हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम मारा गया, इजरायल का दावा
x

हिजबुल्लाह चीफ नईम कासिम मारा गया, इजरायल का दावा

अमेरिका, ईरान और इजरायल में दो हफ्ते का सीजफायर है। इन सबके बीच इजरायल ने हिजबुल्लाह के मुखिया नईम कासिम को मार गिराया है।


इजरायल ने गुरुवार को दावा किया कि उसने ईरान समर्थित लेबनानी संगठन हिजबुल्लाह (Hezbollah) के प्रमुख नईम कासिम (Naim Qassem) को रातभर चले एक हमले में बेरुत में मार गिराया है। अगर हिज़्बुल्लाह इस मौत की पुष्टि करता है, तो यह संगठन के लिए और साथ ही ईरान के लिए भी बड़ा झटका होगा, क्योंकि हिज़्बुल्लाह मध्य पूर्व में ईरान के प्रमुख सहयोगियों में से एक है। 2 मार्च को इज़राइल पर हमला कर हिज़्बुल्लाह ने क्षेत्रीय युद्ध में ईरान का साथ देते हुए प्रवेश किया था, जो कि अमेरिका और इजरायल द्वारा ईरान पर हवाई हमले शुरू करने के दो दिन बाद हुआ।

हिज़्बुल्लाह ने इजरायल पर हमला उस समय किया जब ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामेनेई की युद्ध के पहले ही दिन हत्या कर दी गई थी। इसके बाद इजरायल ने कड़े जवाब की चेतावनी दी और तब से अब तक उसके हवाई हमलों में एक हजार से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है।इजरायल ने पहले ही इस संगठन की सैन्य क्षमताओं को कमजोर कर दिया था और गाजा युद्ध के 7 अक्टूबर 2023 से शुरू होने के बाद से लगातार कई लक्षित हत्याओं के जरिए हिज़्बुल्लाह को बड़ा नुकसान पहुंचाया है।

2024 में अमेरिका की मध्यस्थता से इज़राइल और लेबनान के बीच एक युद्धविराम हुआ था, लेकिन इसके बावजूद इजरायल ने लेबनान में हिज़्बुल्लाह के ठिकानों पर नियमित हमले जारी रखे। इजरायल का आरोप है कि यह संगठन दोबारा हथियार जुटाने की कोशिश कर रहा है।हिज़्बुल्लाह ने अमेरिका के उस प्रस्ताव को ठुकरा दिया था, जिसमें युद्धविराम को आगे बढ़ाने के लिए संगठन से निरस्त्रीकरण की मांग की गई थी। ने इजरायल को सीधी चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि उसने लेबनान के खिलाफ व्यापक युद्ध दोबारा शुरू किया, तो उस पर मिसाइलों की बारिश होगी।

2024 में इजरायल ने हिज़्बुल्लाह के पूर्व प्रमुख हसन नसरल्लाह को भी बेरूत के एक उपनगर में हवाई हमले में मार गिराया था। यह उस संघर्ष का चरम था, जो तब शुरू हुआ जब हिज़्बुल्लाह ने सीमा पर इजरायली ठिकानों पर हमला किया था, ताकि हमास का समर्थन किया जा सके। इसके बाद हिज़्बुल्लाह ने नईम कासिम को नया प्रमुख नियुक्त किया, जो पिछले 30 वर्षों से संगठन में एक वरिष्ठ नेता के रूप में सक्रिय थे।

हिज़्बुल्लाह की स्थापना 1982 में लेबनान में शिया मुस्लिम लड़ाकों द्वारा की गई थी, जिसे ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स का समर्थन प्राप्त था। उस समय इसका उद्देश्य दक्षिणी लेबनान में इज़राइली कब्जे के खिलाफ संघर्ष करना था।

Read More
Next Story