ईरान पर इजरायली हमले के बाद ट्रंप का पहला बयान, सरेंडर करे IRGC
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ईरान पर इजरायली हमले के बाद ट्रंप का पहला बयान, सरेंडर करे IRGC

इजरायल ने ईरान पर हमला कर दिया है। तेहरान में धमाकों और मिसाइल हमले की आशंका के बीच परमाणु वार्ता पर संकट गहरा गया है।


इजरायल ने ईरान के खिलाफ बड़ा हमला किया है और इसे एहतियाती सैन्य कार्रवाई का नाम दिया है। इजरायल के रक्षा मंत्री ने इस ऑपरेशन की पुष्टि की। इसके साथ ही इजरायली सेना ने संभावित जवाबी कार्रवाई की आशंका को देखते हुए देशभर में प्रोएक्टिव अलर्ट जारी किया और सायरन बजाकर नागरिकों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह दी। आशंका जताई जा रही है कि ईरान की ओर से मिसाइल हमले हो सकते हैं। इन सबके बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बयान से पहला आया है। उन्होंने ईरानी रिवाल्युशनरी गार्ड को सरेंडर करने के लिए कहा है।


समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार, हमलों के समय ईरान के सुप्रीम लीडर अपने आधिकारिक आवास पर मौजूद नहीं थे। इस बीच देश का एयरस्पेस अगली सूचना तक बंद कर दिया गया है। सिविल एविएशन ऑर्गनाइजेशन के प्रवक्ता ने नए NOTAM जारी होने के बाद पूरे ईरान में उड़ानों पर रोक की पुष्टि की है।



इजरायल के रक्षा मंत्री इजरायल काट्ज ने दावा किया है कि ईरान में एक साथ 30 ठिकानों को निशाना बनाया गया। इन लक्ष्यों में सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई से जुड़े परिसर और ईरानी इंटेलिजेंस मुख्यालय भी शामिल बताए गए हैं।

राजधानी तेहरान में पहले धमाके सुबह करीब 9:30 बजे तीन स्थानों पर दर्ज किए गए। इसके बाद कम से कम दो अन्य इलाकों में हमलों की खबर आई। स्थानीय समयानुसार सुबह 10 बजे के बाद धमाकों की दूसरी लहर शुरू हुई।

अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, इजरायली हमलों में ईरान का मोबाइल नेटवर्क बुरी तरह प्रभावित हुआ है और कई इलाकों में संचार सेवाएं ठप हो गई हैं। रॉयटर्स से बातचीत में एक इजरायली सुरक्षा अधिकारी ने दावा किया कि इस सैन्य अभियान की योजना महीनों पहले तैयार की गई थी और इसकी टाइमिंग कई हफ्ते पहले ही तय कर ली गई थी।

शील्ड ऑफ जूडा नाम से चलाए जा रहे इस ऑपरेशन का उद्देश्य इजरायल के होम फ्रंट के सामने मौजूद खतरों को कम करना है। खास तौर पर मिसाइल लॉन्चर और मानव रहित हवाई वाहन (यूएवी) ठिकानों को निशाना बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

यह घटनाक्रम ऐसे समय में हुआ है जब ईरान और अमेरिका के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर बातचीत जारी है। हाल ही में जिनेवा में दोनों देशों के बीच तीसरे दौर की वार्ता हुई थी और एक और बैठक प्रस्तावित थी। ऐसे में सैन्य कार्रवाई ने कूटनीतिक प्रयासों के भविष्य पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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