
डूरंड रेखा पर सुलगता संकट, पाकिस्तान ने क्यों कहा खुला युद्ध ?
पाकिस्तान के हवाई हमलों के बाद अफगानिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की, डूरंड रेखा पर संघर्ष तेज, दोनों देशों ने भारी नुकसान के दावे किए हैं।
पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच लंबे समय से जारी सीमा तनाव अब खुली दुश्मनी में बदल गया है। इस्लामाबाद ने अफगान क्षेत्र में हवाई हमले करने के बाद स्थिति को खुला युद्ध करार दिया है। ताजा तनाव की शुरुआत उस कथित सीमा पार हमले के बाद हुई, जिसका आरोप पाकिस्तान ने अफगानिस्तान पर लगाया। यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है जब पाकिस्तान लंबे समय से आरोप लगाता रहा है कि अफगान जमीन से आतंकी समूह सक्रिय हैं। दूसरी ओर काबुल ने इन हवाई हमलों को अपनी संप्रभुता का उल्लंघन बताते हुए डूरंड रेखा पर जवाबी कार्रवाई की घोषणा की है। दोनों देशों की ओर से भारी हताहतों के दावे और कड़े बयान इस टकराव को और गंभीर बना रहे हैं।
ताजा तनाव की वजह
विवाद की तात्कालिक वजह सीमा पार हमलों का नया दौर बना। पाकिस्तान ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ इलाकों में हवाई हमले किए। पाकिस्तान का कहना है कि यह कार्रवाई अफगानिस्तान की ओर से हुए सीमा पार हमले के जवाब में की गई। इसके बाद हालात तेजी से बिगड़े और इस्लामाबाद ने औपचारिक रूप से “खुले युद्ध” की घोषणा कर दी।
पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा मोहम्मद आसिफ ने कहा कि अफगान जमीन से सक्रिय आतंकियों के कारण लगातार हो रही सुरक्षा घटनाओं के बाद सरकार का सब्र जवाब दे चुका है। हाल के महीनों में यह सबसे गंभीर सैन्य टकराव माना जा रहा है, जिसने पहले से तनावपूर्ण संबंधों को खुली भिड़ंत में बदल दिया है।
पाकिस्तान ने खुला युद्ध क्यों कहा?
सोशल मीडिया मंच एक्स पर अपने बयान में आसिफ ने तालिबान के नेतृत्व वाली अफगान सरकार पर आतंकियों को पनाह देने और नाटो बलों की वापसी के बाद क्षेत्रीय स्थिरता सुनिश्चित करने में विफल रहने का आरोप लगाया।उन्होंने लिखा कि नाटो बलों की वापसी के बाद उम्मीद थी कि अफगानिस्तान में शांति स्थापित होगी और तालिबान अफगान जनता तथा क्षेत्रीय शांति पर ध्यान देगा, लेकिन इसके बजाय दुनिया भर के आतंकियों को अफगानिस्तान में इकट्ठा किया गया और आतंकवाद का निर्यात शुरू किया गया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि तालिबान ने अपने ही नागरिकों को बुनियादी मानवाधिकारों से वंचित किया और महिलाओं को इस्लाम द्वारा दिए गए अधिकारों से भी दूर किया।
आसिफ ने कहा, “हमारा सब्र का प्याला भर चुका है। अब हमारे और आपके बीच खुला युद्ध है।”
अफगानिस्तान की प्रतिक्रिया क्या रही?
तालिबान प्रशासन ने पाकिस्तानी हवाई हमलों की कड़ी निंदा की। प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने इन्हें “कायराना” करार दिया। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना ने काबुल, कंधार और पक्तिया के कुछ क्षेत्रों में हवाई हमले किए, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
अफगानिस्तान के राष्ट्रीय रक्षा मंत्रालय ने अलग बयान जारी कर कहा कि उसने डूरंड रेखा पर जवाबी सैन्य अभियान शुरू किया है। मंत्रालय ने दावा किया कि इस कार्रवाई में पाकिस्तानी सेना को भारी नुकसान हुआ है।
डूरंड रेखा पर क्या हुआ?
19वीं सदी में ब्रिटिश शासन के दौरान खींची गई डूरंड रेखा दोनों देशों के बीच लंबे समय से विवाद का कारण रही है। अफगान रक्षा मंत्रालय ने आरोप लगाया कि कुछ दिन पहले पाकिस्तानी बलों ने अफगान क्षेत्र का उल्लंघन किया और महिलाओं व बच्चों की जान ली। मंत्रालय ने दावा किया कि जवाबी कार्रवाई में 55 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए, दो सैन्य ठिकाने और 19 चौकियां कब्जे में ली गईं।
दोनों देशों ने कौन-कौन से सैन्य अभियान घोषित किए?
अफगानिस्तान की जवाबी कार्रवाई के बाद पाकिस्तान ने ‘ग़ज़ब लिल हक़’ नाम से अभियान शुरू किया, जिसका निशाना अफगान तालिबान प्रशासन को बताया गया। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री के प्रवक्ता ने दावा किया कि इस अभियान में 133 तालिबान लड़ाके मारे गए, 200 से अधिक घायल हुए, 27 चौकियां नष्ट की गईं और नौ पर कब्जा किया गया।दोनों पक्षों के परस्पर विरोधी दावे इस संघर्ष की तीव्रता और स्वतंत्र पुष्टि के अभाव को दर्शाते हैं।
संघर्ष का व्यापक असर क्या होगा?
ताजा हिंसा ने तनाव कम करने के पूर्व प्रयासों पर गंभीर असर डाला है। कतर की मध्यस्थता से हुआ युद्धविराम पहले ही कमजोर माना जा रहा था। उल्लेखनीय है कि खुले युद्ध की घोषणा करते समय पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ने युद्धविराम का कोई जिक्र नहीं किया। दोनों सरकारें एक-दूसरे पर आतंकियों को पनाह देने और सीमा उल्लंघन के आरोप लगा रही हैं। इससे सीमा झड़पों का विवाद अब खुली सैन्य टकराव की स्थिति में पहुंच गया है, जिससे दोनों पड़ोसी देशों के बीच अविश्वास और गहरा हो गया है।

