Republic Day: सफल भारत से दुनिया सुरक्षित- EU चीफ
x

Republic Day: 'सफल भारत' से दुनिया सुरक्षित- EU चीफ

77वें गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनीं उर्सुला वॉन डेर लेयेन। कहा- यह मेरे जीवन का सम्मान। कल पीएम मोदी के साथ साइन होगा 'मदर ऑफ ऑल डील्स'।


Click the Play button to hear this message in audio format

EU Trade Deal With India : भारत आज अपना 77वां गणतंत्र दिवस धूमधाम से मना रहा है। कर्तव्य पथ पर दुनिया ने आज भारत की सैन्य और सांस्कृतिक ताकत देखी। इस ऐतिहासिक मौके पर भारत को एक बहुत बड़ा समर्थन मिला है। गणतंत्र दिवस समारोह की मुख्य अतिथि उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने बड़ा बयान दिया है। यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष ने कहा कि एक 'सफल भारत' पूरी दुनिया के लिए जरूरी है। उन्होंने कहा कि भारत की सफलता से ही दुनिया स्थिर और सुरक्षित रहती है। उर्सुला तीन दिन के भारत दौरे पर आई हैं। उनका यह बयान बहुत मायने रखता है। यह बयान भारत और यूरोपीय संघ के बीच होने वाली ऐतिहासिक डील से ठीक पहले आया है। कल यानी मंगलवार को इस डील पर मुहर लगने वाली है। पूरी दुनिया की नजरें अब कल होने वाली बैठक पर टिकी हैं।


जीवन भर का सबसे बड़ा सम्मान

उर्सुला वॉन डेर लेयेन ने भारत में मिले सम्मान पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर अपनी भावनाएं साझा कीं। उन्होंने लिखा कि गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि बनना उनके लिए 'जीवन भर का सम्मान' है। उनके साथ यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो कोस्टा भी मौजूद थे। दोनों नेताओं ने कर्तव्य पथ पर परेड का आनंद लिया। उन्होंने कहा कि सफल भारत से हम सभी को फायदा होता है। उनका यह ट्वीट सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह दर्शाता है कि यूरोप के लिए भारत कितना महत्वपूर्ण हो गया है।


कल होगा 'मदर ऑफ ऑल डील्स' का ऐलान

उर्सुला वॉन डेर लेयेन का यह दौरा सिर्फ समारोह तक सीमित नहीं है। वह कल प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ शिखर वार्ता करेंगी। इस वार्ता में एक ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की घोषणा होगी। इसे व्यापार जगत में 'मदर ऑफ ऑल डील्स' कहा जा रहा है। उर्सुला ने दावोस में भी इसका जिक्र किया था। उन्होंने कहा था कि हम एक ऐतिहासिक समझौते की दहलीज पर हैं। यह डील दो अरब लोगों का एक विशाल बाजार बनाएगी। यह दुनिया की जीडीपी के लगभग एक चौथाई हिस्से को कवर करेगी।


यूरोप को चाहिए भारत का साथ

यूरोपीय संघ भारत का सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार है। वित्त वर्ष 2023-24 में दोनों के बीच 135 अरब डॉलर का व्यापार हुआ था। उर्सुला ने कहा कि यूरोप दुनिया के सबसे तेजी से बढ़ते क्षेत्र के साथ जुड़ना चाहता है। वे भारत जैसे विकास के केंद्रों के साथ व्यापार करना चाहते हैं। इस डील से यूरोप को 'फर्स्ट-मूवर एडवांटेज' मिलेगा। यानी वे भारत के बढ़ते बाजार में सबसे पहले अपनी जगह बना पाएंगे। यह समझौता दोनों अर्थव्यवस्थाओं को नई रफ्तार देगा।


कारों पर टैक्स कटौती बनी चर्चा का विषय

इस समझौते का सबसे बड़ा आकर्षण ऑटोमोबाइल सेक्टर है। खबरों के मुताबिक, भारत यूरोपीय कारों पर टैक्स घटाने को तैयार है। अभी 15,000 यूरो से महंगी कारों पर भारी टैक्स लगता है। भारत सरकार इसे 110% से घटाकर 40% करने की योजना बना रही है। रायटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह कटौती तुरंत लागू हो सकती है। आने वाले समय में इसे 10% तक लाया जाएगा। इससे वोक्सवैगन, मर्सिडीज-बेंज और बीएमडब्ल्यू जैसी कंपनियों को फायदा होगा। भारतीय ग्राहकों को सस्ती लग्जरी कारें मिल सकेंगी।


वर्षों पुरानी बातचीत अब होगी पूरी

यह समझौता इतनी आसानी से नहीं हो रहा है। इसके लिए लंबा इंतजार करना पड़ा है। भारत और यूरोपीय संघ ने 2007 में बातचीत शुरू की थी। लेकिन 2013 में यह बातचीत रुक गई थी। इसके बाद 2022 में फिर से वार्ता शुरू हुई। अब जाकर यह अपने अंजाम तक पहुंचने वाली है। मंगलवार को होने वाली घोषणा पर दुनिया भर के बाजारों की नजर है। यह डील भारत की आर्थिक कूटनीति की एक बड़ी जीत मानी जा रही है।


Read More
Next Story