
पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष के बीच 3 भारतीय नाविकों की मौत, एक घायल, सभी विदेशी जहाजों पर तैनात थे
डीजी शिपिंग की एडवाइजरी में उच्च सतर्कता बनाए रखने और प्रत्येक यात्रा के लिए जोखिम का आकलन करने की सलाह दी गई है। क्षेत्र में संचालित जहाजों को निरंतर निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
ईरान के खिलाफ अमेरिका और इज़रायल के तेज होते सैन्य अभियानों के बीच पश्चिम एशिया में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई है और एक अन्य घायल हुआ है। इसके बाद भारत के समुद्री नियामक महानिदेशालय (डीजी शिपिंग) ने खाड़ी क्षेत्र के प्रमुख समुद्री मार्गों पर संचालन करने वाली शिपिंग कंपनियों के लिए हाई-अलर्ट एडवाइजरी जारी की है।
डीपी शिपिंग के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स में बताया गया है कि क्षेत्र में भारतीय नाविकों से जुड़े चार घटनाओं की सूचना मिली है, जिनमें तीन की मृत्यु हुई है और एक नाविक घायल हुआ है। सभी विदेशी ध्वज वाले जहाजों पर तैनात थे।
डीजी शिपिंग की एडवाइजरी में उच्च सतर्कता बनाए रखने और प्रत्येक यात्रा के लिए जोखिम का आकलन करने की सलाह दी गई है। क्षेत्र में संचालित जहाजों को उन्नत सुरक्षा व्यवस्था और ब्रिज वॉच (निरंतर निगरानी) बनाए रखने के निर्देश दिए गए हैं।
यह चेतावनी ऐसे समय आई है जब शनिवार को ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या के बाद से अमेरिकी और इज़रायली हवाई हमले जारी हैं। तेहरान और उसके सहयोगियों ने इज़रायल, पड़ोसी खाड़ी देशों और वैश्विक तेल एवं प्राकृतिक गैस उत्पादन से जुड़े ठिकानों पर जवाबी हमले किए हैं।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को कहा कि ईरान के खिलाफ सैन्य अभियान के लिए निर्धारित चार से पांच सप्ताह की समय-सीमा से भी अधिक समय तक कार्रवाई जारी रखने की अमेरिका में क्षमता है।
अपने परामर्श में डीजी शिपिंग ने कहा कि वह फारस की खाड़ी, होरमुज जलडमरूमध्य, ओमान की खाड़ी और आसपास के समुद्री क्षेत्रों में विकसित हो रही समुद्री सुरक्षा स्थिति पर कड़ी नजर रख रहा है। हालिया भू-राजनीतिक घटनाक्रमों से उत्पन्न खतरों, जिनमें मिसाइल और ड्रोन गतिविधियां, इलेक्ट्रॉनिक व्यवधान और व्यापक समुद्री सुरक्षा जोखिम शामिल हैं, को चिन्हित किया गया है।
सभी संबंधित पक्षों को उच्च सतर्कता बरतने और प्रत्येक यात्रा के लिए विशिष्ट जोखिम मूल्यांकन करने की सलाह दी गई है। क्षेत्र में संचालित जहाजों को उन्नत सुरक्षा व्यवस्था अपनाने, ब्रिज वॉच बनाए रखने, निरंतर संचार तत्परता सुनिश्चित करने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की तुरंत रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए हैं। उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों से गुजरने के निर्णय को मौजूदा परिस्थितियों के आधार पर पुनः समीक्षा करने को कहा गया है।
भारतीय चालक दल से जुड़ी घटनाओं के बारे में महानिदेशालय ने बताया कि अन्य सभी सदस्य सुरक्षित हैं। संबंधित प्राधिकरणों के साथ मिलकर उनकी सुरक्षा, कल्याण और समय पर सहायता सुनिश्चित करने के लिए समन्वय किया जा रहा है। प्रभावित नाविकों और उनके परिवारों को हर संभव सहायता और सहयोग प्रदान किया जा रहा है।
नियामक ने यह भी कहा कि भारतीय ध्वज वाले जहाजों की वास्तविक समय में निगरानी, रिपोर्टिंग की आवृत्ति बढ़ाने और 24 घंटे निगरानी जैसी अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्थाएं सक्रिय कर दी गई हैं।
बयान में कहा गया, “जहाजों, मालिकों और प्रबंधकों के लिए अनिवार्य रिपोर्टिंग प्रोटोकॉल निर्धारित किए गए हैं और भारतीय नौसेना, विदेश मंत्रालय, IFC-IOR, MRCC तथा भारतीय मिशनों के साथ घनिष्ठ समन्वय बनाए रखा जा रहा है।”
शिपिंग कंपनियों को चालक दल की तैनाती में सावधानी बरतने और नाविकों तथा उनके परिवारों के साथ नियमित संपर्क बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।
महानिदेशालय ने यह भी बताया कि सभी संबंधित प्राधिकरणों के बीच समयबद्ध समन्वय, उभरती स्थितियों में त्वरित प्रतिक्रिया और भारतीय नाविकों व उनके परिवारों को तुरंत सहायता उपलब्ध कराने के लिए एक विशेष ‘क्विक रिस्पॉन्स टीम’ गठित की गई है।

