
'होर्मुज की खाड़ी रहेगी बंद', नए ईरानी नेता की खुली चेतावनी
ईरान के नए सर्वोच्च नेता मोज्तबा खामेनेई का पहला संदेश: अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर होंगे हमले, तेल मार्ग बंद कर दुनिया की अर्थव्यवस्था तबाह करने की चेतावनी।
Strait Of Hormuz : ईरान के नवनियुक्त सर्वोच्च नेता अयातुल्ला मोज्तबा खामेनेई ने गुरुवार को पद संभालने के बाद अपना पहला सार्वजनिक संदेश जारी किया है, जिसने पूरी दुनिया में खलबली मचा दी है। अपने पिता की मृत्यु के बाद नेतृत्व संभालने वाले मोज्तबा ने स्पष्ट किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दुश्मनों के खिलाफ दबाव के एक हथियार के रूप में बंद रखा जाना चाहिए। ईरानी सरकारी टेलीविजन पर एक प्रस्तोता द्वारा पढ़े गए इस संदेश में मोज्तबा खामेनेई ने सीधी चेतावनी दी कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य ठिकानों को तत्काल बंद किया जाना चाहिए, अन्यथा वे भीषण हमलों का सामना करेंगे। गौरतलब है कि यह बयान ऐसे समय में आया है जब 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हवाई हमलों के बाद पूरा मध्य पूर्व युद्ध की आग में जल रहा है। मोज्तबा ने कैमरे के सामने आए बिना अपने संदेश में संकल्प लिया कि ईरान अपने 'शहीदों' के खून का बदला लेने से पीछे नहीं हटेगा और वैश्विक अर्थव्यवस्था को तबाह करने वाले इस लंबे युद्ध को जारी रखेगा।
होर्मुज की खाड़ी को हथियार बनाने का एलान
मोज्तबा खामेनेई ने अपने संदेश में तेहरान को होर्मुज जलडमरूमध्य के रणनीतिक लाभ का पूरा उपयोग करने का निर्देश दिया है। यह संकीर्ण जलमार्ग वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा के लिए सबसे महत्वपूर्ण मार्ग है, जहाँ से दुनिया की कुल तेल आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। खामेनेई ने कहा कि ईरान के दुश्मनों पर दबाव बनाने के लिए इस मार्ग को पूरी तरह अवरुद्ध रखा जाए। उनके इस आदेश ने वैश्विक तेल बाजार में हड़कंप मचा दिया है, क्योंकि इस मार्ग में किसी भी बाधा का मतलब दुनिया भर में ईंधन की कीमतों का अनियंत्रित होना है। हालिया हमलों के कारण पहले ही इस मार्ग से आवाजाही लगभग ठप हो गई है।
अमेरिकी ठिकानों और संपत्तियों पर हमले की चेतावनी
ईरानी नेता ने सीधे तौर पर अमेरिका को निशाने पर लेते हुए कहा कि क्षेत्र में मौजूद सभी अमेरिकी सैन्य अड्डों को तुरंत बंद कर दिया जाना चाहिए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ऐसा नहीं करता है, तो इन ठिकानों पर हमले किए जाएंगे। इसके अलावा, खामेनेई ने 'आक्रामकता' के बदले प्रतिशोध की कार्रवाई जारी रखने की कसम खाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि ईरान अपने दुश्मनों से मुआवजे की मांग करेगा या उनकी संपत्तियों को उसी स्तर तक नष्ट कर देगा। उन्होंने विशेष रूप से एक स्कूल पर हुए हमले में मारे गए ईरानियों का जिक्र करते हुए कहा कि तेहरान इसका बदला लेकर रहेगा और दुश्मन की संपत्तियों को निशाना बनाएगा।
ट्रंप के दावे और ईरान की आक्रामकता
ईरान की यह आक्रामकता ऐसे समय में दिखी है जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार देर रात दावा किया था कि इस्लामिक रिपब्लिक हार के करीब है और 'लाइन के अंत' पर खड़ा है। ट्रंप के इन दावों को ठेंगा दिखाते हुए तेहरान ने लंबी जंग लड़ने की तैयारी दिखाई है। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिका और इजरायल के साथ एक ऐसा युद्ध छेड़ सकता है जो विश्व अर्थव्यवस्था को पूरी तरह नष्ट कर देगा। होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जारी इस लड़ाई ने पहले ही ऊर्जा बाजारों में झटके भेजे हैं, जिससे दुनिया भर की सरकारों को अपने आपातकालीन तेल भंडार (Strategic Reserves) खोलने पर मजबूर होना पड़ा है।
वैश्विक ऊर्जा संकट और भविष्य की अनिश्चितता
28 फरवरी से शुरू हुए इस संघर्ष ने तेल की कीमतों को आसमान पर पहुँचा दिया है। ईरानी मिसाइल और ड्रोन हमलों ने होर्मुज से होने वाली शिपिंग को लगभग पूरी तरह रोक दिया है। हालांकि ट्रंप प्रशासन का मानना है कि ईरान की सैन्य क्षमताएं लगभग खत्म हो चुकी हैं, लेकिन मोज्तबा खामेनेई के ताजा संदेश ने यह स्पष्ट कर दिया है कि ईरान झुकने के मूड में नहीं है। दुनिया अब एक ऐसे मोड़ पर खड़ी है जहाँ एक छोटी सी सैन्य चूक बड़े वैश्विक आर्थिक पतन का कारण बन सकती है। ईरान ने साफ कर दिया है कि वह अपने शहीदों के खून का बदला लेने के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार है।

