मोजतबा खामेनेई की भूमिका सीमित, जनरल चला रहे रणनीति-रिपोर्ट
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मोजतबा खामेनेई की भूमिका सीमित, जनरल चला रहे रणनीति-रिपोर्ट

ईरान में मोजतबा खामेनेई चोट के बाद फैसलों के लिए IRGC जनरलों पर निर्भर हैं, जिससे सत्ता संचालन में सैन्य प्रभाव बढ़ता दिख रहा है।


ईरान में सत्ता के शीर्ष पर बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। मोजतबा खामेनेई, जो अपने पिता अयातुल्ला अली खामेनेई के निधन के बाद सर्वोच्च नेता बने, अब महत्वपूर्ण फैसलों के लिए अनुभवी सैन्य अधिकारियों पर निर्भर बताए जा रहे हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार, वे शांति, युद्ध और अमेरिका के साथ बातचीत जैसे अहम मुद्दों पर खुद निर्णय लेने के बजाय सलाहकारों के समूह पर भरोसा कर रहे हैं।

आईआरजीसी जनरलों पर बढ़ती निर्भरता

इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के वरिष्ठ जनरल अब देश के युद्ध, कूटनीति और सुरक्षा से जुड़े फैसलों में केंद्रीय भूमिका निभा रहे हैं। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ की रिपोर्ट के मुताबिक, मोजतबा खामेनेई एक “बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स” की तरह देश का संचालन कर रहे हैं, जहां अंतिम निर्णय सामूहिक रूप से लिए जाते हैं।पूर्व राष्ट्रपति महमूद अहमदीनेजाद के पूर्व सलाहकार अब्दोलरेज़ा दावरी ने कहा, “मोजतबा बोर्ड के सदस्यों की सलाह पर काफी निर्भर हैं और सभी फैसले सामूहिक रूप से लिए जाते हैं।”

चोट के बाद बढ़ी गोपनीयता

युद्ध की शुरुआत में हुए हवाई हमले में घायल होने के बाद मोजतबा खामेनेई सार्वजनिक रूप से काफी कम दिखाई दिए हैं। मार्च में सर्वोच्च नेता बनने के बाद से उन्हें न तो सार्वजनिक रूप से देखा गया है और न ही सुना गया है। सुरक्षा कारणों और स्वास्थ्य स्थिति के चलते उनका स्थान भी गुप्त रखा गया है।

स्वास्थ्य स्थिति और उपचार

रिपोर्ट के अनुसार, गंभीर चोटों के बावजूद मोजतबा मानसिक रूप से सक्रिय हैं, लेकिन शारीरिक रूप से उन्हें काफी नुकसान हुआ है। उनकी एक टांग पर कई ऑपरेशन हुए हैं और आगे चलकर कृत्रिम अंग की आवश्यकता पड़ सकती है। हाथ की सर्जरी के बाद अभी रिकवरी जारी है, जबकि चेहरे और होंठों पर गंभीर जलन के कारण बोलने में कठिनाई हो रही है। भविष्य में और सर्जरी की संभावना जताई गई है।

अपनी वर्तमान स्थिति को देखते हुए मोजतबा खामेनेई ने सार्वजनिक रूप से सामने न आने का फैसला किया है। अधिकारियों का मानना है कि उनकी कोई भी सार्वजनिक उपस्थिति कमजोरी का संकेत दे सकती है। इसलिए वे लिखित संदेशों के जरिए ही संवाद कर रहे हैं, जिन्हें ऑनलाइन और सरकारी टीवी के माध्यम से प्रसारित किया जाता है।उन तक संदेश पहुंचाना भी बेहद जटिल प्रक्रिया है। हाथ से लिखे संदेश सीलबंद कर कई स्तरों से गुजरते हुए भेजे जाते हैं, ताकि किसी भी तरह की निगरानी या लीक का खतरा कम हो।

सत्ता संचालन में बदलाव

सुरक्षा चिंताओं और स्वास्थ्य सीमाओं के कारण अब कई महत्वपूर्ण निर्णय वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों द्वारा लिए जा रहे हैं। राजनीतिक गुटों के बीच बहस जारी है, लेकिन उनका प्रभाव पहले जैसा नहीं रहा।

अंतरराष्ट्रीय नजर और प्रतिक्रिया

इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान में हालिया घटनाओं को “रेजिम चेंज” जैसा बताया और कहा कि मौजूदा नेतृत्व पहले से ज्यादा “व्यावहारिक” है।वहीं, चाथम हाउस की विशेषज्ञ सनम वकील के अनुसार, “मोजतबा अभी पूरी तरह नियंत्रण में नहीं हैं। वे औपचारिक रूप से निर्णय प्रक्रिया का हिस्सा हैं, लेकिन कई फैसले पहले से तय रूप में उनके सामने रखे जाते हैं।”मोजतबा खामेनेई की सीमित सक्रियता और जनरलों पर बढ़ती निर्भरता देश की राजनीतिक और सैन्य दिशा को नया रूप दे रही है।

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