किम जोंग उन ने जापान की तरफ दागी 10 मिसाइलें, ईरान-इज़राइल युद्ध के बाद एक और जंग की आहट!
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किम जोंग उन ने जापान की तरफ दागी 10 मिसाइलें, ईरान-इज़राइल युद्ध के बाद एक और जंग की आहट!

उत्तर कोरिया ने शनिवार को समुद्र में 10 से ज्यादा मिसाइलें दागीं। यह घटना अमेरिका और दक्षिण कोरिया के सैन्य अभ्यास के समय हुई। जापान ने भी इसकी पुष्टि की। उत्तर कोरिया लंबे समय से अपने परमाणु और मिसाइल कार्यक्रम को आगे बढ़ा रहा है।


एक तरफ तो ईरान-इजरायल के बीच पिछले 15 दिनों से युद्ध चल रहा है। इस जंग से ही पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था हिल गई है, लेकिन अब एक और युद्ध की आहट सुनाई देने लगी है। ऐसा इसलिए लग रहा है क्योंकि उत्तर कोरिया ने शनिवार को समुद्र में 10 से ज्यादा बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं। यह जानकारी दक्षिण कोरिया की सेना ने दी। मिसाइलें ऐसे समय दागी गईं जब अमेरिका और दक्षिण कोरिया सैन्य अभ्यास कर रहे थे। इस बीच अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने उत्तर कोरिया के साथ बातचीत फिर शुरू करने के संकेत दिए।

जापान की तटरक्षक संस्था ने भी कहा कि उन्होंने एक ऐसी मिसाइल देखी जो समुद्र में गिरी। यह मिसाइल जापान के विशेष आर्थिक क्षेत्र (EEZ) के बाहर गिरी, इसलिए सीधे तौर पर जापान के लिए खतरा नहीं बनी। दक्षिण कोरिया की सेना के अनुसार ये मिसाइलें प्योंगयांग के पास से दोपहर 1:20 बजे दागी गईं और देश के पूर्वी तट की तरफ समुद्र में गिरीं। उत्तर कोरिया अक्सर अपने मिसाइल परीक्षणों से दुनिया को अपनी ताकत दिखाता है।

20 सालों से मिसाइलों का परीक्षण कर रहा उत्तर कोरिया

उत्तर कोरिया पिछले 20 सालों से मिसाइल और क्रूज मिसाइलों का परीक्षण कर रहा है। इसका मकसद ऐसे हथियार तैयार करना है जो परमाणु हथियारों को लंबी दूरी तक ले जा सकें। विशेषज्ञ मानते हैं कि उत्तर कोरिया ने पहले ही परमाणु हथियार बना लिए हैं। इस वजह से 2006 से उसे संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंधों का सामना करना पड़ रहा है। इन प्रतिबंधों से देश की अर्थव्यवस्था, व्यापार और रक्षा पर असर पड़ा है, लेकिन उत्तर कोरिया अपने कार्यक्रम से पीछे नहीं हटता।

सैन्य अभ्यास पर उत्तर कोरिया की नाराजगी

अमेरिका और दक्षिण कोरिया ने इस सप्ताह बड़े पैमाने पर सैन्य अभ्यास किया। दोनों देशों का कहना है कि यह अभ्यास सिर्फ रक्षा के लिए हैं और उत्तर कोरिया से खतरे के लिए तैयारी का हिस्सा है। उत्तर कोरिया इन अभ्यासों को अक्सर अपनी सुरक्षा के लिए खतरा बताता है और इसे “हम पर हमला की तैयारी” मानता है। इसलिए जब भी ये अभ्यास होते हैं, उत्तर कोरिया मिसाइल परीक्षण करके अपनी नाराजगी दिखाता है।

कूटनीति की कोशिशें

दूसरी तरफ बातचीत की कोशिशें भी चल रही हैं। गुरुवार को दक्षिण कोरिया के प्रधानमंत्री ने वॉशिंगटन में ट्रंप से मुलाकात की। उन्होंने उत्तर कोरिया के साथ संवाद फिर शुरू करने के तरीकों पर चर्चा की। दक्षिण कोरिया के अधिकारी ने कहा कि ट्रंप का मानना है कि उत्तर कोरिया के नेता किम जोंग-उन से मिलना “अच्छा” होगा। ट्रंप ने कहा कि ऐसा शिखर सम्मेलन भविष्य में हो सकता है, लेकिन तारीख तय नहीं है। ट्रंप पहले भी कई बार कह चुके हैं कि वे किम जोंग-उन से मिलने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। उत्तर कोरिया ने पहले इन संकेतों पर ज्यादा प्रतिक्रिया नहीं दी थी।

परमाणु मुद्दे पर उत्तर कोरिया

हाल ही में किम जोंग-उन ने कहा कि अगर अमेरिका उत्तर कोरिया को परमाणु शक्ति के रूप में स्वीकार कर ले, तो दोनों देशों के संबंध बेहतर हो सकते हैं। उत्तर कोरिया ने दक्षिण कोरिया की हाल की शांति कोशिशों को भी “भ्रामक और नाकाम” कहा। इससे साफ है कि कोरिया प्रायद्वीप में तनाव और बातचीत दोनों जारी हैं। एक तरफ मिसाइल परीक्षण हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ बातचीत की संभावना भी बनी हुई है।

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