Myanmar Earthquake: नेपीडॉ का 1000 बिस्तरों वाला अस्पताल बन सकता है कैसुअल्टी क्षेत्र
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Myanmar Earthquake: नेपीडॉ का 1000 बिस्तरों वाला अस्पताल बन सकता है कैसुअल्टी क्षेत्र

म्यांमार में आये भूकंप के बाद मृतकों और घायलों की संख्या बढ़ने का अनुमान है, जिसे देखते हुए एक हजार बिस्तर वाले अस्पताल को आपातकाल के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है.


Myanmar Earthquake : म्यांमार के सगाइंग शहर के पास शुक्रवार दोपहर 7.7 तीव्रता का भूकंप आया, जिससे राजधानी नेपीडॉ स्थित एक 1000 बिस्तरों वाला अस्पताल "बड़े पैमाने पर हताहत क्षेत्र" बनने की आशंका जताई जा रही है। यह शहर नेपीडॉ से लगभग 260 किलोमीटर दूर स्थित है।


जान-माल का नुकसान

  • अस्पताल में मृतकों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई, लेकिन कुल 20 लोगों की मौत की खबर है। मंडाले में एक मस्जिद के गिरने से 10 लोगों की मौत हो गई। एएफपी के अनुसार, यह अस्पताल शहर के सबसे बड़े अस्पतालों में से एक है। इमारत के बाहर घायलों को सड़कों पर उपचार दिया जा रहा है। स्ट्रेचर पर पड़े मरीजों के लिए ड्रिप लटकाई गई है और परिवारजन उन्हें सांत्वना दे रहे हैं। मंडाले में कई आवासीय इमारतें क्षतिग्रस्त हुईं। इरावदी नदी पर बना पुराना पुल नष्ट हो गया। थाईलैंड सीमा पर स्थित एक मठ पूरी तरह ध्वस्त। उत्तरी थाईलैंड में झटके महसूस किए गए, जिससे बैंकॉक में कुछ मेट्रो सेवाएं निलंबित करनी पड़ीं।


थाईलैंड के प्रधानमंत्री पैतोंगटार्न शिनावात्रा ने बैंकॉक में 'आपातकाल' घोषित किया।


  • भूकंप से बर्बादी अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया

  • भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ट्वीट करते हुए लिखा "म्यांमार और थाईलैंड में भूकंप के बाद की स्थिति से चिंतित हूं। सभी की सुरक्षा और भलाई के लिए प्रार्थना करता हूं। भारत हर संभव सहायता देने के लिए तैयार है। हमने अपने अधिकारियों को तैयार रहने और विदेश मंत्रालय से संपर्क बनाए रखने को कहा है।"


अमेरिकी जियोलॉजिकल सर्वे का विश्लेषण

  • भूकंप का केंद्र धरती में 10 किलोमीटर नीचे था।
  • केंद्र म्यांमार के मांडले शहर के पास स्थित था।
  • इरावदी नदी पर बना विशाल पुल ढह गया।


नेपीडॉ में सड़कों पर दरारें आ गईं।


गिरती इमारतों से लोग दूर भागते दिखे।


एक वीडियो में मेट्रो ट्रेन को प्लेटफॉर्म पर बुरी तरह हिलते देखा गया।

  • सरकार ने आपातकालीन बैठक बुलाई।

बैंकॉक में दहशत के दृश्य

स्थिति लगातार बदल रही है, और राहत व बचाव कार्य जारी हैं।


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