खामेनेई की मौत का दावा: ट्रंप और नेतन्याहू के बयान से ईरान में हड़कंप
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खामेनेई की मौत का दावा: ट्रंप और नेतन्याहू के बयान से ईरान में हड़कंप

अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले के बाद डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि खामेनेई मारे गए हैं। नेतन्याहू ने भी इसके संकेत दिए हैं। पढ़ें पूरी रिपोर्ट और दावे।


USA - Israel Vs Iran : ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा संयुक्त रूप से किये गए हमले के कुछ घंटे बाद ही बेहद सनसनीखेज खबर सामने आ रही है। पहले इजराइल के प्रधानमन्त्री नेतान्याहू और अब अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के सर्वोच्च नेता अयातोल्लाह अली खामनेई की मौत का दावा किया है। ट्रम्प के इस बयान ने पूरी दुनिया के सुरक्षा विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है। ट्रम्प के बयान से कुछ घंटे पहले ही इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी सार्वजनिक रूप से एक बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि ऐसे कई संकेत मिल रहे हैं जिनसे खामेनेई के मारे जाने की पुष्टि होती है।

हालांकि ईरान की सरकार ने अभी तक इस संवेदनशील मामले पर कोई आधिकारिक टिप्पणी नहीं की है। ईरान के विदेश मंत्री ने एनबीसी न्यूज को बताया कि जहां तक उन्हें जानकारी है खामेनेई अभी जीवित हैं। उन्होंने यह भी जोड़ा कि ईरान के सभी उच्च पदस्थ अधिकारी सुरक्षित और जीवित हैं। वहीं विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने बीबीसी से कहा कि वह अभी कुछ भी स्पष्ट करने की स्थिति में नहीं हैं। उन्होंने कहा कि फिलहाल पूरा देश और तंत्र अपनी राष्ट्रीय अखंडता की रक्षा करने पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।






ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर दी जानकारी
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर इस खबर को विस्तार से साझा किया। उन्होंने खामेनेई को इतिहास के सबसे क्रूर और दुष्ट लोगों में से एक बताया। ट्रंप ने लिखा कि खामेनेई की मौत केवल ईरान के लोगों के लिए ही नहीं बल्कि अमेरिका के लिए भी न्याय है। उन्होंने कहा कि खामेनेई के 'खून के प्यासे गुंडों' ने दुनिया भर के कई निर्दोष लोगों को मारा है। ट्रंप के अनुसार खामेनेई अमेरिका के आधुनिक इंटेलिजेंस और ट्रैकिंग सिस्टम से बच नहीं सके। उन्होंने यह भी दावा किया कि इजरायल के साथ मिलकर किए गए इस हमले में कई अन्य नेता भी मारे गए हैं।

खामेनेई के निवास पर गिराए गए 30 बम
शनिवार को हुए हमले में खामेनेई के आधिकारिक कार्यालय और घर को मुख्य निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स बताती हैं कि हमले के वक्त करीब 30 बम खामेनेई के परिसर पर गिराए गए थे। हालांकि कुछ सूत्रों का कहना है कि उन्हें पहले ही किसी सुरक्षित स्थान पर भेज दिया गया था। न्यूयॉर्क टाइम्स द्वारा जारी सैटेलाइट तस्वीरों में तेहरान स्थित उनके घर को भारी नुकसान पहुँचते साफ देखा जा सकता है। इजरायली मीडिया के अनुसार खामेनेई उस वक्त जमीन के नीचे थे लेकिन शायद अपने निजी सुरक्षित बंकर में नहीं थे। हमले के बाद की तस्वीरों में तबाही का मंजर साफ दिखाई दे रहा है।

ईरान में सत्ता परिवर्तन के संकेत
इस हमले के तुरंत बाद ट्रंप और नेतन्याहू दोनों ने ईरान में सत्ता बदलने की बात कही है। ट्रंप ने ईरानी जनता को संबोधित करते हुए कहा कि अब उनकी आजादी का समय आ गया है। उन्होंने लोगों से सुरक्षित घरों में रहने और हमले खत्म होने के बाद अपनी सरकार वापस लेने की अपील की। नेतन्याहू ने भी ईरानी आबादी को सीधे संदेश देते हुए कहा कि हमारा दुश्मन एक ही है। उन्होंने मौजूदा ईरानी शासन को कातिल और दमनकारी ताकतों वाला बताया। नेतन्याहू के अनुसार इस शासन ने ईरान जैसे शानदार देश को सबसे निचले स्तर पर पहुँचा दिया है।

क्षेत्रीय तनाव और जवाबी कार्रवाई
शनिवार के इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में सैन्य तनाव बहुत ज्यादा बढ़ गया है। ईरान ने इस हमले का जवाब देने के लिए इजरायल और कई खाड़ी देशों पर मिसाइलें दागी हैं। इनमें बहरीन, कतर, सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात जैसे देश शामिल हैं। इन देशों में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई है। अगर खामेनेई की मौत की पुष्टि होती है तो यह उनके 36 साल के शासन का अंत होगा। उन्होंने साल 1989 में सत्ता संभाली थी और वह ईरान के सबसे शक्तिशाली व्यक्ति रहे हैं।


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