Zohran Mamdani Statement Over Iran : न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी के ताजा बयान ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। मंगलवार को एक कार्यक्रम के दौरान ममदानी ने ईरानी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि ईरान की हुकूमत अपने ही नागरिकों के साथ क्रूरता कर रही है। ममदानी के इस बदले हुए रुख ने उनके समर्थकों और वामपंथियों को हैरान कर दिया है। उन्होंने कहा कि ईरानी सरकार ने अपने ही लोगों का व्यवस्थित दमन किया है। इसी साल जब हजारों ईरानी बुनियादी विरोध दर्ज कराना चाहते थे, तब उन्हें मार दिया गया। मेयर ने साफ शब्दों में ईरान की सरकार को एक 'निर्देयी सरकार' करार दिया है। उनका यह बयान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों के काफी करीब नजर आ रहा है। इस बयान के बाद न्यूयॉर्क की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं। वह अब ईरान के खिलाफ काफी कड़ा रुख अपना रहे हैं। मेयर के इस बयान से वैश्विक कूटनीति के समीकरण बदल सकते हैं।
ईरान में दमन पर जताई गहरी चिंता
मेयर ममदानी ने ईरान के आंतरिक हालातों पर गंभीर टिप्पणी की है। उन्होंने कहा कि वहाँ की सरकार ने असहमति की आवाज उठाने वालों को कुचल दिया है। हजारों बेगुनाह लोग अपनी आवाज उठाने के कारण अपनी जान गवां चुके हैं। ममदानी का मानना है कि यह एक अलोकतांत्रिक और हिंसक व्यवस्था का उदाहरण है। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय मंच पर ईरान की छवि को लेकर कड़े सवाल खड़े किए हैं। ममदानी ने कहा कि ईरानी सरकार ने सिलसिलेवार तरीके से दमन चक्र चलाया है। इसी साल की शुरुआत में बुनियादी विरोध जताने वाले हजारों ईरानियों को मार दिया गया। यह एक क्रूर सरकार है जिसने मानवाधिकारों का उल्लंघन किया है। उनका यह बयान ईरान के भीतर चल रहे संघर्ष को वैश्विक स्तर पर ले आया है।
सत्ता परिवर्तन वाले युद्धों की आलोचना
जोहरान ममदानी ने ईरानी सरकार की आलोचना के साथ एक बड़ी चेतावनी भी दी है। उन्होंने किसी देश में सत्ता परिवर्तन की नीयत से छेड़े गए युद्धों की भी कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि भले ही मैं एक युवा मेयर हूँ, लेकिन मुझे इतिहास याद है। कुछ साल पहले इसी क्षेत्र में शासन बदलने के इरादे से युद्ध किए गए थे। उन युद्धों के नतीजे बहुत ही ज्यादा विनाशकारी और भयावह सामने आए थे। ममदानी का मानना है कि बाहरी हस्तक्षेप से स्थितियां और ज्यादा बिगड़ सकती हैं। वह नहीं चाहते कि इतिहास की वैसी गलतियां फिर से दोहराई जाएं। उनका यह संतुलित रुख काफी चर्चा बटोर रहा है। वह एक तरफ क्रूरता का विरोध कर रहे हैं तो दूसरी तरफ शांति की वकालत कर रहे हैं।
ट्रंप और ममदानी के सुर हुए एक
जोहरान ममदानी को अक्सर वामपंथी विचारधारा के करीब माना जाता रहा है। कुछ समय पहले तक वे ईरान के प्रति नरम रुख अपनाते हुए दिखे थे। लेकिन अब उनके सुर पूरी तरह से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के समान हो गए हैं। ट्रंप भी लगातार ईरानी शासन की क्रूरता और दमनकारी नीतियों की आलोचना करते रहे हैं। ममदानी का यह हृदय परिवर्तन वाशिंगटन के राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना है। आलोचकों का कहना है कि मेयर अब बदली हुई वैश्विक परिस्थितियों को समझ रहे हैं। मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव के बीच उनका यह बयान काफी अहम माना जा रहा है। इससे संकेत मिलता है कि अब ईरान पर अमेरिकी दबाव और अधिक बढ़ेगा।
पहले किया था सैन्य हमलों का विरोध
गौर करने वाली बात यह है कि 28 फरवरी को ममदानी का रुख अलग था। तब इजरायली हमलों में अयातुल्ला अली खामेनेई की मौत के बाद उन्होंने नाराजगी जताई थी। उन्होंने इन हमलों को 'अवैध आक्रामक युद्ध' की खतरनाक बढ़ोतरी बताया था। तब ममदानी ने कहा था कि शहरों पर बमबारी हो रही है और नागरिक मारे जा रहे हैं। उन्होंने तर्क दिया था कि अमेरिकी लोग सत्ता परिवर्तन के लिए नया युद्ध नहीं चाहते। वे महंगाई से राहत और शांति की तलाश में हैं। लेकिन मात्र कुछ ही दिनों में उनके बयानों में आई यह तल्खी हैरान करने वाली है। अब वे बाहरी हमलों के बजाय ईरान के आंतरिक दमन को मुख्य मुद्दा बना रहे हैं।
न्यूयॉर्कवासियों की सुरक्षा पर दिया जोर
ममदानी ने कहा कि उनका प्राथमिक ध्यान न्यूयॉर्क के नागरिकों की सुरक्षा पर है। वे लगातार पुलिस कमिश्नर और आपातकालीन प्रबंधन अधिकारियों के साथ संपर्क बनाए हुए हैं। शहर के संवेदनशील स्थानों पर गश्त और निगरानी को काफी तेज कर दिया गया है। मेयर ने विशेष रूप से ईरानी मूल के न्यूयॉर्कवासियों को सुरक्षा का भरोसा दिया है। उन्होंने कहा कि ईरानी समुदाय शहर का एक बहुत ही महत्वपूर्ण हिस्सा है। चाहे वे छोटे कारोबारी हों या कलाकार, सभी यहाँ पूरी तरह से सुरक्षित रहेंगे। एजेंसियों के बीच समन्वय बढ़ाकर किसी भी अप्रिय स्थिति को रोकने के प्रयास जारी हैं। मिडिल ईस्ट के तनाव का असर न्यूयॉर्क की शांति पर न पड़े, यह उनकी प्राथमिकता है।