियों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं। सेना ने जनता को होम फ्रंट कमांड के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी है। डेफ्रीन ने स्पष्ट किया कि हमला किसी असामान्य हथियार से नहीं किया गया था। फिर भी सुरक्षा प्रणालियों के विफल होने की गहन जांच की जाएगी। सेना अब इस बात का पता लगा रही है कि इंटरसेप्टर मिसाइलें चूक क्यों गईं। रिपोट्स के अनुसार, इजरायली सैनिक नुकसान का आकलन करने के लिए प्रभावित इलाकों का निरीक्षण कर रहे हैं।

वैश्विक प्रभाव और युद्ध के और भड़कने की आशंका
ईरान और इजरायल के बीच यह सीधी जंग अब बेकाबू होती दिख रही है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इस हमले की कड़ी निंदा की जा रही है। संयुक्त राष्ट्र ने परमाणु ठिकानों पर हमलों को लेकर सख्त चेतावनी जारी की है। यदि तनाव और बढ़ता है, तो पूरे खाड़ी क्षेत्र में तेल की आपूर्ति बाधित हो सकती है। विशेषज्ञ इसे 'तीसरे विश्व युद्ध' की शुरुआत के रूप में भी देख रहे हैं। ट्रंप के अल्टीमेटम के बीच इस हमले ने आग में घी डालने का काम किया है। आने वाले 48 घंटे मध्य पूर्व के भविष्य के लिए सबसे अधिक महत्वपूर्ण होने वाले हैं।


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