
ट्रंप की धमकी पर ईरान का जवाब: 'हमला हुआ तो खुलेंगे नर्क के दरवाजे'
48 घंटे में शांति समझौते का अल्टीमेटम, 6 अप्रैल को खत्म होगी मियाद। बुशेहर परमाणु प्लांट के पास हमले से खाड़ी देशों में रेडिएशन का खतरा। युद्ध में 3500 मौतें।
USA - Iran War : मिडिल ईस्ट में जारी महाजंग अब अपने सबसे खतरनाक मोड़ पर पहुंच गई है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा दिए गए 48 घंटे के अल्टीमेटम को ईरान ने 'बेवकूफी भरा और हताशा में लिया गया कदम' बताकर खारिज कर दिया है। ट्रंप ने धमकी दी थी कि अगर 48 घंटों के भीतर शांति समझौता नहीं हुआ और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को नहीं खोला गया, तो वे ईरान के बुनियादी ढांचे को तहस-नहस कर देंगे। इसके जवाब में ईरानी जनरल अली अब्दुल्लाही अलीआबादी ने ट्रंप की ही भाषा में चेतावनी देते हुए कहा, "अगर हमला हुआ, तो तुम्हारे लिए नर्क के दरवाजे खुल जाएंगे।"
6 अप्रैल की समयसीमा: क्या होगा कल रात 8 बजे?
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट कर ईरान को आगाह किया है कि अगर उनकी शर्तें नहीं मानी गईं, तो ईरान पर "कयामत" टूट पड़ेगी।
अल्टीमेटम का इतिहास: ट्रंप ने पहले 26 मार्च को 10 दिन की मोहलत दी थी, जो सोमवार, 6 अप्रैल 2026 को रात 8 बजे (पूर्वी समय) समाप्त हो रही है।
ईरान की चेतावनी: जनरल अलीआबादी ने कहा कि अगर अमेरिका या इजराइल ने ईरान के ऊर्जा संयंत्रों या राष्ट्रीय संपत्तियों को निशाना बनाया, तो मिडिल ईस्ट में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों और इजराइली बुनियादी ढांचे पर 'विनाशकारी और निरंतर' हमले किए जाएंगे।
बुशेहर परमाणु संयंत्र के पास हमला, रेडियोधर्मी रिसाव का डर
शनिवार को हुई भारी गोलाबारी के बीच ईरान के बुशेहर परमाणु संयंत्र के पास भी एक मिसाइल गिरी, जिसके बाद वहां काम कर रहे 198 कर्मचारियों को आनन-फानन में बाहर निकाला गया।
ईरान की बड़ी धमकी: ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अरागची ने चेतावनी दी कि अगर बुशेहर संयंत्र पर हमले जारी रहे, तो होने वाला रेडियोधर्मी रिसाव तेहरान को नहीं, बल्कि कुवैत, बहरीन और कतर जैसे खाड़ी देशों (GCC) की राजधानियों में जीवन समाप्त कर देगा। बता दें कि बुशेहर इन देशों के काफी करीब है।
युद्ध के 6 हफ्ते: मौत का आंकड़ा 3500 के पार
28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए पहले हमले के बाद से यह युद्ध छठे हफ्ते में प्रवेश कर गया है।
जान-माल का नुकसान: अब तक ईरान में 3,500 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है। इजराइल में 19 और अमेरिका के 13 सैनिक मारे गए हैं। इसके अलावा इराक (108), यूएई (12), कतर (7) और कुवैत (7) में भी मौतें दर्ज की गई हैं।
विमानों पर हमला: ईरान ने दावा किया है कि उसने अमेरिका के एक F-15 लड़ाकू विमान और एक A-10 अटैक एयरक्राफ्ट को मार गिराया है। अमेरिका ने अपने एक पायलट को बचा लिया है, जबकि दूसरा अब भी लापता है जिसकी तलाश जारी है।
कासिम सुलेमानी के परिवार पर कार्रवाई
तनाव तब और बढ़ गया जब अमेरिका ने दिवंगत ईरानी जनरल कासिम सुलेमानी के परिवार के दो सदस्यों को गिरफ्तार करने का दावा किया। अमेरिका का कहना है कि उनकी रेजिडेंसी परमिट रद्द होने के बाद यह कार्रवाई की गई। गौरतलब है कि सुलेमानी की 2020 में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मौत हो गई थी।
Next Story

