अमेरिकी हमले पर भड़का ईरान, कहा- देंगे माकूल जवाब
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अमेरिकी हमले पर भड़का ईरान, कहा- 'देंगे माकूल जवाब'

Iran response: ईरानी गार्ड्स के प्रमुख होसैन सलामी ने कहा कि ईरान युद्ध नहीं करेगा. लेकिन अगर कोई धमकी देता है तो हम उपयुक्त और निर्णायक जवाब देंगे.


US air strikes on Houthi rebels: ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रविवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा यमन के हूती विद्रोहियों पर किए गए हवाई हमलों के बाद "निर्णायक" जवाब देने की धमकी दी. बता दें कि ट्रंप ने ईरान से हूतियों का समर्थन तुरंत बंद करने की चेतावनी दी और कहा था कि अमेरिका ने रेड सी में शिपिंग पर हूतियों के खतरे को खत्म करने के लिए "निर्णायक और शक्तिशाली सैन्य कार्रवाई" की है. शनिवार को ट्रंप ने यह भी कहा कि अगर ईरान ने हूतियों का समर्थन जारी रखा तो उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे. एक हूती स्वास्थ्य अधिकारी ने बताया कि इन हमलों में 31 लोग मारे गए हैं.

ईरानी गार्ड्स के प्रमुख होसैन सलामी ने रविवार को एक टेलीविज़न भाषण में ट्रंप की धमकियों की आलोचना की और कहा कि ईरान युद्ध नहीं करेगा. लेकिन अगर कोई धमकी देता है तो हम उपयुक्त और निर्णायक जवाब देंगे. सलामी ने हूतियों को यमनी लोगों का प्रतिनिधि बताया और कहा कि यह समूह अपने निर्णय स्वतंत्र रूप से लेता है.

इससे पहले 2020 में ट्रंप के पहले कार्यकाल में अमेरिका ने बगदाद में ड्रोन हमले के जरिए ईरानी जनरल कासेम सुलेमानी को मार डाला था. इसके बाद ईरान ने इराक में अमेरिकी और अन्य गठबंधन सैनिकों पर मिसाइल हमले किए थे. हालांकि, इन हमलों में कोई अमेरिकी सैनिक मारा नहीं गया. लेकिन वाशिंगटन ने कहा था कि कई सैनिकों को मानसिक आघात का सामना हुआ था.

रविवार को ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बगाई ने अमेरिका के हवाई हमलों की कड़ी निंदा की और इसे "संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन" बताया. इसके बाद ईरान के उप विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि अमेरिका को ईरान की विदेश नीति निर्धारित करने का कोई अधिकार नहीं है. उन्होंने एक्स पर लिखा कि संयुक्त राज्य अमेरिका को ईरानी विदेश नीति तय करने का कोई अधिकार नहीं है और अमेरिकी सरकार से "यमनी लोगों की हत्या" को रोकने का आह्वान किया.

अराघची ने यह भी कहा कि 1979 के इस्लामिक क्रांति के बाद से अमेरिका को ईरान की विदेश नीति पर कोई नियंत्रण नहीं है. हूती विद्रोही, जो पिछले एक दशक से यमन के अधिकांश हिस्सों पर नियंत्रण कर रहे हैं, "प्रतिरोध धुरी" के ईरान समर्थक समूहों का हिस्सा हैं, जो इजरायल और अमेरिका के खिलाफ सख्त विरोध करते हैं. हूतियों ने गाजा युद्ध के दौरान इजरायल और रेड सी की शिपिंग पर हमले किए, जिसे उन्होंने फिलिस्तीनियों के साथ अपनी एकजुटता के रूप में बताया. यह हवाई हमले ट्रंप के व्हाइट हाउस में वापसी के बाद से हुए पहले हमले हैं.

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