
अमेरिका-ईरान में ऐतिहासिक शांति समझौता, दोनों पक्षों ने की पुष्टि
अमेरिका और ईरान के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते पर सहमति की खबर है। शुक्रवार को हस्ताक्षर संभव हैं, जबकि अगले 60 दिनों तक अहम मुद्दों पर चर्चा होगी।
अमेरिका और ईरान के बीच एक ऐतिहासिक शांति समझौते पर सहमति बनने की खबर है। बताया जा रहा है कि इस समझौते पर आगामी शुक्रवार को स्विट्जरलैंड में औपचारिक हस्ताक्षर किए जा सकते हैं। इसके बाद तेहरान के परमाणु कार्यक्रम सहित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक विस्तृत वार्ता होने की उम्मीद है।
शांति समझौते की घोषणा करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच समझौता अंतिम रूप ले चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि इसके मद्देनज़र होर्मुज जलडमरूमध्य को टोल-फ्री खोलने और नौसैनिक नाकेबंदी हटाने की मंजूरी दी जा रही है। हालांकि, ईरान के शीर्ष नेतृत्व की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है।
ईरान के उप-विदेश मंत्री काजेम गरीबाबादी ने बताया कि समझौता हो चुका है, लेकिन तेहरान इसकी शर्तों को शुक्रवार को हस्ताक्षर होने तक लागू नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि यह सफलता तेहरान में कतर के प्रतिनिधियों के साथ 14 घंटे से अधिक समय तक चली गहन वार्ता के बाद हासिल हुई है। पाकिस्तान के साथ-साथ कतर ने भी इस समझौते में महत्वपूर्ण मध्यस्थ की भूमिका निभाई है।
शहबाज शरीफ ने सबसे पहले किया ऐलान
पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने सोमवार तड़के करीब पौने तीन बजे सबसे पहले इस समझौते की घोषणा की। उन्होंने बताया कि अमेरिका और ईरान दोनों ने लेबनान समेत सभी मोर्चों पर सैन्य कार्रवाई को तत्काल और स्थायी रूप से रोकने पर सहमति जताई है।शरीफ ने अपने बयान में कहा कि यह समझौता कई क्षेत्रीय मध्यस्थों की मदद से हुई लंबी और जटिल कूटनीतिक बातचीत का परिणाम है। उनके अनुसार, इस कदम से पूरे मध्य पूर्व में तनाव कम करने की दिशा में नई उम्मीद जगी है और क्षेत्रीय स्थिरता को बढ़ावा मिलेगा।
कतर, सऊदी अरब और तुर्की की अहम भूमिका
पाकिस्तानी प्रधानमंत्री ने मध्यस्थता प्रक्रिया के दौरान कतर की नेतृत्व क्षमता और सहयोग की सराहना की। इसके साथ ही उन्होंने सऊदी अरब और तुर्की के योगदान को भी महत्वपूर्ण बताया। शरीफ ने कहा कि आने वाले दिनों में मध्यस्थ देशों की देखरेख में कई तकनीकी बैठकें आयोजित की जाएंगी, जिनका उद्देश्य समझौते के प्रभावी क्रियान्वयन की रूपरेखा तैयार करना होगा।
ट्रंप ने खाड़ी क्षेत्र में समुद्री गतिविधियों से जुड़े कुछ तत्काल कदमों की भी घोषणा की। माना जा रहा है कि समझौते के बाद क्षेत्रीय व्यापार, समुद्री यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर सकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है।
अगले 60 दिनों तक होगी विस्तृत बातचीत
जानकारी के मुताबिक, औपचारिक हस्ताक्षर के बाद तेहरान के परमाणु कार्यक्रम और अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर अगले 60 दिनों तक विस्तृत बातचीत का दौर चलेगा। अंतरराष्ट्रीय समुदाय इस समझौते को मध्य पूर्व में शांति और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में देख रहा है।

