
ईरान युद्ध में अमेरिका हर सेकेंड फूंक रहा है 10,300 डॉलर : SIPRI की रिपोर्ट में दावा
ट्रंप प्रशासन युद्ध पर प्रतिदिन लगभग 890 मिलियन डॉलर खर्च कर रहा है, और आगे चलकर अरब देशों से वित्तीय सहयोग मांग सकता है।
एक हालिया अध्ययन के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के साथ युद्ध पर अब तक लगभग 27.68 अरब डॉलर यानी करीब 2.63 लाख करोड़ रुपये फूंक डाले हैं। यानी हर सेकंड लगभग 10,300 डॉलर खर्च हो रहे हैं।
यह आंकड़े स्टॉकहोम इंटरनेशनल पीस रिसर्च इंस्टीट्यूट (SIPRI) के शोध पर आधारित हैं और संकेत देते हैं कि संघर्ष कम होने के कोई संकेत न होने के कारण यह खर्च आगे भी बढ़ता रहेगा।
डोनाल्ड ट्रंप प्रशासन के तहत अमेरिका इस युद्ध पर प्रतिदिन लगभग 890 मिलियन डॉलर (करीब 8,455 करोड़ रुपये) खर्च कर रहा है। रिपोर्ट के अनुसार इसमें गोला-बारूद, हवाई अभियान, नौसैनिक तैनाती, मिसाइल रक्षा, खुफिया और लॉजिस्टिक्स की लागत शामिल है।
पैसा कहां खर्च हो रहा है?
इस कुल खर्च का एक बड़ा हिस्सा—लगभग 36 प्रतिशत—गोला-बारूद और मिसाइलों पर जा रहा है, जो प्रतिदिन करीब 320 मिलियन डॉलर (3,040 करोड़ रुपये) के बराबर है। इसमें टॉमहॉक क्रूज मिसाइल, JDAM बम और अन्य सटीक-निर्देशित हथियार शामिल हैं।
संघर्ष की शुरुआत से अब तक अमेरिका ने अनुमानित 12,000 से 15,000 हथियार दागे हैं, जिनमें लगभग 1,000 से 2,000 मिसाइलें शामिल हैं।
हवाई अभियानों—जैसे फाइटर जेट मिशन, बॉम्बर ऑपरेशन, हवाई ईंधन भरना और निगरानी—पर प्रतिदिन लगभग 245 मिलियन डॉलर (2,327.5 करोड़ रुपये) खर्च हो रहे हैं, जो कुल दैनिक खर्च का 27.5 प्रतिशत है।
नौसैनिक अभियानों पर लगभग 155 मिलियन डॉलर (1,472.5 करोड़ रुपये) प्रतिदिन खर्च हो रहे हैं, जिसमें एयरक्राफ्ट कैरियर स्ट्राइक ग्रुप, डेस्ट्रॉयर और पनडुब्बियां शामिल हैं।
मिसाइल रक्षा प्रणालियां—जैसे THAAD, पैट्रियट बैटरियां और एजिस इंटरसेप्टर—पर लगभग 95 मिलियन डॉलर (902.5 करोड़ रुपये) प्रतिदिन खर्च हो रहे हैं, जो कुल खर्च का 10.7 प्रतिशत है।
खुफिया और साइबर ऑपरेशंस पर करीब 45 मिलियन डॉलर (427.5 करोड़ रुपये) प्रतिदिन खर्च हो रहे हैं, जिसमें ISR प्लेटफॉर्म, सैटेलाइट इमेजरी और साइबर गतिविधियां शामिल हैं।
कर्मचारियों और लॉजिस्टिक्स पर अतिरिक्त 30 मिलियन डॉलर (285 करोड़ रुपये) प्रतिदिन खर्च हो रहे हैं।
अन्य नुकसान और अतिरिक्त बजट
ऑपरेशनल खर्च के अलावा, द वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, पहले तीन हफ्तों में ही क्षतिग्रस्त सैन्य उपकरणों और बुनियादी ढांचे से अमेरिका को 1.4 से 2.9 अरब डॉलर का नुकसान हुआ है।
व्हाइट हाउस ने संकेत दिया है कि ट्रंप युद्ध के लिए अरब देशों से आर्थिक मदद मांग सकते हैं। प्रेस सचिव कैरोलाइन लेविट ने कहा कि राष्ट्रपति इस विचार के लिए तैयार हैं और जल्द ही इस पर बात कर सकते हैं।
वहीं, मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक पेंटागन ने व्हाइट हाउस से ईरान युद्ध के लिए लगभग 200 अरब डॉलर के अतिरिक्त बजट को मंजूरी देने और हथियारों की भरपाई करने की मांग की है।
दूसरी ओर, ईरान ने बातचीत की शर्त के रूप में युद्ध से हुए नुकसान के लिए अमेरिका से मुआवजे की मांग की है और जवाबी कार्रवाई में मध्य-पूर्व में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले भी किए हैं।

