
होर्मुज में महासंग्राम: ट्रंप ने की ईरान की नाकेबंदी, चीन ने दी युद्ध की धमकी
ईरान को घेरने के लिए ओमान की खाड़ी और अरब सागर सील; चीनी रक्षा मंत्री बोले- हमारे लिए खुला है होर्मुज, ईरान ने भी दी 'निर्णायक जवाब' की धमकी।
USA Iran War : होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव अब अपने चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ओमान की खाड़ी और अरब सागर में पूर्ण 'समुद्री नाकेबंदी' लागू करने का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। दावा है कि यह नाकेबंदी ईरानी तट से जुड़े सभी बंदरगाहों और तेल टर्मिनलों को पूरी तरह घेर लेगी। ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर इस सैन्य कार्रवाई की पुष्टि करते हुए चेतावनी दी है कि ईरान की नौसेना पहले ही समुद्र की तलहटी में दफन हो चुकी है और अब किसी भी प्रकार के उकसावे का जवाब "क्रूर कार्रवाई" से दिया जाएगा। इस बीच, चीन ने इस नाकेबंदी को चुनौती देते हुए अमेरिका को सख्त लहजे में ललकारा है।
ट्रंप का ट्रुथ सोशल पर बड़ा धमाका
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नाकेबंदी की घोषणा करते हुए दावा किया कि ईरान की नौसेना के 158 जहाज पूरी तरह नष्ट हो चुके हैं। उन्होंने लिखा कि हमने जानबूझकर उनके कुछ "तेज हमलावर जहाजों" को नहीं मारा क्योंकि वे कोई बड़ा खतरा नहीं थे। हालांकि, उन्होंने सख्त चेतावनी देते हुए कहा कि यदि कोई भी ईरानी जहाज नाकेबंदी के करीब आता है, तो उसे ड्रग डीलरों के खिलाफ की जाने वाली "त्वरित और क्रूर" कार्रवाई की तरह तुरंत नष्ट कर दिया जाएगा। ट्रंप ने अपने पोस्ट में यह भी जोड़ा कि अमेरिका में आने वाली 98.2% ड्रग तस्करी को समुद्र के रास्ते ही रोका गया है और अब यही रणनीति ईरान के खिलाफ इस्तेमाल होगी।
रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, यह नाकेबंदी पूरे ईरानी समुद्री तट को कवर करती है। हालांकि, तटस्थ देशों के जहाजों और भोजन या चिकित्सा सामग्री जैसे मानवीय सहायता वाले जहाजों को गहन जांच के बाद आने-जाने की अनुमति दी जाएगी। लेकिन बिना अनुमति के इस क्षेत्र में प्रवेश करने वाले किसी भी जहाज को जब्त करने की शक्ति अमेरिकी नौसेना के पास होगी।
चीन की ललकार: "हमारे मामलों में दखल न दें"
अमेरिका की इस सैन्य घेराबंदी से बीजिंग को भी गुस्सा आया है। चीनी रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून ने एक वीडियो संदेश के जरिए अमेरिका को सीधे शब्दों में चेतावनी दी है। उन्होंने कहा, "ईरान के साथ हमारे महत्वपूर्ण व्यापार और ऊर्जा समझौते हैं। हम उम्मीद करते हैं कि अन्य लोग हमारे मामलों में दखल नहीं देंगे। हमारे लिए होर्मुज जलडमरूमध्य खुला है।"
चीन का यह बयान साफ करता है कि वह अपनी ऊर्जा सुरक्षा के लिए अमेरिकी नाकेबंदी को तोड़ने के लिए तैयार है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि चीनी तेल टैंकर अमेरिकी घेराबंदी को नजरअंदाज करते हैं, तो यह सीधे तौर पर दो महाशक्तियों के बीच सैन्य टकराव की वजह बन सकता है। डेली ईरान न्यूज के अनुसार, चीन ने स्पष्ट कर दिया है कि वह अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए किसी भी तीसरे देश की बाधा को स्वीकार नहीं करेगा।
ईरान का पलटवार: "कोई बंदरगाह सुरक्षित नहीं रहेगा"
अमेरिकी नाकेबंदी के जवाब में ईरान ने भी अपने सशस्त्र बलों को 'मैक्सिमम अलर्ट' पर रहने का आदेश दिया है। ईरान के कार्यवाहक रक्षा मंत्री ब्रिगेडियर जनरल सैयद मजीद इब्न रजा ने प्रेस टीवी से बातचीत में कहा कि दुश्मन की किसी भी आक्रामकता का कड़ा और निर्णायक जवाब दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि ईरानी सेना किसी भी स्थिति का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
ईरान के खातम अल-अनबिया केंद्रीय मुख्यालय के प्रवक्ता ने और भी तीखी चेतावनी जारी की है। उन्होंने कहा कि फारस की खाड़ी और ओमान सागर में बंदरगाहों की सुरक्षा "या तो सबके लिए होगी या किसी के लिए नहीं।" उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि ईरान के बंदरगाहों की सुरक्षा को खतरा पहुंचता है, तो वे पूरे क्षेत्र के किसी भी बंदरगाह को सुरक्षित नहीं रहने देंगे। ईरान ने यह भी साफ कर दिया है कि शत्रु देशों से संबद्ध जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
Next Story

