नोबेल की भूख, ग्रीनलैंड की जिद, टैरिफ की तलवार — ट्रंप ने हिला दी दुनिया
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नोबेल की भूख, ग्रीनलैंड की जिद, टैरिफ की तलवार — ट्रंप ने हिला दी दुनिया

Trump News: पिछले 24 घंटों में ट्रंप के इन बयानों और कदमों ने अंतरराष्ट्रीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप पहले भी कई बार अचानक और अप्रत्याशित फैसले ले चुके हैं।


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Donald Trump: दुनिया की राजनीति में कभी-कभी ऐसा लगता है, जैसे कोई कि स्क्रिप्ट ही नहीं है। पिछले 24 घंटे में अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ऐसे बयान दिए हैं, जिससे दुनियाभर के नेताओं की नींद उड़ गई है। कहीं नोबेल पुरस्कार को लेकर नाराजगी है, कहीं ग्रीनलैंड पर झंडा गाड़ने की तस्वीर तो कहीं टैरिफ और युद्ध जैसी चेतावनियां। ये महज बयान नहीं हैं, बल्कि आने वाले तूफान के संकेत हैं और इस तूफान का नाम डोनाल्ड ट्रंप है।

हालांकि, वेनेजुएला की सामाजिक कार्यकर्ता मारिया कोरिना मचाडो ने ट्रंप को अपना नोबेल पुरस्कार दे दिया हो, लेकिन ट्रंप की नोबेल पाने की इच्छा अब भी खत्म नहीं हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार न मिलने पर अपनी नाराजगी खुलकर जाहिर की है। उन्होंने नॉर्वे के प्रधानमंत्री जोनास गाहर को एक पत्र लिखा, जिसमें कहा कि उनके प्रयासों के बावजूद उन्हें नोबेल नहीं दिया गया। यह पत्र लीक हो गया और पूरी दुनिया के सामने आ गया। ट्रंप ने लिखा कि उन्होंने 8 से ज्यादा युद्ध रुकवाने में भूमिका निभाई, फिर भी नोबेल नहीं मिला। इसलिए अब उन्हें केवल शांति के बारे में सोचने की कोई जिम्मेदारी महसूस नहीं होती।

ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अगर शांति के कामों के बावजूद उन्हें सम्मान नहीं मिलता तो वे ग्रीनलैंड पर कब्जा करने जैसे कदम भी उठा सकते हैं। नॉर्वे के प्रधानमंत्री ने पत्र मिलने की पुष्टि की है, लेकिन साफ कहा कि नोबेल पुरस्कार देने में नॉर्वे सरकार की कोई भूमिका नहीं होती है।

ट्रंप का अमेरिका का नक्शा

ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ट्रूथ सोशल पर एक AI से बना नक्शा शेयर किया है। इस नक्शे में ग्रीनलैंड, कनाडा और वेनेजुएला को अमेरिका का हिस्सा दिखाया गया है। कनाडा और ग्रीनलैंड को अमेरिकी झंडे के रंगों में दिखाया गया है। इस तस्वीर को ट्रंप के “मिशन ग्रीनलैंड” से जोड़कर देखा जा रहा है। फोटो में ट्रंप अपने ऑफिस में बैठे हैं और उनके साथ ब्रिटेन, फ्रांस और इटली के नेता बातचीत करते दिख रहे हैं। यह तस्वीर अगस्त 2025 की बताई जा रही है, जब यूक्रेन युद्ध पर चर्चा हुई थी।

ग्रीनलैंड में अमेरिकी झंडा गाड़ने की फोटो

ट्रंप ने एक और चौंकाने वाली फोटो पोस्ट की, जिसमें वे ग्रीनलैंड की ज़मीन पर अमेरिकी झंडा लगाते दिख रहे हैं। उनके साथ उपराष्ट्रपति जेडी वांस और विदेश मंत्री मार्को रुबियो भी हैं। फोटो में एक बोर्ड भी है, जिस पर लिखा है कि “ग्रीनलैंड — अमेरिका का क्षेत्र, स्थापना 2026”। ट्रंप ने साफ कहा है कि वे ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के अपने इरादे से पीछे हटने वाले नहीं हैं। इस बयान के बाद यूरोप में तनाव बढ़ गया है। डेनमार्क के प्रधानमंत्री ने कहा है कि आजादी, पहचान और सीमा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। हालात टकराव की ओर बढ़ते दिख रहे हैं।

फ्रांस पर 200% टैरिफ लगाने की धमकी

अपने मकसद को पूरा करने के लिए ट्रंप अब आर्थिक दबाव भी बना रहे हैं। उन्होंने फ्रांस को धमकी दी है कि अगर राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रां गाजा शांति बोर्ड में शामिल नहीं हुए तो फ्रांसीसी वाइन और शैंपेन पर 200% टैक्स लगाया जाएगा। खबर है कि मैक्रां ने इस बोर्ड में शामिल होने से इनकार कर दिया है। ट्रंप ने यहां तक कह दिया कि मैक्रां जल्द ही सत्ता से बाहर हो जाएंगे और उन्हें कोई पसंद नहीं करता। ट्रंप ने दोनों के बीच हुई बातचीत का एक स्क्रीनशॉट भी शेयर किया, जिसमें सीरिया और ईरान पर सहमति दिखती है, लेकिन ग्रीनलैंड को लेकर मतभेद साफ नजर आते हैं।

ब्रिटेन को फटकार

20 जनवरी 2026 को ट्रंप ने डिएगो गार्सिया द्वीप को लेकर ब्रिटेन की कड़ी आलोचना की। यह द्वीप हिंद महासागर में स्थित है और यहां अमेरिका का एक अहम सैन्य अड्डा है। ब्रिटेन ने 2025 में इस इलाके की संप्रभुता मॉरीशस को सौंप दी थी। ट्रंप ने इसे कमजोरी बताया और कहा कि चीन और रूस ने इस कमजोरी को नोटिस कर लिया है। ट्रंप ने कहा कि इतनी अहम जमीन छोड़ना “बहुत बड़ी बेवकूफी” है और यही कारण है कि अमेरिका को ग्रीनलैंड जैसे क्षेत्रों पर नियंत्रण जरूरी है।

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