ईरान ने हिंद महासागर में किया हमला, 4,000 KM दूर अमेरिकी बेस डिएगो गार्सिया पर दागी मिसाइलें
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ईरान ने हिंद महासागर में किया हमला, 4,000 KM दूर अमेरिकी बेस 'डिएगो गार्सिया' पर दागी मिसाइलें

मिडिल ईस्ट में जारी तनाव अब हिंद महासागर तक पहुँच गया है। एक चौंकाने वाली सैन्य कार्रवाई में, ईरान ने अपने तट से करीब 4,000 किलोमीटर दूर स्थित अमेरिका के रणनीतिक सैन्य अड्डे 'डिएगो गार्सिया' को निशाना बनाया है।


Iran Attacked In Indian Ocean: ईरान और इजरायल-अमेरिका के बीच छिड़ी अब हिंद महासागर तक पहुंच गई है। शुक्रवार (20 मार्च, 2026) को आई एक चौंकाने वाली रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने पहली बार हिंद महासागर में स्थित अमेरिका और ब्रिटेन के संयुक्त सैन्य ठिकाने 'डिएगो गार्सिया' (Diego Garcia) पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर पूरी दुनिया को सन्न कर दिया है।

4,000 किलोमीटर दूर तक पहुँचा ईरान का वार

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान ने अपने तट से लगभग 4,000 किलोमीटर (2,500 मील) दूर स्थित इस बेहद सुरक्षित सैन्य बेस को निशाना बनाने की कोशिश की। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ईरान ने दो इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइलें दागी थीं। हालांकि, राहत की बात यह रही कि कोई भी मिसाइल अपने लक्ष्य पर नहीं लगी।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह हमला भले ही नाकाम रहा हो, लेकिन इसने एक बड़ा संदेश दिया है। अब तक यह माना जाता था कि ईरान की मिसाइलों की रेंज सीमित है, लेकिन डिएगो गार्सिया तक पहुँचने की इस कोशिश ने यह साबित कर दिया है कि तेहरान के पास अब उम्मीद से कहीं ज्यादा लंबी दूरी के घातक हथियार मौजूद हैं।

कैसे नाकाम हुआ हमला?

वॉशिंगटन पोस्ट की एक रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की एक मिसाइल उड़ान के दौरान ही बीच रास्ते में फेल हो गई, जबकि दूसरी मिसाइल को रोकने के लिए अमेरिकी नौसेना के एक डिस्ट्रॉयर ने SM-3 इंटरसेप्टर का इस्तेमाल किया। हालांकि, अभी यह पूरी तरह साफ नहीं है कि इंटरसेप्शन सफल रहा या मिसाइल खुद-ब-खुद लक्ष्य से भटक गई। डिएगो गार्सिया बेस अमेरिकी बमवर्षक विमानों और लंबी दूरी के अभियानों के लिए रणनीतिक रूप से बहुत महत्वपूर्ण है।

ट्रम्प का 'ऑपरेशन खत्म' करने का संकेत

दिलचस्प बात यह है कि यह हमला उस वक्त हुआ जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को संकेत दिया कि वे ईरान के खिलाफ सैन्य अभियानों को "कम" (Winding down) करने पर विचार कर रहे हैं। दुनिया भर में तेल की सप्लाई के संकट को देखते हुए अमेरिका ने अस्थायी रूप से ईरानी तेल शिपमेंट पर प्रतिबंधों में ढील भी दी है। ट्रम्प का कहना था कि अमेरिका अपने सैन्य लक्ष्यों को प्राप्त करने के "बेहद करीब" है।

लेकिन दूसरी तरफ, ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई का रुख बिल्कुल अलग है। उन्होंने दावा किया कि ईरान ने अपने दुश्मनों को "चक्कर देने वाला प्रहार" (Dizzying blow) दिया है। इसी दावे के बीच ईरान ने सऊदी अरब और इजरायल पर भी ड्रोन और मिसाइलों से नए हमले तेज कर दिए हैं।

बढ़ता हुआ वैश्विक खतरा

ईरान द्वारा डिएगो गार्सिया को निशाना बनाना इस बात का सबूत है कि अब यह युद्ध केवल क्षेत्रीय नहीं रहा। मिडिल ईस्ट से शुरू हुई यह चिंगारी अब हिंद महासागर तक फैल गई है। अगर ईरान की मिसाइलें वाकई 4,000 किलोमीटर तक सटीक निशाना लगाने में सक्षम हो गई हैं, तो यह न केवल अमेरिका बल्कि पूरे एशिया और यूरोप के लिए चिंता का विषय है।


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