
भारत आ रहे थाईलैंड के जहाज पर हॉर्मुज में हमला, विदेश मंत्रालय ने हमले की निंदा की
विदेश मंत्रालय ने दोहराया कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाने और नागरिक क्रू सदस्यों की जान को खतरे में डालने से बचा जाना चाहिए।
भारत ने हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में थाईलैंड के झंडे वाले कार्गो जहाज मायुरी नरी (Mayuree Naree) पर हुए हमले की कड़ी निंदा की है और पुष्टि की है कि यह जहाज गुजरात के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा था। भारत ने चल रहे संघर्ष के बीच एक वाणिज्यिक जहाज को निशाना बनाए जाने की आलोचना की है।
विदेश मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि थाई कार्गो जहाज को निशाना बनाना और निर्दोष नागरिकों की जान को खतरे में डालना टाला जाना चाहिए। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने एक्स पर इस बयान को साझा करते हुए लिखा, “भारत के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहे जहाज के संबंध में बयान।”
बयान में कहा गया,“हमें 11 मार्च को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में थाई जहाज मायुरी नरी पर हुए हमले की खबरें मिली हैं। यह जहाज भारत के कांडला बंदरगाह की ओर जा रहा था।”
भारत ने इस बात पर गहरी चिंता जताई कि पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष के दौरान वाणिज्यिक जहाजों को सैन्य हमलों का निशाना बनाया जा रहा है।
बयान में हाल के हमलों में निर्दोष लोगों की मौत की भी निंदा की गई, जिनमें दो भारतीय नागरिक शामिल थे, जबकि एक व्यक्ति लापता बताया गया है। मंत्रालय ने कहा कि हमलों की तीव्रता लगातार बढ़ती दिखाई दे रही है।
बयान में कहा गया,“इस संघर्ष के पहले चरण में ऐसे कई हमलों में कीमती जानें जा चुकी हैं, जिनमें भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। इन हमलों की तीव्रता और घातकता लगातार बढ़ती दिख रही है।”
भारत ने आगे कहा कि वाणिज्यिक जहाजों को ऐसे हमलों से बाहर रखा जाना चाहिए।
बयान में कहा गया,“भारत दोहराता है कि वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाना, निर्दोष नागरिक क्रू सदस्यों की जान को खतरे में डालना या समुद्री मार्गों और व्यापार की स्वतंत्रता में बाधा डालना टाला जाना चाहिए।”
बुधवार को हॉर्मुज़ जलडमरूमध्य में भारत की ओर जा रहे थाईलैंड के झंडे वाले एक वाणिज्यिक जहाज पर हमला हुआ। बाद में ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने इस हमले की जिम्मेदारी ली।
थाईलैंड के परिवहन मंत्रालय ने एक बयान में कहा कि जहाज पर सवार 23 क्रू सदस्यों में से तीन लापता हैं।
यह हमला ओमान के समुद्री क्षेत्र के पास हुआ। हमले के बाद क्रू सदस्यों ने लाइफबोट में जहाज छोड़ दिया था, जिन्हें बाद में ओमान की नौसेना ने बचा लिया।
रॉयल थाई नेवी के एडमिरल थाडावुत थाटपितक्कुल ने बताया कि घटना की जानकारी मिलने के बाद बहरीन में तैनात थाई नौसेना के कर्मियों ने ओमानी नौसेना के साथ मिलकर बचाव अभियान का समन्वय किया।

