
म्यांमार में सत्ता बदलाव के संकेत, राष्ट्रपति बन सकते हैं मिन
म्यांमार के सेना प्रमुख मिन आंग ह्लाइंग राष्ट्रपति बन सकते हैं। सेना समर्थित पार्टी की चुनावी जीत के बीच सत्ता मजबूत करने की तैयारी तेज हो गई है।
म्यांमार के सैन्य प्रमुख, सीनियर जनरल Min Aung Hlaing जल्द ही सेना प्रमुख के पद से सेवानिवृत्त होकर राष्ट्रपति पद संभाल सकते हैं। शीर्ष सैन्य सूत्रों ने संकेत दिया है कि मिन आंग ह्लाइंग अपने उत्तराधिकारी का चयन स्वयं करेंगे, ताकि राष्ट्रपति के रूप में उनका कार्यकाल सुचारु और बिना किसी बाधा के चल सके।
बीबीसी बर्मीज़ (BBC बर्मीज़) की एक रिपोर्ट के अनुसार, म्यांमार के वर्तमान विदेश मंत्री Than Swe ने हाल ही में अपने थाई समकक्ष सिहासक फुआंगकेटकेओ (Sihasak Phuangketkeow) से कहा कि 2011 से सेना प्रमुख रहे मिन आंग ह्लाइंग की जगह एक नए कमांडर-इन-चीफ की नियुक्ति होगी। हालांकि सिहासक से इस संबंध में संपर्क नहीं हो सका, लेकिन शीर्ष सैन्य अधिकारियों ने पुष्टि की कि राष्ट्रपति बनने की योजना पूरी तरह सक्रिय है।
हाल ही में हुए राष्ट्रीय चुनाव, जिसे कई विश्लेषकों ने दिखावटी करार दिया। सेना समर्थित यूनियन सॉलिडेरिटी एंड डेवलपमेंट पार्टी ने संसद के दोनों सदनों में भारी बहुमत हासिल किया। निचले सदन की 263 सीटों में से 232 सीटें और ऊपरी सदन की अब तक घोषित 157 सीटों में से 109 सीटें यूएसडीपी के खाते में गईं।
मार्च में राष्ट्रपति का चुनाव
सैन्य जुंटा के प्रवक्ता ज़ॉ मिन टुन ने प्रो-सैन्य इलेवन मीडिया ग्रुप को बताया कि संसद मार्च में राष्ट्रपति के चुनाव के लिए बैठक करेगी और अप्रैल में नई सरकार कार्यभार संभालेगी।
2008 के सैन्य-प्रस्तावित संविधान के अनुसार, सेना प्रमुख की नियुक्ति राष्ट्रपति द्वारा राष्ट्रीय रक्षा और सुरक्षा परिषद की सिफारिश पर की जाती है, और राष्ट्रपति एक साथ कोई अन्य पद नहीं रख सकता।
राष्ट्रपति बनने की महत्वाकांक्षा
फरवरी की शुरुआत में जुंटा ने यूनियन कंसल्टेटिव काउंसिल नामक एक नया निकाय बनाया है, जो नई सरकार की निगरानी करेगा। इससे यह संभावना जताई जा रही है कि मिन आंग ह्लाइंग राष्ट्रपति के रूप में इस परिषद की अध्यक्षता कर सकते हैं। बताया जाता है कि 2015 से ही उनकी राष्ट्रपति बनने की महत्वाकांक्षा रही है। सेना से उनका संभावित सेवानिवृत्त होना इस दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
पूर्व तानाशाह सीनियर जनरल थान श्वे ने 2011 में सेना प्रमुख पद से इस्तीफा देकर सत्ता यूएसडीपी समर्थित सरकार को सौंपी थी। उस सरकार का नेतृत्व सेवानिवृत्त जनरल थीन सेन ने किया, जिन्होंने राजनीतिक सुधारों की शुरुआत की। बाद में 2015 के चुनाव में नेशनल लीग फॉर डेमोक्रेसी की ऐतिहासिक जीत के बाद सत्ता आंग सान सू की को सौंप दी गई।
कई सैन्य सूत्रों का कहना है कि मिन आंग ह्लाइंग ने समय-समय पर आंग सान सू की को अपनी राष्ट्रपति बनने की इच्छा से अवगत कराया था, लेकिन उनकी लगातार अस्वीकृति से वे नाराज थे।
फरवरी 2021 का तख्तापलट
एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी के अनुसार इसी कारण फरवरी 2021 में तख्तापलट किया गया, जब 2020 के चुनाव में एनएलडी ने निर्णायक जीत हासिल की थी। यह तख्तापलट उस समय हुआ जब एनएलडी सरकार लगातार दूसरे कार्यकाल के लिए शपथ लेने वाली थी। तब से आंग सान सू की और उनके कई सहयोगी कथित आरोपों में जेल में बंद हैं।
विद्रोही संगठनों की चेतावनी
यदि मिन आंग ह्लाइंग राष्ट्रपति बनते हैं, तो वे अपने विश्वस्त सहयोगी को नया सेना प्रमुख बनाकर और यूएसडीपी के टिकट पर चुने गए वफादारों को मंत्रिमंडल में शामिल कर सत्ता को और मजबूत कर सकते हैं। हालांकि, यह कदम म्यांमार के लिए नई अस्थिरता भी ला सकता है। 2021 के तख्तापलट के बाद से सैन्य शासन के खिलाफ लड़ रहे विभिन्न जातीय विद्रोही समूहों ने चेतावनी दी है कि वे बर्मी सेना ‘तत्मादाव’ के खिलाफ अपने सशस्त्र अभियान को और तेज करेंगे।
वहीं, खुद को म्यांमार की जनता का वास्तविक प्रतिनिधि” बताने वाली नेशनल यूनिटी गवर्नमेंट ने चुनावों को खारिज करते हुए सैन्य शासन को उखाड़ फेंकने का संकल्प दोहराया है।

