पाकिस्तान में खाली होंगे अमेरिकी दूतावास, हमलों के डर से कराची-लाहौर से लौटने को कहा
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ईरान हमले के खिलाफ कराची में अमेरिकी कॉन्सुलेट में तीन दिन पहले हमला हुआ

पाकिस्तान में खाली होंगे अमेरिकी दूतावास, हमलों के डर से कराची-लाहौर से लौटने को कहा

अमेरिकी यात्रा एडवाइजरी भी जारी की गई है जिसमें पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों और चरमपंथी गतिविधियों की चेतावनी दी गई है।


पश्चिम एशिया में जारी अमेरिका-इजरायल और ईरान के बीच युद्ध का असर अब पाकिस्तान तक पहुंच गया है। बढ़ते सुरक्षा जोखिमों को देखते हुए अमेरिकी विदेश विभाग ने लाहौर और कराची स्थित अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के गैर-आपातकालीन सरकारी कर्मचारियों और उनके परिवारों को पाकिस्तान छोड़ने का आदेश दिया है। हालांकि इस्लामाबाद स्थित अमेरिकी दूतावास की स्थिति में फिलहाल कोई बदलाव नहीं किया गया है।

6 मार्च तक वीजा नियुक्तियां रद्द

लाहौर और कराची स्थित वाणिज्य दूतावासों ने मौजूदा हालात को देखते हुए 6 मार्च तक सभी वीजा अपॉइंटमेंट पहले ही रद्द कर दी थीं। अमेरिकी दूतावास ने आधिकारिक बयान में कहा है कि सुरक्षा जोखिमों और संभावित हिंसा को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

खामेनेई की मौत के बाद भड़के प्रदर्शन

28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमलों में अयातुल्लाह असली खामेनेई की मौत के बाद पाकिस्तान के कई शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए। कराची और लाहौर में सैकड़ों प्रदर्शनकारी अमेरिकी वाणिज्य दूतावासों के बाहर जमा हो गए।

कराची में कुछ प्रदर्शनकारियों ने वाणिज्य दूतावास परिसर में घुसने की कोशिश की, जिसके बाद झड़पों में कम से कम 9–10 लोगों की मौत की खबर है। लाहौर में भी छात्रों और मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने लगातार प्रदर्शन किए।

आतंकवादी हमलों की चेतावनी

अमेरिकी यात्रा परामर्श में पाकिस्तान में आतंकवादी हमलों और चरमपंथी गतिविधियों की चेतावनी दी गई है। बयान में कहा गया है कि आतंकी बिना चेतावनी के हमले कर सकते हैं और परिवहन केंद्रों, होटलों, बाजारों, मॉल, सैन्य ठिकानों, हवाई अड्डों, ट्रेनों, स्कूलों, अस्पतालों, पूजा स्थलों, पर्यटन स्थलों और सरकारी इमारतों को निशाना बना सकते हैं।

क्षेत्रीय संकट गहराया

अमेरिका और इजरायल द्वारा 28 फरवरी को ईरान पर किए गए संयुक्त हमले के बाद ईरान ने भी मिसाइल और ड्रोन हमलों से जवाबी कार्रवाई शुरू कर दी है। खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाए जाने की खबरों के बीच हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं।

इसी परिप्रेक्ष्य में अमेरिकी विदेश विभाग ने सऊदी अरब, ओमान और साइप्रस से भी गैर-आपातकालीन कर्मचारियों और उनके परिवारों को देश छोड़ने की अनुमति दी है।

मौजूदा घटनाक्रम से साफ है कि पश्चिम एशिया का संघर्ष अब व्यापक क्षेत्रीय अस्थिरता का रूप लेता जा रहा है, जिसका प्रभाव दक्षिण एशिया तक महसूस किया जा रहा है।

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