कतर में गिरे अमेरिकी लड़ाकू विमान, खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर निशाना, ईरान में मृतकों की संख्या 555
x
इज़राइल के Beit Shemesh में अमेरिका-इज़राइल और ईरान के बीच जारी संघर्ष के बीच एक घातक ईरानी मिसाइल हमले के स्थल पर मलबा पड़ा हुआ है।

कतर में गिरे अमेरिकी लड़ाकू विमान, खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर निशाना, ईरान में मृतकों की संख्या 555

कुवैत के रक्षा मंत्रालय के हवाले से मीडिया रिपोर्ट्स बता रही हैं कि सोमवार सुबह कई अमेरिकी युद्धक विमान देश में क्रैश हो गए।


जैसे ही ईरान-अमेरिका और इजरायल संघर्ष तीसरे दिन में प्रवेश कर गया, दिनभर कुवैत और में बड़े हमलों की खबरें सामने आईं। लेबनान में इजरायल और हिजबुल्लाह ने एक-दूसरे पर फिर से हमले शुरू कर दिए। वहीं कुवैत में ईरानी ड्रोन ने अमेरिकी ठिकानों और कुवैत सिटी स्थित अमेरिकी दूतावास को निशाना बनाया। रविवार को ईरान के सर्वोच्च नेता आयतुल्लाह अली खामेनेई की मौत की पुष्टि के बाद ईरान ने यूएई, कुवैत, कतर और बहरीन में जवाबी हमले किए, जिससे पश्चिम एशिया में तनाव और बढ़ गया।

अमेरिकी विमान क्रैश

कुवैत के रक्षा मंत्रालय के अनुसार सोमवार सुबह कई अमेरिकी युद्धक विमान देश में क्रैश हो गए। रक्षा मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने बयान में कहा, “आज सुबह कई अमेरिकी युद्धक विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गए। सभी क्रू सदस्य सुरक्षित हैं।” उन्होंने यह भी बताया कि हादसे के कारणों की जांच की जा रही है।

बयान में आगे कहा गया, “अधिकारियों ने तुरंत खोज और बचाव अभियान शुरू किया। सभी क्रू सदस्यों को सुरक्षित निकालकर अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका मेडिकल परीक्षण और इलाज किया गया। उनकी स्थिति स्थिर है।" कुवैत का यह बयान उस समय आया है जब सोशल मीडिया पर एक अमेरिकी F-15 फाइटर जेट के क्रैश होने का वीडियो वायरल हो रहा है।



जैसे-जैसे यह संघर्ष पूर्ण युद्ध की ओर बढ़ता दिख रहा है, जिसकी चेतावनी ईरान पहले ही अमेरिका और इज़रायल को दे चुका था, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि ईरान पर बमबारी कम से कम चार से पांच सप्ताह तक जारी रह सकती है। वहीं ईरान ने स्पष्ट किया है कि वह अपनी रक्षा जारी रखेगा।

संघर्ष के फैलने के साथ ‘एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस’ सक्रिय

संघर्ष अब लेबनान तक फैल गया है। ईरान के तथाकथित “एक्सिस ऑफ रेजिस्टेंस” का हिस्सा माने जाने वाले हिज़्बुल्लाह ने उत्तरी इज़रायल के हाइफ़ा के पास एक सैन्य अड्डे पर रॉकेट और ड्रोन हमले किए। बयान में हिज़्बुल्लाह ने कहा, “प्रतिरोध नेतृत्व ने हमेशा कहा है कि इज़रायली आक्रामकता और हमारे नेताओं, युवाओं और लोगों की हत्या हमें आत्मरक्षा और उचित समय व स्थान पर जवाब देने का अधिकार देती है।”

इसके जवाब में इज़रायल ने भी प्रतिघात किया और लेबनान की राजधानी बेरूत पर हमले किए। यह तनाव नवंबर 2024 में इज़रायल और हिज़्बुल्लाह के बीच हुए युद्धविराम समझौते के बाद फिर बढ़ा है।

वहीं यमन में ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों ने लाल सागर के शिपिंग मार्गों और इज़रायल पर हमले फिर से शुरू करने का ऐलान किया है। इससे पहले हूतियों ने 2023–2024 के दौरान गाज़ा युद्ध के समय लाल सागर में अमेरिकी और इज़रायली झंडे वाले जहाज़ों के साथ-साथ इज़रायल के सहयोगी जहाज़ों को निशाना बनाया था।

मृतकों की संख्या में बढ़ोतरी

पश्चिम एशिया में मरने वालों की संख्या लगातार बढ़ रही है। ईरान के सरकारी मीडिया ने रेड क्रिसेंट के हवाले से बताया कि जारी हमलों में कम से कम 555 लोग मारे गए और 700 से अधिक घायल हुए हैं। इनमें से लगभग 115 लोगों की मौत मीनाब में हुई, जहां अमेरिकी–इज़रायली सैन्य हमले में एक लड़कियों के स्कूल को निशाना बनाया गया।

अमेरिकी सेना ने रविवार को घोषणा की कि ईरान पर हमलों के दौरान तीन अमेरिकी सैनिक मारे गए और पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हुए।

लेबनान में देश के दक्षिणी हिस्से में इज़रायली हमलों से 31 लोगों की मौत हुई है। स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार इज़रायल–हिज़्बुल्लाह संघर्ष में लगभग 149 लोग घायल हुए हैं। यूएई में दुबई और अबू धाबी पर हुए हमलों में तीन लोगों, एक पाकिस्तानी, एक नेपाली और एक बांग्लादेशी नागरिक की मौत हुई है।

इज़रायल में ईरानी हमलों के कारण लगभग नौ लोगों की जान गई है। इराक में दो लोगों की मौत हुई, जबकि कुवैत में एक व्यक्ति की जान गई है। जैसे-जैसे संघर्ष फैल रहा है और बमबारी जारी है, मृतकों की संख्या और बढ़ने की आशंका है।

Read More
Next Story