
ईरान ऑपरेशन पर पहली बार बोले ट्रंप, कहा- ‘4-5 हफ्ते और चल सकता है सैन्य अभियान’
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इजरायल के साझा ऑपरेशन ‘एपिक फ्यूरी’ के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पहला लाइव संबोधन किया और ईरान पर हमले की वजह विस्तार से बताई।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने संबोधन में ईरान को निशाना बनाने के अमेरिकी उद्देश्य बताए। ट्रंप ने कहा, “लगभग 47 वर्षों से यह (ईरानी) शासन अमेरिका पर हमला करता रहा है और अमेरिकियों की हत्या करता रहा है... जनरल सुलेमानी, जो सड़क किनारे बमों के जनक थे, उन्हें मैंने अपने पहले कार्यकाल में खत्म किया। यह हमारा आखिरी और सबसे बेहतर मौका था कि हम अभी जो कर रहे हैं, उसे अंजाम दें और इस बीमार और खतरनाक शासन से पैदा असहनीय खतरों को समाप्त करें।"
अमेरिका का मकसद क्या है?
ट्रंप ने कहा, "हमारे उद्देश्य स्पष्ट हैं। पहला, हम ईरान की मिसाइल क्षमताओं को नष्ट कर रहे हैं। दूसरा, हम उनकी नौसेना को तबाह कर रहे हैं। हम पहले ही 10 जहाज़ डुबो चुके हैं। वे समुद्र की गहराई में हैं। तीसरा, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि दुनिया का सबसे बड़ा आतंक प्रायोजक कभी परमाणु हथियार हासिल न कर सके।"
उन्होेंने आगे कहा, "मैंने शुरुआत से कहा है, उन्हें कभी परमाणु हथियार नहीं मिलेगा। और अंत में, हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि ईरानी शासन अपनी सीमाओं के बाहर आतंकवादी सेनाओं को हथियार, धन और निर्देश देना जारी न रख सके।”
कब तक चलेगा ईरान के खिलाफ अभियान?
ट्रंप ने मौजूदा ऑपरेशन की एक अनुमानित अवधि भी बताई। ट्रंप ने कहा कि ईरान के खिलाफ अभियान संभवतः 4 से 5 सप्ताह तक चल सकता है, लेकिन वे “इससे कहीं अधिक समय तक” कार्रवाई जारी रखने के लिए तैयार हैं।
ट्रंप ने अपने लाइव संबोधन में कहा, “आज अमेरिकी सेना ईरान में बड़े पैमाने पर युद्ध अभियान चला रही है ताकि इस भयानक आतंकी शासन से अमेरिका को होने वाले गंभीर खतरों को खत्म किया जा सके। शासन का पारंपरिक बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम तेजी से बढ़ रहा था और यह अमेरिका तथा विदेशों में तैनात हमारी सेनाओं के लिए स्पष्ट और विशाल खतरा था। इस तेजी से बढ़ते मिसाइल कार्यक्रम का उद्देश्य उनके परमाणु हथियार कार्यक्रम को सुरक्षा देना और किसी को भी उन्हें रोकने से रोकना था।”
आखिरी और सबसे बेहतर मौका
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान के परमाणु कार्यक्रम और तेजी से बढ़ रहे बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को रोकने के लिए अमेरिकी सेना को हमला करने का आदेश दिया।
ट्रंप ने कहा कि उन्होंने ईरान पर हमला करने का फैसला “आखिरी और सबसे बेहतर मौका” मानते हुए लिया। उन्होंने कहा कि ईरान अमेरिका के लिए स्पष्ट और विशाल खतरा बन गया था, और इसी कारण अमेरिका बड़े पैमाने पर सैन्य अभियान जारी रखे हुए है।

