
ईरान को 'नरक' की चेतावनी: 3500 अमेरिकी मरीन कमांडो खाड़ी में तैनात
ईरान से युद्ध के बीच अमेरिका ने 3,500 मरीन सैनिक तैनात किए। USS त्रिपोली खाड़ी पहुँचा, ईरान ने अमेरिकी सैनिकों को 'ताबूत' में वापस भेजने की कड़ी चेतावनी दी है।
Israel/USA Vs Iran : ईरान और अमेरिका के बीच एक महीने से जारी भीषण संघर्ष के बीच खाड़ी क्षेत्र में तनाव अब अपने चरम पर पहुँच गया है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) ने आधिकारिक पुष्टि की है कि USS त्रिपोली (LHA 7) पर सवार 3,500 घातक मरीन नौसैनिक और नाविक शनिवार को मध्य पूर्व पहुँच चुके हैं। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि यह पिछले दो दशकों में इस क्षेत्र में अमेरिका का सबसे बड़ा और आक्रामक सैन्य जमावड़ा है। वर्तमान में इस संवेदनशील क्षेत्र में पहले से ही 50,000 अमेरिकी सैनिक तैनात हैं। इन नए मरीन कमांडोज के आने से अमेरिकी सैन्य शक्ति को भारी मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
U.S. Sailors and Marines aboard USS Tripoli (LHA 7) arrived in the U.S. Central Command area of responsibility, March 27. The America-class amphibious assault ship serves as the flagship for the Tripoli Amphibious Ready Group / 31st Marine Expeditionary Unit composed of about… pic.twitter.com/JFWiPBbkd2
— U.S. Central Command (@CENTCOM) March 28, 2026
CENTCOM ने दी तैनाती की जानकारी
अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर इस महत्वपूर्ण तैनाती की जानकारी साझा की है। विभाग ने बताया कि 27 मार्च को USS त्रिपोली ने अपनी जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में प्रवेश कर लिया है। यह एक आधुनिक अमेरिका-क्लास एम्फीबियस असॉल्ट शिप है। यह जहाज 31वें मरीन एक्सपेडिशनरी यूनिट के मुख्य फ्लैगशिप के रूप में काम करता है। जारी की गई तस्वीरों में अमेरिकी सैनिक पूरी तरह से युद्धक मोड में नजर आ रहे हैं।
ताइवान से अचानक बदला गया रुख
USS त्रिपोली और मरीन यूनिट के ये सैनिक पहले जापान में तैनात थे। पिछले कुछ दिनों से वे ताइवान के पास युद्ध अभ्यास में व्यस्त थे। अचानक आदेश मिलने पर उन्हें दो सप्ताह पहले ही मध्य पूर्व की ओर रवाना कर दिया गया था। इस जहाज पर केवल सैनिक ही नहीं बल्कि भारी मात्रा में युद्धक सामग्री भी मौजूद है। इसमें खतरनाक स्ट्राइक फाइटर जेट्स, ट्रांसपोर्ट एयरक्राफ्ट और एम्फीबियस असॉल्ट वाहन भी शामिल हैं।
अमेरिका की बड़ी घेराबंदी की तैयारी
वाशिंगटन केवल USS त्रिपोली तक ही सीमित नहीं है। रिपोर्ट के अनुसार सान डिएगो से USS बॉक्सर और दो अन्य जहाजों को भी खाड़ी भेजा गया है। इतनी बड़ी संख्या में नौसेना और थल सेना की मौजूदगी ने दुनिया भर में हलचल पैदा कर दी है। कई विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका अब ईरान के खिलाफ किसी बड़े जमीनी ऑपरेशन की योजना बना रहा है।
ग्राउंड ऑपरेशन की बढ़ती अटकलें
वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि इन अतिरिक्त सैनिकों का मकसद राष्ट्रपति ट्रंप को सैन्य विकल्प देना है। 28 फरवरी को ईरान पर हुए हमलों के बाद से ही स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। हालांकि राष्ट्रपति ट्रंप ने बार-बार कहा है कि वे शांति वार्ता के पक्षधर हैं। लेकिन जमीनी स्तर पर अमेरिका की तैयारी कुछ और ही कहानी बयां कर रही है।
ईरान की "नरक में स्वागत" वाली चेतावनी
ईरानी मीडिया ने इस अमेरिकी कदम पर बहुत ही आक्रामक प्रतिक्रिया दी है। ईरान के प्रमुख अखबार 'तेहरान टाइम्स' ने अपनी पहली हेडलाइन में "वेलकम टू हेल" लिखा है। अखबार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि अमेरिकी सैनिक केवल ताबूतों में ही वापस लौटेंगे। फिलहाल ये सैनिक ईरान के महत्वपूर्ण तेल निर्यात टर्मिनल खार्ग द्वीप के काफी करीब तैनात किए जा सकते हैं।

