
ईरान का होर्मुज पर 'फुल कंट्रोल' का दावा! ट्रंप ने शुरू किया 'मिशन ईरान'
ईरान ने होर्मुज पर पूर्ण नियंत्रण का दावा किया है, जबकि ट्रंप ने नौसैनिक नाकेबंदी का आदेश दिया है। परमाणु विवाद पर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध जैसे हालात हैं।
Iran's Warning To Trump : ईरान और अमेरिका के बीच तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर दोनों देशों की सेनाएं आमने-सामने हैं। ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका को खुली चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि कोई भी 'गलत कदम' उठाया गया, तो दुश्मन उनके 'खतरनाक भंवर' में फंस जाएगा।
ईरान का होर्मुज पर 'पूर्ण नियंत्रण' का दावा
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने रविवार को एक आधिकारिक बयान जारी कर स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य का पूरा ट्रैफिक ईरानी सशस्त्र बलों के नियंत्रण में है। यह बयान अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस रणनीतिक जलमार्ग की 'नौसैनिक नाकेबंदी' के आदेश के तुरंत बाद आया है। IRGC ने चेतावनी दी है कि वे हर गतिविधि पर नजर रख रहे हैं और दुश्मन की किसी भी 'गलत फ़हमी' का नतीजा तबाही होगा। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह इस जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों से टोल वसूलने के अपने अधिकार से पीछे नहीं हटेगा।
शांति वार्ता विफल और ट्रंप की सख्त कार्रवाई
इस्लामाबाद में 21 घंटे तक चली मैराथन शांति वार्ता बिना किसी समझौते के समाप्त होने के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने तत्काल नाकेबंदी का एलान किया है। ट्रंप ने फॉक्स न्यूज से बात करते हुए कहा कि अमेरिका ईरान को अपनी पसंद के देशों को तेल बेचकर पैसा कमाने की अनुमति नहीं देगा। उन्होंने कड़े लहजे में कहा, "या तो सभी जहाज गुजरेंगे या कोई नहीं।" ट्रंप ने इसे वेनेजुएला की नाकेबंदी जैसा लेकिन उससे कहीं बड़े स्तर का ऑपरेशन बताया है। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी स्पष्ट किया कि जब तक ईरान परमाणु हथियार न बनाने की ठोस प्रतिबद्धता नहीं दिखाता, तब तक कोई रियायत नहीं दी जाएगी।
ईरान को 'पाषाण युग' में भेजने की धमकी
राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के नागरिक बुनियादी ढांचे पर हमले की सीधी धमकी दी है। उन्होंने कहा कि यदि ईरान ने अपना परमाणु कार्यक्रम बंद नहीं किया, तो अमेरिका उसके पुलों और बिजली केंद्रों को तबाह कर देगा। ट्रंप ने दावा किया कि मात्र आधे दिन के भीतर ईरान 'पाषाण युग' में वापस पहुंच जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी पहले की धमकियों ने ही ईरान को बातचीत की मेज पर आने को मजबूर किया था। ट्रंप ने 'डेथ टू अमेरिका' जैसे नारों का जिक्र करते हुए ईरान को एक अस्थिर शक्ति करार दिया।
चीन को 50 प्रतिशत टैरिफ की चेतावनी
इस संघर्ष में अब चीन का नाम भी जुड़ गया है। ट्रंप ने घोषणा की है कि जो भी देश ईरान को हथियार बेचेगा, उस पर 50 प्रतिशत टैरिफ लगाया जाएगा। उन्होंने विशेष रूप से चीन का जिक्र करते हुए कहा कि उन्हें ऐसी रिपोर्ट मिली हैं कि चीन ईरान को एंटी-एयरक्राफ्ट 'शोल्डर मिसाइल' की आपूर्ति कर रहा है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि यदि चीन को ऐसा करते हुए पकड़ा गया, तो उस पर भारी व्यापारिक जुर्माना लगाया जाएगा। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि उनके चीन के साथ अच्छे संबंध हैं और उन्हें उम्मीद है कि वे ऐसा नहीं करेंगे।
मानवीय संकट और वैश्विक प्रभाव
सात हफ्तों से जारी इस संघर्ष ने वैश्विक बाजारों को हिलाकर रख दिया है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, इजरायली बमबारी में अब तक हजारों लोग मारे जा चुके हैं, जिनमें 252 महिलाएं, 165 बच्चे और 87 चिकित्सा कर्मी शामिल हैं। वहीं, होर्मुज की नाकेबंदी से अंतरराष्ट्रीय तेल की कीमतों में भारी उछाल आने की आशंका है। दुनिया भर की निगाहें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह कूटनीतिक विफलता एक पूर्ण युद्ध की शुरुआत है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और सुरक्षा पूरी तरह चरमरा सकती है।
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