
नोबेल पुरस्कार और राजनीति: मचाडो ने ट्रंप को दिया पदक, लेकिन अटक गया मामला!
Venezuelan crisis: मचाडो का यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया, जब हाल ही में ट्रंप ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के साथ काम करने की इच्छा जताई थी।
US-Venezuela relations: वैसे तो नोबेल शांति पुरस्कार सिर्फ सम्मान होता है, लेकिन कभी वह राजनीति का सबसे शक्तिशाली संदेश बन जाता है। वेनेजुएला की विपक्षी नेता मारिया कोरिना मचाडो ने ऐसा ही एक चौंकाने वाला कदम उठाया, जब उन्होंने अपना नोबेल शांति पुरस्कार अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को सौंपने की बात कही। यह सिर्फ एक मुलाकात नहीं थी, बल्कि वेनेजुएला की आजादी, सत्ता की राजनीति और वैश्विक कूटनीति से जुड़ा एक बड़ा संकेत था। मचाडो का कहना है कि वे वेनेजुएला की आजादी के लिए राष्ट्रपति ट्रंप पर भरोसा कर रही हैं।
हालांकि, नोबेल पुरस्कार देने वाली संस्था ने साफ कर दिया है कि यह पुरस्कार न तो किसी को दिया जा सकता है, न शेयर किया जा सकता है और न ही रद्द किया जा सकता है। इसलिए कानूनी रूप से यह सम्मान मारिया मचाडो के पास ही रहेगा।
व्हाइट हाउस में ट्रंप से मुलाकात के बाद मचाडो ने कहा कि उन्होंने ट्रंप को पदक देने की बात कही थी। लेकिन यह साफ नहीं है कि ट्रंप ने वह पदक स्वीकार किया या नहीं। इस मामले पर व्हाइट हाउस की ओर से भी कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।
मचाडो का यह कदम ऐसे समय पर उठाया गया, जब हाल ही में ट्रंप ने वेनेजुएला की कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिग्ज के साथ काम करने की इच्छा जताई थी और मचाडो को कुछ हद तक नजरअंदाज कर दिया था। गौरतलब है कि जब 2025 में मचाडो को नोबेल शांति पुरस्कार मिला था, तब उन्होंने यह सम्मान वेनेजुएला की जनता और डोनाल्ड ट्रंप को समर्पित किया था।
यह यात्रा मचाडो के लिए खतरनाक भी मानी जा रही थी। पिछले साल उन्होंने देश छोड़ दिया था और तब से उनके ठिकाने को लेकर ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है। ट्रंप के साथ बंद कमरे में बातचीत के बाद मचाडो ने बाहर गेट पर इंतजार कर रहे अपने समर्थकों से मुलाकात की और उनका अभिवादन किया। इसके बाद मचाडो ने कैपिटल हिल में जाकर रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक पार्टियों के एक दर्जन से ज्यादा सीनेटरों से मुलाकात की।
इस दौरान व्हाइट हाउस की प्रेस सचिव कैरोलिन लीविट ने कहा कि ट्रंप मचाडो से मिलने के इच्छुक थे, लेकिन उनका मानना है कि फिलहाल मचाडो के पास देश का नेतृत्व करने के लिए पर्याप्त समर्थन नहीं है। मचाडो दिसंबर में समुद्र के रास्ते साहसिक तरीके से वेनेजुएला से भागी थीं, अब ट्रंप और वेनेजुएला सरकार के बीच भरोसा जीतने की कोशिश कर रही हैं। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भविष्य में वेनेजुएला की सत्ता में उनकी अहम भूमिका बनी रहे।

