ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर हमले से बिगड़े हालात, रूस ने हमलों को बताया सीधा खतरा
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ईरान के न्यूक्लियर प्लांट पर हमले से बिगड़े हालात, रूस ने हमलों को बताया 'सीधा खतरा'

ईरान के बुशेहर न्यूक्लियर पावर प्लांट पर हुए हालिया मिसाइल हमले ने वैश्विक स्तर पर परमाणु सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। पिछले 10 दिनों में यह तीसरी ऐसी घटना है। रूस ने इसकी कड़ी निंदा करते हुए अपने कर्मचारियों को वहां से निकालना शुरू कर दिया है।


मध्य पूर्व (Middle East) में तनाव एक ऐसे खतरनाक मोड़ पर पहुँच गया है जहाँ से वापसी का रास्ता विनाशकारी हो सकता है। ईरान के बुशेहर न्यूक्लियर पावर प्लांट के पास हुए हालिया हमलों ने न केवल क्षेत्र की शांति, बल्कि वैश्विक परमाणु सुरक्षा (Nuclear Safety) पर भी सवालिया निशान लगा दिए हैं। रूस की सरकारी न्यूक्लियर कंपनी रोसाटॉम के प्रमुख ने शनिवार को चेतावनी दी है कि प्लांट की स्थिति लगातार बिगड़ रही है और ये हमले सीधे तौर पर एक बड़ी परमाणु आपदा को न्योता दे रहे हैं।

हमलों का सिलसिला और वर्तमान स्थिति

इंटरनेशनल एटॉमिक एनर्जी एजेंसी (IAEA) के अनुसार, पिछले 10 दिनों के भीतर बुशेहर प्लांट के पास यह तीसरी हमले की घटना है। हालांकि, राहत की बात यह है कि ताजा हमले से चालू रिएक्टर को कोई भौतिक नुकसान नहीं पहुँचा है और न ही किसी प्रकार के रेडियोधर्मी रिसाव (Radiation Leak) की पुष्टि हुई है। लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि बार-बार होने वाले ये हमले आग से खेलने के समान हैं।

रूस का सख्त रुख और कर्मचारियों की वापसी

रूस ने इस घटना पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। रूसी विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता मारिया जखारोवा ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय और IAEA से इस हमले की स्पष्ट और कड़ी निंदा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि हमलावरों को कड़ा संदेश दिया जाए। सुरक्षा चिंताओं को देखते हुए रोसाटॉम ने अपने 163 कर्मचारियों को पहले ही वहां से निकाल लिया है और आने वाले दिनों में और भी कर्मचारियों को वापस बुलाने की योजना है। यह कदम दर्शाता है कि रूस इस खतरे को कितनी गंभीरता से ले रहा है।

इजरायल पर आरोप और जवाबी कार्रवाई की कसम

ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने इन हमलों के लिए सीधे तौर पर इजरायल को जिम्मेदार ठहराया है। अराघची का आरोप है कि इजरायल ने ऊर्जा सुविधाओं (Energy Facilities) पर हमला न करने के अंतरराष्ट्रीय वादों और समझौतों का उल्लंघन किया है। उन्होंने चेतावनी दी कि इजरायल को इस दुस्साहस की 'भारी कीमत' चुकानी होगी। ईरान की फार्स न्यूज एजेंसी के मुताबिक, शुक्रवार रात करीब 11:40 बजे एक मिसाइल सीधे प्लांट परिसर में गिरी।

एक बड़ी परमाणु दुर्घटना का डर

बुशेहर प्लांट इस समय पूरी तरह चालू है और इसमें बड़ी मात्रा में रेडियोधर्मी सामग्री मौजूद है। सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यदि प्लांट के मुख्य ढांचे को नुकसान पहुँचता है, तो यह चेरनोबिल या फुकुशिमा जैसी एक ऐसी परमाणु दुर्घटना को जन्म दे सकता है जिसकी भरपाई आने वाली कई पीढ़ियां भी नहीं कर सकेंगी। धमाकों की गूंज केवल बुशेहर तक सीमित नहीं रही, बल्कि तेहरान के मेहराबाद हवाई अड्डे के पास भी हमले की खबरें आई हैं, जो ईरान के घरेलू विमानन का मुख्य केंद्र है।

परमाणु संयंत्रों को युद्ध का मैदान बनाना अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन तो है ही, साथ ही यह मानवीय अस्तित्व के लिए भी खतरा है। यदि अंतरराष्ट्रीय एजेंसियां और बड़े देश तुरंत हस्तक्षेप नहीं करते हैं, तो बुशेहर में होने वाली कोई भी चूक पूरे मध्य पूर्व को एक ऐसे रेडिएशन जोन में बदल सकती है, जिससे उबरना नामुमकिन होगा।

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