ट्रंप का खुलासा: अमेरिका करेगा वेनेजुएला पर कंट्रोल! बेचेगा उसका तेल
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ट्रंप का खुलासा: अमेरिका करेगा वेनेजुएला पर कंट्रोल! बेचेगा उसका तेल

मादुरो की गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका देश की तेल संरचना को सुधारने और बड़ी मात्रा में तेल अन्य देशों को बेचने के लिए इसका नेतृत्व करेगा।


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अमेरिका ने एक सैन्य अभियान के तहत वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को सत्ता से हटा दिया। राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि अमेरिका इस लैटिन अमेरिकी देश को कम से कम अस्थायी रूप से चलाएगा और उसके विशाल तेल भंडार को अन्य देशों को बेचने के लिए इस्तेमाल करेगा। यह कार्रवाई ट्रंप प्रशासन की लंबे समय से जारी दबाव रणनीति और महीनों की गुप्त योजना का नतीजा है, जिसे अमेरिका द्वारा 2003 में इराक पर हमले के बाद से सबसे बड़ा कदम माना जा रहा है। कानूनी विशेषज्ञों ने तुरंत ही इस ऑपरेशन की वैधता पर सवाल उठाए।

ट्रंप की घोषणा

मादुरो की गिरफ्तारी के कुछ घंटों बाद ट्रंप ने कहा कि अमेरिका देश की तेल संरचना को सुधारने और बड़ी मात्रा में तेल अन्य देशों को बेचने के लिए इसका नेतृत्व करेगा। उन्होंने दावा किया कि अमेरिकी सरकार देश चला रही है। हालांकि तत्काल कोई स्पष्ट संकेत नहीं मिले। ट्रंप ने कहा कि हम देश को तब तक चलाएंगे जब तक हम सुरक्षित, उचित और न्यायपूर्ण संक्रमण सुनिश्चित न कर सकें। उन्होंने इस अभियान को “बेहद सफल” बताते हुए कहा कि यह अमेरिका की संप्रभुता या नागरिकों की सुरक्षा को खतरे में डालने वालों के लिए चेतावनी है। ट्रंप ने सोशल मीडिया पर मादुरो की तस्वीर भी साझा की, जिसमें वे स्टीटसूट और आंखों पर पट्टी पहने दिखाई दे रहे हैं।

कैसे हुआ ऑपरेशन?

इस अभियान को "एब्सोल्यूट रिजॉल्व" नाम दिया गया और इसे महीनों की गुप्त तैयारी के बाद अंजाम दिया गया। इसके तहत अमेरिकी बलों को दक्षिण अमेरिकी तटों पर मजबूत किया गया और ड्रग्स ले जाने के आरोप वाले जहाजों पर हमले किए गए। पिछले हफ्ते सीआईए ने ड्रोन स्ट्राइक के तहत मादुरो से जुड़े एक डॉकिंग क्षेत्र को निशाना बनाया, यह अमेरिकी हमले का वेनेजुएला में पहला ज्ञात ऑपरेशन था। साथ ही, अमेरिकी खुफिया एजेंसियां मादुरो के डेली रूटीन का अध्ययन कर रही थीं और विशेष बल उनके जबरन हटाने की योजना की गुप्त प्रैक्टिस कर रहे थे।

सुरक्षा और तैयारी

ट्रंप ने बताया कि ऑपरेशन से पहले मादुरो के आवास की पूरी तरह से प्रतिकृति बनाई गई, ताकि सेना अभ्यास कर सके। इसमें विशेष उपकरण भी रखे गए, जैसे “मासिव ब्लो-टॉर्चेस”, ताकि अगर सुरक्षित कमरे की स्टील की दीवार काटनी पड़ी तो आसानी से काम किया जा सके। जॉइंट चीफ्स ऑफ स्टाफ के चेयरमैन जनरल डैन केन ने कहा कि अमेरिकी बल महीनों से मादुरो के हर विवरण का अध्ययन कर अभ्यास कर रहे थे – उनके रहन-सहन, कपड़े और यहां तक कि पालतू जानवर भी।

अधिकारियों की रणनीति

ऑपरेशन में हेलीकॉप्टर पानी के पास से उड़ान भरते हुए काराकास में दाखिल हुए, जबकि अमेरिकी विमान ऊपर से सुरक्षा कवर दे रहे थे। ट्रंप ने कहा कि काराकास की ज्यादातर लाइट बंद कर दी गई थी। यह हमला अमेरिकी रक्षा सचिव पीट हेगसेथ के अनुसार, विशाल संयुक्त सैन्य और कानून प्रवर्तन कार्रवाई का हिस्सा था और यह 30 मिनट से भी कम समय में पूरा हुआ।

वेनेजुएला में हताहत

काराकास में कम से कम सात धमाके सुने गए। देश की उपराष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने कहा कि कुछ नागरिक और सैनिक मारे गए। उन्होंने टेलीविजन पर कहा कि मादुरो को तुरंत रिहा किया जाए और वे देश के वैध नेता हैं, साथ ही उन्होंने अमेरिका के साथ “सम्मानजनक संबंध” बनाए रखने का संकेत भी दिया। स्थानीय निवासियों ने कहा कि आधी रात को विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं।

अमेरिका की आगे की योजना

ट्रंप ने कहा कि मादुरो और उनकी पत्नी को अमेरिकी युद्धपोत पर ले जाया गया और न्यूयॉर्क में उन्हें न्याय विभाग के आरोपों का सामना करना पड़ेगा। आरोपों में मादुरो को नार्को-आतंकवाद में शामिल बताया गया है। ट्रंप ने यह भी कहा कि उनके पीछे खड़े अधिकारी वेनेजुएला के लोगों के साथ काम करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर अमेरिकी सेना की मौजूदगी भी हो सकती है।

वैधता पर सवाल

इस कार्रवाई के लिए कांग्रेस की मंजूरी नहीं ली गई थी। अमेरिकी कानून और अंतरराष्ट्रीय नियमों के तहत इसकी वैधता पर गंभीर सवाल उठाए जा रहे हैं। कांग्रेस के कुछ नेताओं ने तुरंत इस कार्रवाई की निंदा की। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को कोलंबिया की आपात बैठक की मांग पर सोमवार सुबह अमेरिकी ऑपरेशन पर बैठक करनी है।

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