नए चीफ के आते ही दरार! क्या मोसाद को रास नहीं आई नेतन्याहू की पसंद?
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इजराइल की खूफिया एजेंसी मोसाद के नए चीफ गोफमैन। प्रधानमंत्री नेतन्याहू के साथ।

नए चीफ के आते ही दरार! क्या मोसाद को रास नहीं आई नेतन्याहू की पसंद?

समर्थन के बावजूद, मोसाद के भीतर और सार्वजनिक क्षेत्र में इस नियुक्ति को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं, जिससे एजेंसी की अखंडता पर सवाल खड़े हो रहे हैं...


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इजरायल की प्रतिष्ठित खुफिया एजेंसी मोसाद के नए प्रमुख की नियुक्ति ने देश के भीतर एक बड़े विवाद और आंतरिक फूट को जन्म दे दिया है। प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने रविवार को मेजर-जनरल रोमन गोफमैन के नाम पर मुहर लगा दी है, जो वर्तमान प्रमुख डेविड बार्निया का स्थान लेंगे। बार्निया का पांच साल का कार्यकाल आगामी 2 जून को समाप्त हो रहा है, जिसके बाद गोफमैन देश की सबसे शक्तिशाली जासूसी संस्था की कमान संभालेंगे। इस घोषणा के साथ ही नेतन्याहू ने गोफमैन की जमकर सराहना की और उन्हें एक ऐसा 'साहसी और रचनात्मक' अधिकारी बताया, जिसने युद्ध के कठिन समय में लीक से हटकर सोचने की क्षमता और असाधारण सूझबूझ का परिचय दिया है। प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि गोफमैन इजरायल की राष्ट्रीय सुरक्षा को और अधिक सुदृढ़ करेंगे।

सैन्य नेतृत्व का समर्थन और भविष्य की संभावनाएं

रोमन गोफमैन की योग्यता पर इजरायल डिफेंस फोर्स (IDF) के चीफ ऑफ स्टाफ आयल जमीर ने भी भरोसा जताया है। जमीर ने उनके सैन्य करियर की प्रशंसा करते हुए उन्हें हर दृष्टि से एक योग्य और उत्कृष्ट इंसान करार दिया। उन्होंने यहां तक कहा कि यदि गोफमैन को मोसाद के प्रमुख की जिम्मेदारी न दी जाती तो वे भविष्य में स्वयं उनकी जगह IDF के चीफ ऑफ स्टाफ बनने के सबसे प्रबल दावेदार होते। इस समर्थन के बावजूद, मोसाद के भीतर और सार्वजनिक क्षेत्र में इस नियुक्ति को लेकर विरोध के स्वर तेज हो गए हैं, जिससे एजेंसी की अखंडता पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

मौजूदा प्रमुख का विरोध और शक्तियों के दुरुपयोग का आरोप

विवाद की सबसे बड़ी वजह वर्तमान मोसाद चीफ डेविड बार्निया का कड़ा रुख है। बार्निया ने इस नियुक्ति का पुरजोर विरोध करते हुए गोफमैन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में गोफमैन को एक ऐसा व्यक्ति बताया है जो अपनी शक्तियों का दुरुपयोग करने के लिए जाना जाता है। इस विरोध ने मोसाद के नेतृत्व के बीच चल रही खींचतान को दुनिया के सामने ला दिया है। वहीं, सीनियर अपॉइंटमेंट्स कमेटी द्वारा इस नियुक्ति को दी गई मंजूरी को ओरी एल्माकायस ने 'बेतुका' करार दिया है। एल्माकायस का दावा है कि गोफमैन की नियुक्ति मोसाद और इजरायल की सुरक्षा के लिए एक वास्तविक खतरा साबित हो सकती है और उन्होंने इस फैसले को रद्द करवाने के लिए कानूनी लड़ाई लड़ने की चेतावनी दी है।

17 वर्षीय किशोर का विवादित मामला और गोफमैन पर आरोप

रोमन गोफमैन की छवि पर सबसे गहरा दाग ओरी एल्माकायस से जुड़ा वह पुराना मामला है, जिसने इजरायल में काफी सुर्खियां बटोरी थीं। आरोप है कि जब गोफमैन 210वीं डिवीजन के कमांडर थे, तब उन्होंने एक 17 साल के किशोर (एल्माकायस) को एक अनधिकृत और गोपनीय प्रभाव अभियान के लिए भर्ती किया था। इस अभियान के दौरान उस किशोर को संवेदनशील और गोपनीय जानकारी साझा की गई, जिसे उसने बाद में सोशल मीडिया पर सार्वजनिक कर दिया। इसके परिणामस्वरूप एल्माकायस को गिरफ्तार किया गया और उन्हें 18 महीने तक हिरासत में रहना पड़ा।

विश्वासघात के आरोप और भविष्य की चिंताएं

इस विवाद ने तब और तूल पकड़ लिया जब एल्माकायस ने आरोप लगाया कि अभियान के विफल होने और कानूनी शिकंजा कसने के बाद गोफमैन ने उन्हें उनके हाल पर 'अकेला छोड़ दिया' था। गोफमैन की नई नियुक्ति पर तीखी प्रतिक्रिया देते हुए एल्माकायस ने कहा कि जो व्यक्ति एक 17 साल के लड़के को मुसीबत में अकेला छोड़ सकता है, वह भविष्य में मोसाद के एजेंटों को भी बीच राह में छोड़ देगा। यह व्यक्तिगत और पेशेवर विवाद अब मोसाद की नई लीडरशिप के लिए एक बड़ी चुनौती बन गया है, जिससे एजेंसी के भीतर अविश्वास का माहौल पैदा होने की आशंका जताई जा रही है।

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