Hormuz Strait: ट्रंप ने सहयोगियों को कहा डरपोक, नाटो को बताया कागजी शेर
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Hormuz Strait: ट्रंप ने सहयोगियों को कहा डरपोक, 'नाटो' को बताया कागजी शेर

डोनाल्ड ट्रंप ने नाटो सहयोगियों को 'कागजी शेर' करार दिया। होर्मुज जलडमरूमध्य विवाद पर भड़के अमेरिकी राष्ट्रपति, कच्चे तेल की कीमतों ने तोड़ा रिकॉर्ड, $108 पार।


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Trump On NATO : मिडिल ईस्ट में चल रहा ईरान युद्ध अब अपने 21वें दिन में पहुँच गया है। इस तनावपूर्ण माहौल के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने सहयोगियों पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप ने अमेरिका के मित्र देशों को न केवल 'डरपोक' (Cowards) कहा, बल्कि सैन्य गठबंधन नाटो (NATO) को 'कागजी शेर' (Paper Tigers) करार दिया है। राष्ट्रपति का यह गुस्सा होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में सैन्य सहायता की कमी के कारण उपजा है। ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट कर अपनी नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका इस विश्वासघात को हमेशा याद रखेगा। फिलहाल होर्मुज जलडमरूमध्य का व्यापारिक मार्ग पूरी तरह ठप पड़ा है। इस वजह से वैश्विक बाजार में कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं। ट्रंप का मानना है कि सहयोगी देश केवल फायदा उठाना जानते हैं, संकट में साथ नहीं देते।







ट्रंप का 'कागजी शेर' वाला कड़ा प्रहार
डोनाल्ड ट्रंप ने अपने ताजा बयान में नाटो देशों की क्षमता पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि ये देश केवल कागजों पर ही मजबूत दिखते हैं। जब मैदान में उतरने की बारी आई, तो सब पीछे हट गए। ट्रंप ने लिखा कि नाटो एक 'कागजी शेर' बनकर रह गया है। सहयोगी देश बढ़ती तेल कीमतों पर तो खूब शिकायत कर रहे हैं। लेकिन होर्मुज जलडमरूमध्य को सुरक्षित करने के लिए सेना नहीं भेज रहे। राष्ट्रपति ने कहा कि अमेरिका ने इन देशों की बहुत मदद की है। अब ईरान को रोकने के समय ये देश गायब हैं।

कच्चे तेल में लगी आग: $108 के पार पहुँचा भाव
ईरान युद्ध के चलते वैश्विक अर्थव्यवस्था गहरे संकट में घिर गई है। ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमतें शुक्रवार को $108 प्रति बैरल के पार चली गईं। युद्ध से पहले कच्चे तेल का भाव महज $70 प्रति बैरल था। ईंधन की बढ़ती कीमतों ने दुनिया भर के मध्यम वर्ग की कमर तोड़ दी है। एशिया के देशों पर इसका सबसे घातक प्रभाव पड़ रहा है। होर्मुज जलडमरूमध्य से होने वाला अधिकांश निर्यात एशिया की ओर ही होता है।

सप्लाई चेन पर मंडराया संकट का साया
तेल की कमी के साथ-साथ अन्य कच्चे माल की सप्लाई भी रुक गई है। कंप्यूटर चिप के निर्माण में इस्तेमाल होने वाली हीलियम की कमी हो गई है। खाद बनाने के लिए जरूरी सल्फर की आपूर्ति भी बाधित है। विशेषज्ञों का मानना है कि जल्द ही बाजार में सामान की किल्लत होगी। इससे उपभोक्ता वस्तुओं की कीमतें और अधिक बढ़ सकती हैं। दुनिया भर की सप्लाई चेन इस समय नाजुक मोड़ पर खड़ी है।

प्रमुख देशों ने सुरक्षित मार्ग पर दी सहमति
ट्रंप की कड़ी आलोचना के बाद कुछ प्रमुख देशों ने प्रतिक्रिया दी है। ब्रिटेन, फ्रांस, जर्मनी, इटली और जापान ने साझा बयान जारी किया है। इन देशों ने होर्मुज में 'उचित प्रयासों' में शामिल होने की बात कही है। इन नेताओं ने वैश्विक ऊर्जा बाजारों को स्थिर करने का भरोसा दिलाया है। ब्रिटिश पीएम कीर स्टार्मर के कार्यालय ने ईरान के हमलों की निंदा की है।

होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान का बढ़ता खतरा
युद्ध के 21वें दिन भी होर्मुज जलडमरूमध्य प्रभावी रूप से बंद है। ईरान इस क्षेत्र में लगातार जवाबी हमले कर रहा है। अब तक लगभग 23 व्यापारिक जहाजों को निशाना बनाया गया है। इसमें 10 बड़े तेल टैंकर भी शामिल हैं। समुद्र में बिछाई गई बारूदी सुरंगें व्यापार के लिए काल बनी हुई हैं। वैश्विक नेता अब ईरान से इन घातक हमलों को तुरंत रोकने की मांग कर रहे हैं।


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