
कराची में भारी बवाल: खामेनेई की मौत पर अमेरिकी दूतावास का घेराव, तनाव बढ़ा
ईरान के सुप्रीम लीडर खामेनेई की हत्या के बाद कराची में अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर हजारों लोग जमा हुए। श्रीनगर में भी विरोध प्रदर्शन, 40 दिन के शोक का एलान।
Protest Against USA and Israel After Khamenei Death : ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की हत्या के विरोध में पाकिस्तान का कराची शहर रविवार को प्रदर्शनों की आग में जल उठा। अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हवाई हमले में खामेनेई की मौत की खबर मिलते ही हजारों की संख्या में लोग अमेरिकी वाणिज्य दूतावास के बाहर जमा हो गए। एसोसिएटेड प्रेस (AP) के अनुसार, प्रदर्शनकारियों ने दूतावास को घेर लिया और अमेरिका व इजरायल के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कराची में बढ़ते गुस्से को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियों ने इलाके को छावनी में बदल दिया है। प्रदर्शनकारी "हत्यारों को सजा दो" और "अमेरिका मुर्दाबाद" के नारे लगा रहे थे। केवल कराची ही नहीं, बल्कि भारत के श्रीनगर में भी शिया समुदाय ने सड़कों पर उतरकर अपना विरोध दर्ज कराया। ईरान ने इस घटना के बाद 40 दिनों के राष्ट्रीय शोक की घोषणा की है।
कराची: अमेरिकी दूतावास के बाहर भारी प्रदर्शन
कराची में स्थिति तब और गंभीर हो गई जब प्रदर्शनकारी दूतावास की सुरक्षा घेरा तोड़ने की कोशिश करने लगे। प्रदर्शनकारियों के हाथों में खामेनेई की तस्वीरें और काले झंडे थे। वे इस हमले को अंतरराष्ट्रीय अपराध बता रहे हैं। स्थानीय पुलिस और अर्धसैनिक बलों ने भीड़ को रोकने के लिए कई सड़कों को बंद कर दिया है। कराची के इस विरोध ने पूरे पाकिस्तान में तनाव की लहर पैदा कर दी है।
श्रीनगर में भी शांतिपूर्ण प्रदर्शन
भारत में श्रीनगर में भी खामेनेई की मौत का गहरा असर देखा गया। शहर के केंद्र में सैकड़ों लोगों ने शांतिपूर्ण मार्च निकाला और मातम मनाया। कश्मीरी शिया समुदाय ने 'नौहा' (शोक गीत) गाकर अपना दुख व्यक्त किया। लोगों का कहना है कि खामेनेई उनके सर्वोच्च धार्मिक नेता (मरजा-ए-तकलीद) थे। श्रीनगर के कई इलाकों में एहतियातन सुरक्षा व्यवस्था सख्त कर दी गई है।
ईरान की जवाबी कार्रवाई का संकल्प
विरोध प्रदर्शनों के बीच ईरान की सरकार ने 40 दिनों के शोक का एलान किया है। ईरान की 'रिवोल्यूशनरी गार्ड्स' ने चेतावनी दी है कि वे अपने नेता की मौत का बदला लेंगे। इस बीच ईरान ने इजरायल और खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइलें दागी हैं। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि वे किसी भी जवाबी हमले को बर्दाश्त नहीं करेंगे। पूरी दुनिया इस समय खाड़ी देशों में बढ़ते इस जनाक्रोश को देख रही है।

