
दुबई के आसमान में टकराई मिसाइलें, मलबे से दहला टावर
मिडिल ईस्ट में जंग का 9वां दिन, दुबई मरीना की इमारत पर गिरा ईरानी मिसाइल का मलबा। यूएई ने 119 ड्रोन मार गिराए। 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' से ईरान में मची भारी तबाही।
USA/Israel Vs Iran : ईरान के साथ इजराइल और अमेरिका के युद्ध ने मिडिल ईस्ट को बर्बादी की ओर ढकेल दिया है। ये विनाशकारी जंग अपने नौवें दिन में प्रवेश कर गयी है और बारूद की गंध पूरे अरब क्षेत्र में फैल चुकी है। अमेरिका और इजरायल के साझा हमलों ने ईरान की कमर तोड़कर रख दी है। पिछले एक हफ्ते से जारी यह सैन्य कार्रवाई अब बेकाबू होती दिख रही है। तेहरान समेत ईरान के कई रणनीतिक ठिकानों पर फिर भीषण बमबारी हुई है। इस युद्ध की आंच अब केवल सीमावर्ती इलाकों तक ही सीमित नहीं रही है। खाड़ी के अन्य समृद्ध देश भी अब सीधे तौर पर इस युद्ध की चपेट में आ रहे हैं। ईरानी मिसाइलों और ड्रोन्स ने पूरे क्षेत्र के एयर डिफेंस सिस्टम को चुनौती दी है। हालात की गंभीरता को देखते हुए खाड़ी के सभी देशों में रेड अलर्ट जारी है।
दुबई मरीना के रिहायशी इलाके में गिरा जलता हुआ मलबा
शनिवार को संयुक्त अरब अमीरात के सबसे पॉश इलाके दुबई मरीना में दहशत फैल गई। यहां एक गगनचुंबी इमारत के पास ईरानी मिसाइल का जलता हुआ मलबा गिर गया। यूएई के एयर डिफेंस सिस्टम ने एक संदिग्ध ईरानी मिसाइल को सफलतापूर्वक इंटरसेप्ट किया था। इसी मिसाइल का अवशेष मरीना स्थित एक टावर के बाहरी हिस्से से जा टकराया। घटना के तुरंत बाद इमारत के फैसाड से गहरा काला धुआं निकलता हुआ देखा गया। दुबई सरकार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर इस घटना की पुष्टि की है। सरकारी बयान के अनुसार, स्थिति को समय रहते पूरी तरह नियंत्रित कर लिया गया। इस हादसे में किसी भी नागरिक के हताहत होने की खबर नहीं है। फिर भी, रिहायशी इलाके में हुए इस धमाके ने सुरक्षा चिंताओं को बढ़ा दिया है।
यूएई सेना ने आसमान में ही ढेर किए 119 आत्मघाती ड्रोन्स
यूएई के रक्षा मंत्रालय ने शनिवार को अपनी सैन्य मुस्तैदी के बड़े आंकड़े जारी किए। मंत्रालय के अनुसार, ईरान की ओर से कुल 16 बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गई थीं। इनमें से 15 मिसाइलों को आधुनिक डिफेंस सिस्टम ने हवा में ही नष्ट कर दिया। इसके अतिरिक्त, ईरान ने करीब 121 घातक आत्मघाती ड्रोन्स के जरिए हमला करने की कोशिश की। यूएई की वायुसेना ने गजब की फुर्ती दिखाते हुए 119 ड्रोन्स को मार गिराया। राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान ने देश को पहली बार संबोधित किया। उन्होंने साफ लफ़्ज़ों में कहा कि यूएई अभी आधिकारिक तौर पर युद्ध की स्थिति में है। उन्होंने जनता को भरोसा दिलाया कि देश इस संकट से और मजबूत होकर उभरेगा।
'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' और अयातुल्ला खामेनेई की मौत की खबर
अमेरिका और इजरायल द्वारा संचालित 'ऑपरेशन एपिक फ्यूरी' अब अपने चरम पर है। 28 फरवरी को शुरू हुए इस मिशन का उद्देश्य ईरान की सैन्य शक्ति को कुचलना है। राजधानी तेहरान में हुए हमलों ने ईरानी सत्ता के शीर्ष नेतृत्व को खत्म कर दिया है। अपुष्ट खबरों के मुताबिक, इन हवाई हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई मारे गए हैं। उनके साथ उनके परिवार के कई सदस्यों के भी जान गंवाने की खबर सामने आई है। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने अमेरिका के सामने घुटने टेकने से इनकार किया है। उन्होंने कहा कि दुश्मन आत्मसमर्पण की अपनी इच्छा को अपने साथ कब्र में ले जाएंगे। ईरानी जनता अपनी आज़ादी के लिए आखिरी दम तक संघर्ष करने को तैयार है।
खाड़ी देशों में युद्ध की आहट, विश्व शांति पर मंडराया संकट
मिडिल ईस्ट का यह संघर्ष अब एक वैश्विक ऊर्जा और सुरक्षा संकट बनता जा रहा है। बहरीन, कुवैत, कतर और जॉर्डन ने अपने डिफेंस सिस्टम को 24 घंटे एक्टिव रखा है। किसी भी संदिग्ध उड़ान को देखते ही मिसाइल दागने के सख्त आदेश दिए गए हैं। ईरान की सीमा से सटे सभी देशों में सेना की तैनाती को दोगुना किया गया है। तेल की वैश्विक सप्लाई चेन पर भी इस भीषण युद्ध का साया मंडरा रहा है। अगर यह तनाव कम नहीं हुआ, तो वैश्विक अर्थव्यवस्था को भारी चोट पहुँच सकती है। अमेरिका और इजरायल फिलहाल अपने सैन्य अभियान को रोकने के मूड में नहीं दिख रहे। आने वाले कुछ दिन पूरी दुनिया की सुरक्षा और शांति के लिए निर्णायक होंगे।
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