क्या है Khorramshahr-4? ईरान की वो मिसाइल जिसने Diego Garcia में छुड़ाए अमेरिका के पसीने
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क्या है Khorramshahr-4? ईरान की वो मिसाइल जिसने Diego Garcia में छुड़ाए अमेरिका के पसीने

ईरान की खुर्रमशहर-4 मिसाइल ने डिएगो गार्सिया पर हमले के प्रयास के साथ अपनी असली ताकत दिखा दी है। ये एक ऐसा हमला है जिसने पेंटागन से लेकर नाटो (NATO) मुख्यालय तक खलबली मचा दी है।


ईरान ने हिंद महासागर में अमेरिका और ब्रिटेन के सबसे महत्वपूर्ण सैन्य अड्डे डिएगो गार्सिया (Diego Garcia) पर बैलिस्टिक मिसाइलें दागकर दुनिया को चौंका दिया है। यह हमला इसलिए खास है क्योंकि डिएगो गार्सिया ईरान के तट से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है। ये एक ऐसा हमला है जिसने पेंटागन से लेकर नाटो (NATO) मुख्यालय तक खलबली मचा दी है।

ईरान की नई ताकत

यह हमला इसलिए खास है क्योंकि डिएगो गार्सिया ईरान के तट से लगभग 4,000 किलोमीटर दूर है। अब तक दुनिया यह मानती थी कि ईरान की मिसाइलों की अधिकतम रेंज 2,000 किलोमीटर तक ही है। लेकिन इस हमले ने साबित कर दिया है कि ईरान ने अपनी मिसाइल तकनीक में इतनी लंबी छलांग लगा ली है कि अब उसके निशाने पर केवल मिडिल ईस्ट नहीं, बल्कि यूरोप के पेरिस और लंदन जैसे शहर भी आ सकते हैं।

अमेरिकी अधिकारियों का मानना है कि इस हमले में 'खुर्रमशहर-4' (Khorramshahr-4) श्रेणी की मिसाइलों का इस्तेमाल किया गया था। यह मिसाइल एक टन से अधिक वजन का वारहेड ले जाने में सक्षम है और इसकी डिजाइन उत्तर कोरियाई और सोवियत प्रणालियों पर आधारित है।

क्या है खुर्रमशहर-4 की खासियत?

ईरान की इस मिसाइल को 'खैबर' (Khaibar) के नाम से भी जाना जाता है। इसकी तकनीकी खूबियां इसे दुनिया की सबसे खतरनाक इंटरमीडिएट-रेंज मिसाइलों में से एक बनाती हैं।

विनाशकारी पेलोड: यह मिसाइल अपने साथ 1,500 किलोग्राम (1.5 टन) तक का विस्फोटक ले जा सकती है। यह किसी भी सैन्य अड्डे या शहर को पूरी तरह तबाह करने के लिए काफी है।

हवा में दिशा बदलने की ताकत: इसकी सबसे बड़ी खूबी इसका 'मैनूवेरेबल री-एंट्री व्हीकल' (MaRV) है। इसका मतलब है कि वायुमंडल में दोबारा प्रवेश करते समय यह अपनी दिशा बदल सकती है, जिससे दुनिया के सबसे आधुनिक मिसाइल डिफेंस सिस्टम (जैसे अमेरिका का पैट्रियट या SM-3) के लिए इसे रोकना बेहद मुश्किल हो जाता है।

लिक्विड फ्यूल तकनीक: खुर्रमशहर-4 में उन्नत लिक्विड फ्यूल इंजन का इस्तेमाल होता है, जो इसे लंबी दूरी तक स्थिरता और अपार शक्ति प्रदान करता है।

क्लस्टर मूनिशन: यह मिसाइल 'क्लस्टर बम' दागने में सक्षम है, यानी एक ही मिसाइल हवा में जाकर कई छोटे बमों में बदल सकती है, जिससे एक बड़े इलाके को एक साथ निशाना बनाया जा सकता है।

यह हमला क्यों महत्वपूर्ण है?

डिएगो गार्सिया कोई साधारण द्वीप नहीं है। यह अमेरिका और ब्रिटेन का एक अत्यंत रणनीतिक लॉजिस्टिक हब है। यहाँ से अमेरिकी बमवर्षक विमान अफगानिस्तान, इराक और पूरे एशिया-अफ्रीका में मिशन संचालित करते हैं। इस बेस की सबसे बड़ी ताकत इसकी दूरी थी, जिसे ईरान ने सीधे चुनौती दी है। ईरान ने यह संदेश दिया है कि वह अपने दुश्मनों के सबसे सुरक्षित और दूरस्थ ठिकानों को भी मलबे में तब्दील करने की हिम्मत रखता है। यदि ईरान 4,000 किमी दूर हिंद महासागर में वार कर सकता है, तो इसका मतलब है कि पेरिस, लंदन, बर्लिन और रोम जैसे यूरोपीय शहर अब ईरान की सीधी जद में हैं।

कैसे नाकाम हुआ हमला?

रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान द्वारा दागी गई दो मिसाइलों में से एक उड़ान के दौरान ही तकनीकी खराबी के कारण गिर गई। दूसरी मिसाइल को रोकने के लिए अमेरिकी नौसेना के एक विध्वंसक (Destroyer) ने SM-3 इंटरसेप्टर का उपयोग किया। हालांकि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि इंटरसेप्शन पूरी तरह सफल रहा या मिसाइल खुद ही लक्ष्य से भटक गई, लेकिन इस दुस्साहस ने वॉशिंगटन को अलर्ट पर डाल दिया है।

क्या है ईरान का संदेश?

इस हमले के पीछे ईरान की एक सोची-समझी रणनीति छिपी है। ट्रंप जब शांति और मिशन पूरा होने की बात कर रहे थे, ठीक उसी समय यह हमला करके ईरान ने दिखाया कि वह झुकने वाला नहीं है। वह अमेरिका को यह बताना चाहता है कि अगर ईरान पर दबाव बढ़ाया गया, तो अमेरिका का कोई भी बेस सुरक्षित नहीं रहेगा। ईरान न केवल सैन्य ठिकानों पर, बल्कि खाड़ी देशों के ऊर्जा ढांचे जैसे कुवैत की रिफाइनरी पर भी ड्रोन हमले कर रहा है।

जवाब में, अमेरिका ने क्षेत्र में अतिरिक्त युद्धपोत और हजारों मरीन तैनात कर दिए हैं। जानकारों का कहना है कि अगर ईरान 4,000 किलोमीटर तक सटीक निशाना लगाने में सक्षम हो गया है, तो यह वैश्विक सुरक्षा समीकरणों को पूरी तरह बदल देगा। अब नाटो देशों को भी अपनी रक्षा नीति पर दोबारा विचार करना होगा। लेकिन एक बात तो साफ है कि डिएगो गार्सिया पर हमले के दौरान अमेरिकी SM-3 इंटरसेप्टर का इस्तेमाल होना यह दिखाता है कि अमेरिका अब रक्षात्मक मुद्रा (Defensive mode) में आने को मजबूर है।

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