
आर्टेमिस 2: अब 54 साल बाद लगेगा चंद्रमा का चक्कर, बनेंगे 6 नए रिकॉर्ड
नासा अपने सबसे महत्वाकांक्षी अभियानों में से एक को शुरू करने की तैयारी में है। आर्टेमिस II मिशन के जरिए 54 साल बाद इंसान फिर से चंद्रमा के पास जाएंगे...
कल यानी 1 अप्रैल 2026 को लॉन्च होगा नासा का आर्टेमिस II मिशन। इसके साथ ही 54 साल बाद इंसान चंद्रमा के बेहद पास जाएगा और अंतरिक्ष यात्री 6 बड़े रेकॉर्ड बनाएंगे। जैसे, पहला अश्वेत अंतरिक्ष यात्री, पहली महिला, पहला गैर-अमेरिकी, पहला सबसे उम्रदराज व्यक्ति, पहली बार पृथ्वी से सबसे दूर जाना, पहली बार सबसे तेज री-एंट्री स्पीड से यह मिशन चंद्रमा की यात्रा को नया इतिहास देने वाला है।
इस मिशन में चारों अंतरिक्ष यात्री ओरियन कैप्सूल में सवार होकर शक्तिशाली SLS रॉकेट से उड़ान भरेंगे। इसका प्रक्षेपण 1 अप्रैल 2026 को फ्लोरिडा के केनेडी स्पेस सेंटर से किया जाएगा। मिशन की अवधि लगभग 10 दिन होगी, जिसमें अंतरिक्ष यात्री चंद्रमा की परिक्रमा करके पृथ्वी पर लौटेंगे। इस मिशन में चंद्रमा पर उतरना शामिल नहीं है। लेकिन इसके साथ कई बड़े रिकॉर्ड बनने वाले हैं, जिन्हें एक दृष्टि में ऐसे समझ सकते हैं...
सबसे अधिक दूरी तक यात्रा करने का रेकार्ड
आर्टेमिस II के अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी से अब तक की सबसे अधिक दूरी तय करेंगे। वे लगभग 4 लाख 2 हजार किलोमीटर दूर चंद्रमा के पास पहुंचेंगे, जो अपोलो 13 मिशन से 2414 किलोमीटर अधिक है।
साथ ही यह मिशन फ्री-रिटर्न ट्रैजेक्टरी पर आधारित है। यानी अंतरिक्ष यान चंद्रमा के पीछे से घूमकर बिना अतिरिक्त रॉकेट जलाए वापस लौट आएगा। इस दौरान चंद्रमा के पीछे जाते समय करीब 50 मिनट तक रेडियो संपर्क भी नहीं रहेगा। यह उपलब्धि लंबे समय तक रेकॉर्ड बनी रह सकती है। क्योंकि भविष्य के मिशनों में इस तरह की ट्रैजेक्टरी अपनाने की संभावना कम है।
सबसे तेज वापसी की तैयारी
इस मिशन में अंतरिक्ष यात्री पृथ्वी की कक्षा में लौटते समय इतिहास में सबसे तेज गति से प्रवेश करेंगे। उनकी री-एंट्री स्पीड 40,200 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक होगी, जो अपोलो 10 के रेकॉर्ड को पीछे छोड़ देगी। इतनी तेज गति के कारण ओरियन कैप्सूल के हीट शील्ड पर अत्यधिक तापमान पड़ेगा। लेकिन नासा के अनुसार, यह इसे सहन करने में सक्षम है। इसी वजह से ये अंतरिक्ष यात्री अब तक के सबसे तेज गति से यात्रा करने वाले इंसान भी बन जाएंगे।
इस मिशन में पहला अश्वेत अंतरिक्ष यात्री
पायलट विक्टर ग्लोवर इस मिशन के माध्यम से इतिहास रचेंगे। वे चंद्रमा के पास जाने वाले पहले अश्वेत अंतरिक्ष यात्री होंगे। इससे पहले वे अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन की यात्रा कर चुके हैं और स्पेसएक्स के ड्रैगन कैप्सूल को पायलट करने वाले पहले व्यक्ति भी रहे हैं। इस मिशन में वे कुछ समय के लिए ओरियन कैप्सूल को मैन्युअल रूप से नियंत्रित भी करेंगे।
चंद्रमा के पास पहुंचने वाली पहली महिला
मिशन स्पेशलिस्ट क्रिस्टीना कोच पहली महिला होंगी, जो लो अर्थ ऑर्बिट से आगे बढ़कर चंद्रमा के पास जाएंगी। वे पहले ही 328 दिनों की लगातार अंतरिक्ष यात्रा का रेकॉर्ड बना चुकी हैं और ऑल-विमेन स्पेसवॉक में भी हिस्सा ले चुकी हैं। इस मिशन में लॉन्च के लगभग 40 मिनट बाद वे और जेरेमी हैनसेन सबसे पहले अपनी सीट से उठकर जीवनरक्षक प्रणाली को सक्रिय करेंगे।
ये बनेंगे पहले गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री
कैनेडियन स्पेस एजेंसी के जेरेमी हैनसेन इस मिशन में शामिल होकर चंद्रमा के पास जाने वाले पहले गैर-अमेरिकी अंतरिक्ष यात्री बनेंगे। 50 वर्षीय हैनसेन की यह पहली अंतरिक्ष यात्रा होगी। उन्हें स्पेस एडाप्टेशन सिंड्रोम का खतरा हो सकता है। इसलिए वे शुरुआती समय में सावधानी बरतेंगे। यह मिशन कनाडा और अमेरिका के बीच अंतरिक्ष सहयोग को भी मजबूत करेगा।
ये रहेंगे सबसे अधिक उम्र वाले अंतरिक्ष यात्री
मिशन के कमांडर रीड वाइसमैन, जिनकी उम्र 50 साल है, चंद्रमा के पास जाने वाले सबसे अधिक उम्र वाले व्यक्ति बनेंगे। इससे पहले यह रेकॉर्ड अपोलो 14 के एलन शेपर्ड (47 वर्ष) के नाम था। इस मिशन में शामिल अन्य सदस्य भी उम्र के मामले में पिछले रिकॉर्ड से आगे हैं। यह दिखाता है कि नासा अब अनुभवी अंतरिक्ष यात्रियों को प्राथमिकता दे रहा है।
आर्टेमिस- II की अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां
यह मिशन SLS रॉकेट का पहला मानवयुक्त प्रक्षेपण होगा और ओरियन कैप्सूल पहली बार इंसानों के साथ उड़ान भरेगा। इसमें लेजर आधारित कम्युनिकेशन सिस्टम का परीक्षण भी किया जाएगा, जो भविष्य में चंद्रमा पर बनने वाले बेस के लिए अहम होगा। इसके अलावा, इस मिशन में पहली बार पूरी तरह कार्यशील शौचालय भी शामिल होगा। जबकि अपोलो मिशनों में केवल बैग का उपयोग किया जाता था।
आर्टेमिस II केवल एक अंतरिक्ष यात्रा नहीं है। बल्कि यह विविधता, दूरी, गति और अनुभव के नए मानक स्थापित करने वाला मिशन है। रीड वाइसमैन, विक्टर ग्लोवर, क्रिस्टीना कोच और जेरेमी हैनसेन मिलकर चंद्रमा की खोज को नई दिशा देंगे। यह मिशन आने वाले आर्टेमिस III और IV अभियानों की नींव रखेगा, जिनका लक्ष्य चंद्रमा पर उतरना और वहां लंबे समय तक मानव उपस्थिति स्थापित करना है।
डिसक्लेमर- यह आर्टिकल सार्वजनिक क्षेत्र (पब्लिक डोमेन) में उपलब्ध जानकारी पर आधारित है।

