
ट्रंप का सनसनीखेज ऐलान: ट्रांजिशन तक वेनेजुएला की डोर अमेरिका के हाथ
मादुरो की गिरफ्तारी के बाद ट्रंप बोले अमेरिका चलाएगा वेनेजुएला का प्रशासन, तेल संसाधन होंगे अहम लक्ष्य, अंतरराष्ट्रीय कानून पर उठे सवाल।
Trump On Venezuela : वेनेजुएला को लेकर अमेरिका ने ऐसा बयान दिया है, जिसने पूरी दुनिया की राजनीति में हलचल मचा दी है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि जब तक वेनेजुएला में “सुरक्षित, उचित और विवेकपूर्ण ट्रांजिशन” नहीं हो जाता, तब तक देश का प्रशासन अमेरिका खुद संभालेगा। यह ऐलान उस सैन्य कार्रवाई के कुछ ही घंटों बाद आया, जिसमें अमेरिकी स्पेशल फोर्सेज ने वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो और उनकी पत्नी सिलिया फ्लोरेस को पकड़कर देश से बाहर निकाल लिया।
फ्लोरिडा स्थित अपने आवास से प्रेस कॉन्फ्रेंस में ट्रंप ने न सिर्फ शासन चलाने की बात कही, बल्कि साफ संकेत दिया कि वेनेजुएला के विशाल तेल संसाधन इस पूरे ऑपरेशन का अहम हिस्सा हैं। इस बयान ने अंतरराष्ट्रीय कानून, संप्रभुता और रीजनल स्टेबिलिटी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
ट्रंप का दावा: ‘हम देश चलाएंगे’
डोनाल्ड ट्रंप ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा, “हम देश को तब तक चलाएंगे, जब तक एक सुरक्षित और सही ट्रांजिशन लागू नहीं हो जाता।”
उन्होंने यह भी साफ किया कि अमेरिका नहीं चाहता कि मादुरो के हटने के बाद कोई और उसी तरह सत्ता पर काबिज हो जाए। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका खुद तय करेगा कि वेनेजुएला में सत्ता कब और कैसे लौटाई जाएगी। हालांकि उन्होंने न कोई टाइमलाइन बताई, न कोई कानूनी फ्रेमवर्क और न ही यह स्पष्ट किया कि यह व्यवस्था अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत कैसे चलेगी।
तेल बना बड़ा एजेंडा
ट्रंप ने खुलकर कहा कि इस पूरी रणनीति में वेनेजुएला का तेल केंद्रीय भूमिका निभाएगा। उनके मुताबिक, अमेरिका की बड़ी ऑयल कंपनियां वेनेजुएला में अरबों डॉलर निवेश करेंगी, जर्जर इंफ्रास्ट्रक्चर को दुरुस्त करेंगी और बड़े पैमाने पर तेल की बिक्री होगी। ट्रंप ने इसे “पार्टनरशिप” बताते हुए कहा कि इससे वेनेजुएला के लोग अमीर, सुरक्षित और आत्मनिर्भर बनेंगे।
हालांकि आलोचकों का कहना है कि यह बयान सीधे तौर पर रिसोर्स कंट्रोल की ओर इशारा करता है।
कैसे हुआ मादुरो का कैप्चर ऑपरेशन
वॉशिंगटन और कराकास से सामने आई जानकारी के मुताबिक, यह ऑपरेशन शनिवार तड़के शुरू हुआ। राजधानी कराकास में कई धमाकों की आवाजें सुनी गईं। लो-फ्लाइंग एयरक्राफ्ट शहर के ऊपर मंडराते दिखे।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो—जिनकी पुष्टि बाद में इंटरनेशनल मीडिया ने की—में ट्रेसर फायर, विस्फोट और सैन्य ठिकानों से उठता धुआं साफ नजर आया।
वेनेजुएला के अधिकारियों ने बताया कि मादुरो और फ्लोरेस को फोर्ट टियूना मिलिट्री कॉम्प्लेक्स स्थित उनके आवास से पकड़ा गया।
USS Iwo Jima और न्यूयॉर्क की राह
ऑपरेशन के कुछ घंटों बाद ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर मादुरो की एक तस्वीर पोस्ट की। तस्वीर में मादुरो आंखों पर पट्टी, हथकड़ी और नॉइज़-कैंसलिंग ईयर प्रोटेक्शन पहने नजर आए।
ट्रंप ने दावा किया कि मादुरो को USS Iwo Jima पर रखा गया है और उन्हें न्यूयॉर्क ले जाया जा रहा है, जहां उन पर नए आपराधिक मामलों में मुकदमा चलेगा। अमेरिकी न्याय विभाग ने “नार्को-टेररिज्म साजिश” से जुड़े नए आरोपों की पुष्टि की है।
कानूनी सवाल और ऐतिहासिक तुलना
अमेरिकी प्रशासन ने अब तक न तो सैन्य हमले का कानूनी आधार बताया है और न ही किसी दूसरे देश को “चलाने” के अधिकार का। अमेरिका मादुरो को वैध राष्ट्रपति नहीं मानता, लेकिन अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों का कहना है कि सिर्फ मान्यता न देना, किसी देश पर शासन करने का अधिकार नहीं देता।
इस घटना की तुलना 1990 में पनामा पर हुए अमेरिकी हमले से की जा रही है, जब मैनुअल नोरिएगा को गिरफ्तार किया गया था। हालांकि तब अमेरिका ने पनामा को “चलाने” का दावा नहीं किया था।
ट्रंप ने यह भी बताया कि अमेरिका दूसरी सैन्य लहर के लिए तैयार था, लेकिन पहली कार्रवाई की सफलता के बाद इसकी जरूरत नहीं पड़ी। उन्होंने संकेत दिया कि हालात बिगड़ने पर आगे भी सैन्य कदम उठाए जा सकते हैं।
फिलहाल वेनेजुएला में इमरजेंसी जैसे हालात हैं और दुनिया की नजर इस पर टिकी है कि यह अभूतपूर्व दावा ग्लोबल पॉलिटिक्स को किस दिशा में ले जाएगा।

