अपनी संपत्ति सार्वजनिक करेंगे SC के सभी जज, जस्टिस वर्मा केस का असर?

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, दिल्ली हाईकोर्ट के जस्टिस यशवंत वर्मा के घर आग के दौरान कैश मिलने के बाद ये निर्णय 1 अप्रैल को हुई पूर्ण अदालत की बैठक में लिया गया;

Update: 2025-04-03 11:00 GMT
CJI संजीव खन्ना ने ये बड़ा आदेश जारी किया है

एक महत्वपूर्ण निर्णय के तहत, सुप्रीम कोर्ट के सभी जज अपनी संपत्तियों की सार्वजनिक घोषणा करेंगे। यह घोषणा भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) को सौंपी जाएगी और सुप्रीम कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट पर प्रकाशित की जाएगी।

मीडिया रिपोर्ट्स में  सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि यह निर्णय 1 अप्रैल को आयोजित पूर्ण अदालत की बैठक में लिया गया। हालांकि, इस प्रस्ताव की आधिकारिक प्रति अभी तक सार्वजनिक नहीं की गई है।

जस्टिस यशवंत वर्मा मामले का असर

यह कदम ऐसे समय में उठाया गया है जब न्यायपालिका की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, 14 मार्च को दिल्ली हाई कोर्ट के जज यशवंत वर्मा के आवास पर आग लगने की घटना के दौरान वहां कथित रूप से बेहिसाब नकदी मिली थी। उनमें की जले हुए नोट भी थे।

इस मामले की जांच के लिए वर्तमान में एक आंतरिक न्यायिक जांच समिति कार्यरत है। 1997 में, सुप्रीम कोर्ट की पूर्ण पीठ ने यह प्रस्ताव पारित किया था कि सभी जजों को अपनी संपत्तियों की जानकारी मुख्य न्यायाधीश को देनी होगी।

तत्कालीन मुख्य न्यायाधीश जे. एस. वर्मा की अध्यक्षता में यह निर्णय लिया गया था कि "हर न्यायाधीश को अपनी और अपने आश्रितों की सभी अचल संपत्तियों और निवेश की जानकारी CJI को देनी होगी।"

पहले भी हुई ऐसी पहल

2009 में, एक अन्य पूर्ण अदालत की बैठक में यह निर्णय लिया गया था कि न्यायाधीशों की संपत्तियों की जानकारी सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट पर "पूरी तरह स्वैच्छिक आधार" पर सार्वजनिक की जाएगी।

हालांकि, 2018 के बाद गोपनीयता चिंताओं का हवाला देते हुए CJI को दी जाने वाली संपत्ति घोषणाओं को सार्वजनिक नहीं किया गया।

2019 में, सुप्रीम कोर्ट ने एक फैसले में कहा था कि न्यायाधीशों की व्यक्तिगत संपत्तियां और देनदारियां "व्यक्तिगत जानकारी" की श्रेणी में नहीं आती हैं।

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