USA Iran War : मिडिल ईस्ट में जारी जंग अब एक बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुँच गई है। सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास परिसर में भीषण आग लग गई है। रॉयटर्स और एएफपी की रिपोर्ट्स के अनुसार दूतावास पर दो ड्रोन से हमला किया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने राजनयिक क्षेत्र से धुएं का काला गुबार उठता हुआ देखा है। सऊदी अरब के रक्षा मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर इस हमले की पुष्टि की है। मंत्रालय के अनुसार शुरुआती आकलन में दो ड्रोन के जरिए हमला होना पाया गया है। हालांकि राहत की बात यह है कि इस घटना में कोई हताहत नहीं हुआ है। फिलहाल दूतावास के एक हिस्से में आग लगने से मामूली भौतिक नुकसान हुआ है। इस हमले के बाद अमेरिका और ईरान के बीच सीधी जंग की आशंका काफी बढ़ गई है।
ईरान का खाड़ी देशों पर बड़ा सैन्य पलटवार
ईरान ने अपनी सैन्य कार्रवाई को तेज करते हुए कई खाड़ी देशों को निशाना बनाया है। यूएई और कतर में भी ईरान ने ड्रोन और मिसाइल से हमले किए हैं। ईरान ने इसे अमेरिका और इजरायल द्वारा किए गए हमलों का बदला बताया है। ईरानी सेना ने इन देशों के प्रमुख सैन्य ठिकानों और बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। इन हमलों के बाद पूरे क्षेत्र में हवाई हमले के अलर्ट जारी किए गए हैं। क्षेत्र के कई हिस्सों में भारी नुकसान और जानमाल की हानि की खबरें हैं। स्थिति को देखते हुए खाड़ी देशों ने अपनी वायु रक्षा प्रणाली को और मजबूत कर दिया है।
राष्ट्रपति ट्रंप ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी
अमेरिकी दूतावास पर हुए इस हमले के बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। ट्रंप ने न्यूज़नेशन को दिए इंटरव्यू में कहा कि अमेरिका इसका करारा जवाब देगा। उन्होंने संकेत दिया कि जवाबी कार्रवाई बहुत जल्द और प्रभावी तरीके से की जाएगी। पेंटागन ने अब तक मध्य-पूर्व अभियानों में छह अमेरिकी सैनिकों की मौत की पुष्टि की है। हालांकि ट्रंप ने संकेत दिया कि हताहत होने वाले सैनिकों की संख्या इससे अधिक हो सकती है। ट्रंप के इस बयान के बाद इलाके में युद्ध के और भीषण होने की संभावना है। अमेरिकी सेना अब बड़े हमले की योजना बना रही है।
अमेरिकी नागरिकों के लिए शेल्टर-इन-प्लेस अलर्ट
सऊदी अरब में मौजूद अमेरिकी मिशन ने 3 मार्च 2026 के लिए सुरक्षा अलर्ट जारी किया है। जेद्दा, रियाद और धहरान में रहने वाले अमेरिकी नागरिकों को तुरंत सुरक्षित स्थानों पर रहने को कहा गया है। मिशन ने गैर-जरूरी यात्रा पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया है। विशेष रूप से सैन्य प्रतिष्ठानों के आसपास जाने से बचने की सलाह दी गई है। अमेरिकी नागरिकों से कहा गया है कि वे अपनी व्यक्तिगत सुरक्षा योजनाओं की समीक्षा करें। सुरक्षा अलर्ट के अनुसार स्थिति की लगातार निगरानी की जा रही है। दूतावास प्रशासन किसी भी आपात स्थिति के लिए स्थानीय अधिकारियों के संपर्क में है।
अम्मान में अमेरिकी दूतावास को किया गया खाली
रियाद में हुए धमाकों से कुछ घंटे पहले जॉर्डन की राजधानी अम्मान में भी हलचल देखी गई। वहां के अमेरिकी दूतावास को एक अज्ञात खतरे के कारण अस्थायी रूप से खाली करा लिया गया। दूतावास के सभी कर्मचारियों को परिसर से बाहर सुरक्षित स्थानों पर भेज दिया गया है। सोशल मीडिया पर जारी सुरक्षा अलर्ट में इसे सावधानी के तौर पर उठाया गया कदम बताया गया। हालांकि खतरे के सटीक स्वरूप के बारे में कोई आधिकारिक जानकारी नहीं दी गई है। पूरे मिडिल ईस्ट में अमेरिकी राजनयिक केंद्रों की सुरक्षा अब सर्वोच्च स्तर पर बढ़ा दी गई है।
क्षेत्रीय स्थिति और सुरक्षा के कड़े इंतजाम
ईरान, इजरायल और अमेरिका के बीच जारी यह संघर्ष अब पूरे खाड़ी क्षेत्र को अपनी चपेट में ले रहा है। कई देशों ने ईरानी जवाबी हमलों के बाद अपनी हवाई सीमा की सुरक्षा बढ़ा दी है। रियाद हमले के समय दूतावास परिसर खाली था, जिससे बड़ी जनहानि टल गई। फॉक्स न्यूज के मुताबिक हमले के समय वहां कोई कर्मचारी मौजूद नहीं था। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस स्थिति पर गहरी चिंता व्यक्त कर रहा है। आने वाले कुछ घंटों में क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति में बड़े बदलाव होने की उम्मीद है। सभी देशों ने अपने नागरिकों को सुरक्षित ठिकानों पर रहने की हिदायत दी है।