
Trump के इमरजेंसी टैरिफ पर रोक, अमेरिका को लौटाने पड़ सकते हैं ₹15 लाख करोड़
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने ट्रंप के द्वारा लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी करार कर दिया। अब अमेरिकी सरकार आज से इन टैरिफ की वसूली बंद कर रही है। इस फैसले से लगभग 175 अरब डॉलर का नुकसान हो सकता है।
अमेरिकी सरकार आज (मंगलवार) रात से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा लगाए गए इमरजेंसी टैरिफ की वसूली बंद कर देगी। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने तीन दिन पहले इन टैरिफ को 'गैरकानूनी' करार दिया था, जिसके बाद अमेरिकी कस्टम एंड बॉर्डर प्रोटेक्शन (CBP) ने आधिकारिक आदेश जारी कर दिया है। टैरिफ की ये वसूली मंगलवार रात 12:01 बजे (भारतीय समयानुसार सुबह 10:30 बजे) से बंद हो जाएगी। यह रोक 1977 के 'IEEPA' कानून के तहत लगाए गए टैरिफ पर लगी है। अर्थशास्त्रियों का मानना है कि अमेरिकी सरकार को करीब 175 अरब डॉलर (15.75 लाख करोड़ रुपये) कंपनियों को वापस करने पड़ सकते हैं।
'कोर्ट ने मुझे और ताकत दे दी'
सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले पर राष्ट्रपति ट्रंप ने कड़ी नाराजगी जताई है। अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर उन्होंने लिखा, 'सुप्रीम कोर्ट ने अनजाने में मुझे पहले से ज्यादा अधिकार दे दिए हैं। मैं अब से 'Supreme Court' को छोटे अक्षरों (small letters) में लिखूँगा क्योंकि मुझे इस फैसले का सम्मान नहीं है।'ट्रंप का दावा है कि भले ही एक कानून (IEEPA) के तहत टैरिफ रद्द हुए हों, लेकिन कोर्ट ने अन्य कानूनों के तहत टैरिफ लगाने की उनकी शक्ति को और मजबूत कर दिया है।
भारत पर क्या होगा असर?
भारत के लिए यह खबर मिली-जुली है। पिछले एक साल में भारतीय सामान पर टैरिफ 26% से 50% के बीच झूलता रहा है। अब कोर्ट के फैसले के बाद नया 15% ग्लोबल टैरिफ लागू होगा। हालांकि, यह राहत केवल 150 दिनों के लिए हो सकती है, जब तक अमेरिकी संसद (कांग्रेस) इसे आगे बढ़ाने की मंजूरी नहीं दे देती।
समझिए किन कानूनों के तहत लगते हैं टैरिफ?
सेक्शन काम क्या है? ट्रंप का इस्तेमाल
सेक्शन 232 राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए खतरा होने पर टैक्स स्टील और एल्युमिनियम पर लगाया
सेक्शन 301 गलत व्यापार नीतियों (जैसे चीन की चोरी) पर टैक्स चीन के खिलाफ इस्तेमाल
सेक्शन 122 आर्थिक संकट के समय 15% तक का इमरजेंसी टैक्स नया ग्लोबल टैरिफ इसी के तहत है।
क्या वसूला गया पैसा वापस मिलेगा?
फिलहाल सस्पेंस बरकरार है। CBP ने यह साफ नहीं किया है कि पिछले तीन दिनों में वसूला गया पैसा या उससे पहले की अरबों डॉलर की कमाई वापस की जाएगी या नहीं। यह फैसला सिर्फ IEEPA के तहत लगे टैरिफ पर है; 'सेक्शन 232' और 'सेक्शन 301' वाले पुराने टैरिफ जारी रहेंगे।

