नेपाल में बालेन युग की शुरुआत, रैपर से प्रधानमंत्री बनने तक का ऐतिहासिक सफर
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नेपाल में 'बालेन' युग की शुरुआत, रैपर से प्रधानमंत्री बनने तक का ऐतिहासिक सफर

बालेन शाह का सत्ता में आना किसी चमत्कार से कम नहीं है। पिछले साल सितंबर में, भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ युवाओं के विरोध प्रदर्शनों ने के.पी. शर्मा ओली की सत्ता से उखाड़ फेंका था।


Balen Shah : नेपाल की राजनीति में शुक्रवार को एक नए अध्याय की शुरुआत हुई। भ्रष्टाचार और वंशवाद के खिलाफ 'Gen-Z' (युवा पीढ़ी) के जबरदस्त विरोध प्रदर्शनों के बाद, 35 वर्षीय युवा नेता बालेंद्र शाह ने नेपाल के प्रधानमंत्री के रूप में शपथ ली। बालेन न केवल नेपाल के इतिहास में इस पद पर बैठने वाले सबसे कम उम्र के व्यक्ति हैं, बल्कि वह मधेस क्षेत्र से देश के शीर्ष कार्यकारी पद पर पहुँचने वाले पहले नेता भी बन गए हैं। अब पूरी दुनिया की नज़र इस बात पर टिकी है कि एक रैपर और इंजीनियर से प्रधानमंत्री बने बालेन शाह नेपाल की सत्ता को किस तरह से चलाते हैं?

शुभ मुहूर्त में भव्य शपथ ग्रहण

बालेन शाह ने राष्ट्रपति कार्यालय 'शीतल निवास' में दोपहर 12:34 बजे के शुभ मुहूर्त पर प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। यह समारोह हिंदू और बौद्ध धार्मिक परंपराओं का एक अद्भुत संगम था। शपथ ग्रहण के दौरान सात ब्राह्मणों ने शंखनाद किया, 108 बटुकों ने वैदिक मंत्रोच्चार किया और 107 लामाओं ने बौद्ध ग्रंथों का पाठ किया। राष्ट्रपति रामचंद्र पौडेल ने संविधान की धारा 76 (1) के तहत उन्हें नेपाल के 47वें प्रधानमंत्री के रूप में नियुक्त किया।

'Gen-Z' क्रांति और बालेन का उदय

बालेन शाह का सत्ता में आना किसी चमत्कार से कम नहीं है। पिछले साल सितंबर में, भ्रष्टाचार और सोशल मीडिया पर प्रतिबंध के खिलाफ युवाओं के नेतृत्व वाले 'Gen-Z' विरोध प्रदर्शनों ने के.पी. शर्मा ओली की सरकार को सत्ता से उखाड़ फेंका था। इसके बाद पूर्व मुख्य न्यायाधीश सुशीला कार्की को अंतरिम प्रधानमंत्री बनाया गया था। 5 मार्च को हुए आम चुनावों में बालेन की 'राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी' (RSP) ने एक 'चुनावी सुनामी' ला दी, जिससे नेपाल की पारंपरिक पार्टियां पूरी तरह साफ हो गईं।

दिग्गजों की करारी हार

बालेन ने काठमांडू के मेयर के रूप में अपनी पहचान बनाई थी, लेकिन इस बार उन्होंने सीधे राष्ट्रीय राजनीति में कदम रखा। उन्होंने झापा-5 निर्वाचन क्षेत्र में चार बार के प्रधानमंत्री के.पी. शर्मा ओली को भारी मतों से हराया, जो कम्युनिस्ट पार्टी (UML) का गढ़ माना जाता था। बालेन की पार्टी RSP ने प्रतिनिधि सभा की 275 सीटों में से 182 पर ऐतिहासिक जीत दर्ज की। वहीं, पुरानी पार्टियों जैसे नेपाली कांग्रेस को केवल 38 और CPN-UML को मात्र 25 सीटें मिलीं।

भविष्य की योजनाएं

पेशावर से इंजीनियर बालेन शाह अब एक छोटा और कार्यकुशल मंत्रिमंडल बनाने की तैयारी में हैं, जिसमें मंत्रियों की संख्या 15 से 18 के बीच हो सकती है। उनके समर्थकों को उम्मीद है कि एक युवा और शिक्षित प्रधानमंत्री के नेतृत्व में नेपाल अब भ्रष्टाचार से मुक्त होगा और आर्थिक विकास की नई ऊंचाइयों को छुएगा।

एक रैपर से प्रधानमंत्री तक का सफर

नेपाल के युवाओं के लिए बालेन शाह केवल एक नेता नहीं, बल्कि बदलाव की एक उम्मीद हैं। अब पूरी दुनिया की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि एक रैपर और इंजीनियर से प्रधानमंत्री बने बालेन शाह अंतरराष्ट्रीय संबंधों और घरेलू चुनौतियों को कैसे संभालते हैं।

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