मार्क कार्नी की ट्रंप को दो-टूक,कभी अमेरिका का हिस्सा नहीं बनेगा कनाडा
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मार्क कार्नी की ट्रंप को दो-टूक,कभी अमेरिका का हिस्सा नहीं बनेगा कनाडा

कनाडा में नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने शपथ लेते ही अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप को खरी-खरी सुना दी। कनाडा को अमेरिका में मिलाने की बात का कार्नी ने जवाब दिया।


कनाडा की बांह मरोड़ने की कोशिशों में लगे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने आगाह किया है। पीएम पद की शपथ लेने के बाद कार्नी ने खरी-खरी कह दी कि कनाडा को अमेरिका में मिलाने के ख्वाब भूल जाएं।

मार्क कार्नी शुक्रवार को कनाडा के २४वें प्रधानमंत्री बन गए हैं। उन्होंने शपथ लेने के बाद सबसे पहले उस मसले पर बोला जोकि अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रंप की धमकी के बाद कनाडा के नागरिकों को बेचैन कर रहा था। वो मसला था कनाडा की संप्रभुता का।

कनाडा को अमेरिका का 51वां प्रांत बनाने के ट्रंप के बयान पर मार्क कानी ने दो टूक कही. उन्होंने बहुत साफ लहजे में कहा,"हम कभी भी, किसी भी तरह से, किसी भी रूप में, अमेरिका का हिस्सा नहीं बनेंगे। अमेरिका कनाडा नहीं है।”

कार्नी ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो की हालिया टिप्पणी पर भी जवाब दिया. रुबियो ने शुक्रवार सुबह कहा था कि अगर कनाडा अमेरिका का 51वां राज्य बनता है तो वह आर्थिक रूप से मजबूत होगा। इस पर कार्नी ने कहा, "इस तरह के बयान पागलपन है। हम बस इतना ही कह सकते हैं।"

कार्नी का बयान कितना अहम?

कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी के इस बयान के बहुत बड़े मायने हैं। जब से अमेरिका में ट्रंप सत्ता में वापस लौटे हैं, तभी से अमेरिका और कनाडा के रिश्तों में तल्खी आई है। इसका असर कनाडा की राजनीति में भी दिखा है, जहां सरकार का नेतृत्व ही बदल गया।

प्रचंड बहुमत के साथ प्रधानमंत्री पद के लिए चुने गए मार्क कार्नी ने जस्टिन ट्रूडो की जगह कमान संभाली है जोकि करीब 10 साल तक प्रधानमंत्री रहे। कार्नी को मिला व्यापक समर्थन इसका संकेत माना गया कि कनाडा एक मजबूत लीडरशिप चाहता है।

टैरिफ वॉर का क्या होगा?

शपथ ग्रहण के दिन ही कनाडा के नए प्रधानमंत्री मार्क कार्नी ने ये साफ कर दिया है कि देशहित से जुड़े मुद्दों पर उनका स्टैंड क्या रहने वाला है। अब सबकी नजर इस पर होगी कि अमेरिका के साथ टैरिफ वॉर में उनका क्या रुख रहने वाला है।

ट्रंप ने कनाडा से अमेरिका आने वाले सामान पर २५% टैरिफ या आयात शुल्क वसूलने का फैसला किया है। कनाडा के लिए ये मोर्चा बहुत बड़ा है क्योंकि वो दुनिया को जो सामान निर्यात करता है, उसका अकेले ७५% अमेरिका को भेजता है।

जानकारों का मानना है कि अगर २५% टैरिफ वाले मामले पर मार्क कार्नी ने ट्रंप के सामने सरेंडर कर दिया तो कनाडा की अर्थव्यवस्था और गड़बड़ाने का खतरा पैदा हो जाएगा।

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